January 16, 2026

सारण में लापता बच्चे का शव बरामद, 11 दिनों से था गायब, परिवार में मचा कोहराम

सारण। जिले के अमनौर थाना क्षेत्र से रविवार देर रात एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां 11 दिनों से लापता एक किशोर का शव बरामद होने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान मंदरौली गांव निवासी राजन गुप्ता के 11 वर्षीय पुत्र शिवम कुमार के रूप में हुई है। शिवम सात बहनों के बीच परिवार का इकलौता बेटा था और माता-पिता का बेहद लाड़ला माना जाता था। शव मिलने की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया, जबकि गांव में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया है। घटना अमनौर थाना क्षेत्र के फिरोजपुर जहरी सती गांव के पास नहर किनारे तरवाना झाड़ी की है। जानकारी के अनुसार रविवार शाम गांव की कुछ महिलाएं नहर किनारे खर-पतवार काटने गई थीं। इसी दौरान झाड़ियों के बीच एक शव दिखाई दिया। महिलाओं ने जब पास जाकर देखा तो घबराकर चीखने लगीं और शोर मचाते हुए गांव की ओर दौड़ पड़ीं। इसके बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया और देखते ही देखते घटनास्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए। मामले की जानकारी मिलते ही अमनौर थाना अध्यक्ष हेमंत कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। शव की पहचान मृतक की छोटी बहन मोनी ने कपड़ों के आधार पर की। मोनी ने पुलिस और ग्रामीणों को बताया कि शिवम आखिरी बार इन्हीं कपड़ों में घर से निकला था। शिनाख्त होते ही परिजन दहाड़ मारकर रोने लगे और घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। परिजनों ने बताया कि 31 दिसंबर 2025 की संध्या शिवम घर के पास खेल रहा था। देर शाम तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने पहले आसपास खोजबीन की, लेकिन कहीं कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद परिजनों ने अमनौर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर खोजबीन शुरू की और जांच का दायरा बढ़ाते हुए डॉग स्क्वायड तथा एनडीआरएफ की टीम को भी लगाया गया। दोनों टीमों ने गांव और आसपास के इलाकों में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन लगातार 11 दिनों तक शिवम का कोई पता नहीं चल पाया था। शव की स्थिति को देखकर पुलिस और ग्रामीणों के बीच हत्या की आशंका गहरी हो गई है। पुलिस का मानना है कि अपराधियों ने शिवम की हत्या कहीं और की और फिर साक्ष्य मिटाने के इरादे से शव को नहर किनारे झाड़ियों में फेंक दिया। खास बात यह भी सामने आई कि शव से ज्यादा दुर्गंध नहीं आ रही थी और न ही जंगली जानवरों द्वारा नोचे जाने के निशान मिले। शिवम का सिर कुचले होने जैसा प्रतीत हो रहा था, जबकि घटनास्थल के आसपास खून के छींटे भी नहीं मिले। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि हत्या संभवतः तीन से चार दिन पहले किसी अन्य स्थान पर की गई होगी और बाद में शव यहां लाकर फेंका गया। मृतक शिवम मिडिल स्कूल मंदरौली में कक्षा पांच का छात्र था। ग्रामीणों के मुताबिक वह पढ़ाई में काफी होनहार था और स्वभाव से भी शांत था। उसके अचानक गायब होने और फिर शव मिलने से गांव में मातम छा गया है। लोगों का कहना है कि यह घटना बेहद जघन्य है और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी होनी चाहिए। मृतक के पिता राजन गुप्ता ने रोते-बिलखते बताया कि शिवम परिवार का एकमात्र बेटा था। उन्होंने कहा कि 31 दिसंबर को शिवम खाना लेकर उनकी दुकान पर आया था, फिर घर जाकर भोजन किया और खेलने निकल गया, लेकिन वापस नहीं लौटा। परिवार में सात बेटियां हैं, जिनमें तीन की शादी हो चुकी है, जबकि एक बेटी की शादी 5 मई को तय है। शिवम की मौत ने परिवार की खुशियां पूरी तरह छीन ली हैं। पिता राजन गुप्ता, मां अनिता देवी और अन्य परिजन सदमे में हैं और लगातार बेसुध हो रहे हैं। ग्रामीणों में आक्रोश इतना अधिक है कि लोग जल्द से जल्द गिरफ्तारी और कठोर सजा की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया जाएगा और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। अब सवाल यह है कि आखिर 11 वर्षीय मासूम शिवम की हत्या किसने और क्यों की? पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही इस रहस्य पर पर्दा उठ सकेगा।

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