January 16, 2026

समस्तीपुर में जहरीली शराब से अधेड़ की मौत, भाई की आंखों की रोशनी गई, मचा हड़कंप

समस्तीपुर। बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बावजूद जहरीली शराब से मौत के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ताजा मामला समस्तीपुर जिले के सरायरंजन प्रखंड से सामने आया है, जहां जहरीली शराब पीने से एक अधेड़ व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि उसके बेटे की आंखों की रोशनी पूरी तरह चली गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और शराबबंदी की प्रभावशीलता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
कैसे हुआ पूरे मामले का खुलासा
इस मामले का खुलासा तब हुआ जब मृतक की बहू राधा देवी ने मुसरीघरारी थाना पहुंचकर आवेदन दिया और पूरे घटनाक्रम की जानकारी पुलिस को दी। बहू के आवेदन के बाद पुलिस और प्रशासन हरकत में आया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एएसपी और एसडीओ खुद गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार से बातचीत कर घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने तत्काल जांच के निर्देश दिए और फॉरेंसिक जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी।
मृतक और पीड़ित की पहचान
पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के बखरी बुजुर्ग गांव के वार्ड संख्या 12 निवासी बालेश्वर साह के रूप में हुई है, जिनकी उम्र लगभग 60 वर्ष बताई जा रही है। वहीं, उनके बेटे बबलू कुमार साह, उम्र करीब 36 वर्ष, इस घटना में गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं। शराब पीने के बाद बबलू की दोनों आंखों की रोशनी चली गई है, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
शराब पीने के बाद बिगड़ी हालत
परिजनों के बयान के अनुसार 1 जनवरी की शाम गांव के ही एक कथित शराब धंधेबाज अरविंद कुमार साह उर्फ बंठा से चार बोतल शराब मंगवाई गई थी। उस शाम बालेश्वर साह और उनके बेटे बबलू ने तीन बोतल शराब पी थी। शराब पीने के कुछ ही समय बाद दोनों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। पहले परिजनों ने इसे सामान्य तबीयत खराब होना समझा और स्थानीय डॉक्टर से इलाज कराया।
इलाज के दौरान हुई मौत
जब स्थानीय स्तर पर इलाज से कोई सुधार नहीं हुआ, तो 3 जनवरी को दोनों को समस्तीपुर के एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान बालेश्वर साह की हालत लगातार बिगड़ती चली गई और अंततः उनकी मौत हो गई। परिजनों ने उनका अंतिम संस्कार भी कर दिया। वहीं, बबलू की स्थिति बेहद गंभीर हो गई। डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया।
बेटे की आंखों की रोशनी चली गई
पटना में इलाज के दौरान डॉक्टरों ने परिजनों को बताया कि जहरीली शराब के असर से बबलू की दोनों आंखों की रोशनी स्थायी रूप से चली गई है। यह सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया। बबलू अब पूरी तरह दृष्टिहीन हो चुका है और उसे जीवनभर इस त्रासदी के साथ जीना होगा। परिवार की आर्थिक और मानसिक स्थिति भी बेहद खराब हो गई है।
जहरीली शराब बेचने का आरोप
मृतक की बहू राधा देवी ने आरोप लगाया है कि गांव के ही शराब धंधेबाज अरविंद कुमार साह उर्फ बंठा ने उन्हें जहरीली शराब बेची थी। उनका कहना है कि शराब की बोतलों पर टेट्रा पैक अंकित था और वह शराब करीब छह महीने पहले ही एक्सपायर हो चुकी थी। इसी जहरीली और अवैध शराब के सेवन से यह हादसा हुआ। घटना के बाद से ही आरोपी धंधेबाज गांव से फरार बताया जा रहा है।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने पीड़ित परिवार के बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है। एएसपी संजय पांडेय ने बताया कि पूरे मामले की जांच के लिए एफएसएल टीम को लगाया गया है। शराब के सैंपल, पीड़ितों की मेडिकल रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
गांव में दहशत और आक्रोश
इस घटना के बाद बखरी बुजुर्ग गांव और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। लोग डरे हुए हैं और अवैध शराब के धंधे को लेकर गुस्सा भी है। ग्रामीणों का कहना है कि शराबबंदी के बावजूद गांवों में चोरी-छिपे जहरीली शराब बेची जा रही है, जिस पर प्रशासन की सख्त निगरानी जरूरी है।
शराबबंदी पर फिर उठे सवाल
समस्तीपुर की यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि शराबबंदी कानून जमीन पर कितना प्रभावी है। जहरीली शराब से मौत और आंखों की रोशनी जाने जैसी घटनाएं यह दिखाती हैं कि अवैध शराब का नेटवर्क अब भी सक्रिय है। लोग मांग कर रहे हैं कि प्रशासन ऐसे मामलों में सिर्फ कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि अवैध शराब के पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करे, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

 

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