प्रदेश में 2 से 6 अक्टूबर तक फिर एक्टिव होगा मानसून, भारी बारिश का येलो अलर्ट, पटना में बदलेगा मौसम
पटना। बिहार में सितंबर के अंतिम दिनों में मौसम धीरे-धीरे सामान्य होता दिखाई दिया था। लोगों को लगा कि अब बरसात का सिलसिला थम चुका है, लेकिन मौसम विभाग की नई चेतावनी ने स्पष्ट कर दिया है कि मानसून अभी पूरी तरह विदा नहीं हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र ने 2 से 6 अक्टूबर तक प्रदेश में मानसून के फिर से सक्रिय होने की संभावना जताई है। इस दौरान कई जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
फिलहाल मौसम का हाल
राजधानी पटना और आसपास के इलाकों में फिलहाल मौसम शुष्क बना हुआ है। सोमवार को सुबह से ही तेज धूप निकली, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ा। दिनभर तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। हालांकि शाम को हल्की हवा चलने से थोड़ी राहत जरूर मिली, लेकिन रात में उमस बनी रहने की संभावना है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के किसी भी जिले में बारिश दर्ज नहीं की गई, जिससे लोग सामान्य मौसम का अनुभव कर रहे थे।
मानसून के सक्रिय होने की वजह
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में एक निम्न दबाव का क्षेत्र सक्रिय हो रहा है। यह 1 अक्टूबर तक और मजबूत हो सकता है। इसके प्रभाव से 2 अक्टूबर से बिहार में पुरवा हवा का असर दिखाई देगा। यह हवा समुद्र से नमी लेकर आएगी और यही नमी मानसून को दोबारा सक्रिय कर देगी। इस अवधि में विशेष रूप से उत्तर और पूर्वी बिहार के जिलों में भारी और अति भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।
बारिश का असर किन जिलों पर होगा
मौसम विभाग के अनुसार, शुरुआती दिनों में यानी 2 और 3 अक्टूबर को पटना, समस्तीपुर, नालंदा, वैशाली और मुजफ्फरपुर जैसे जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं 4 और 5 अक्टूबर को इन जिलों में तेज बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा, सीतामढ़ी, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, कटिहार और किशनगंज जैसे जिलों में भी अच्छी बारिश की संभावना है।
नदियों के उफान का खतरा
भारी बारिश का सबसे बड़ा असर नदियों पर पड़ सकता है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि उत्तर बिहार की प्रमुख नदियां जैसे गंडक, कोसी, बागमती और कमला बलान अचानक उफान पर आ सकती हैं। अगर जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार बारिश हुई तो निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति बनेगी। इससे कुछ जगहों पर बाढ़ जैसे हालात भी उत्पन्न हो सकते हैं।
प्रशासन और लोगों के लिए चेतावनी
विभाग ने स्थानीय प्रशासन को अलर्ट रहने की सलाह दी है। खासकर नदियों के किनारे बसे गांवों में लोगों को सतर्क रहने की अपील की गई है। ऐसे इलाकों में अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है ताकि किसी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके। प्रशासन को बाढ़ नियंत्रण और राहत सामग्री की तैयारी पहले से रखने को कहा गया है।
आम लोगों पर असर
अक्टूबर की शुरुआत में अचानक मौसम बदलने से आम लोगों की दिनचर्या पर भी असर पड़ेगा। जहां एक ओर उमस और गर्मी से परेशान लोग राहत महसूस करेंगे, वहीं भारी बारिश से ग्रामीण इलाकों में फसलें प्रभावित हो सकती हैं। शहरों में जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। बिहार में मानसून के दोबारा सक्रिय होने की यह संभावना बताती है कि मौसम अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुआ है। अगले कुछ दिनों तक लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों को भी सावधानी बरतनी होगी ताकि भारी बारिश और संभावित बाढ़ जैसी परिस्थितियों का सामना बिना किसी नुकसान के किया जा सके।


