January 28, 2026

मुख्यमंत्री की अगुवाई में एनडीए घटक दलों की बैठक, चुनाव की आगामी रणनीति को लेकर कई मुद्दों पर हुई चर्चा

  • नीतीश बोले- आप लोग चुनाव के लिए तैयार रहिए, एक एक चीज पर बढ़िया से काम करना है

पटना। बिहार उपचुनाव के बीच सीएम नीतीश कुमार की अगुवाई में सोमवार को एनडीए नेताओं की बड़ी बैठक हुई। मुख्यमंत्री आवास में 11 बजे बैठक शुरू हुई और दोपहर 2 बजे समाप्त हुई। इस बैठक में एनडीए के सभी सांसद, विधायक, 20 सूत्री के अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष सहित एनडीए घटक दलों के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। बिहार उपचुनाव और 2025 के विधानसभा चुनाव के लिहाज से इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा है। यह बैठक मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई। बैठक में एनडीए गठबंधन के सभी घटक दलों के बड़े नेताओं ने हिस्सा लिया। सीएम आवास में आयोजित इस बैठक में नीतीश कुमार ने आगामी रणनीति को लेकर नेताओं के साथ बातचीत की। इसके साथ-साथ उन्होंने आगामी चुनाव को लेकर सभी नेताओं से तैयार रहने को कहा।
बैठक में नीतीश ने दिए टिप्स, कहा- आपलोग चुनाव के लिए तैयार रहिए
मंगलवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एनडीए की बैठक में गठबंधन के सभी घटक दलों के नेताओं को संबोधित करते हुए आगामी चुनावों की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आने वाले उपचुनाव के लिए सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर काम करना होगा। उन्होंने एनडीए नेताओं से आग्रह किया कि वे अपनी-अपनी पार्टियों के कार्यकर्ताओं को प्रेरित करें ताकि वे सरकार की योजनाओं और नीतियों को हर घर तक पहुंचाएं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि एनडीए का विजन और सरकार की उपलब्धियों की जानकारी जनता तक पहुंचाना बेहद आवश्यक है। उन्होंने सभी को याद दिलाया कि अगले साल राज्य में चुनाव होने हैं, और इसके लिए तैयारी अभी से शुरू करनी होगी। उन्होंने कहा कि एनडीए ने चुनाव के लिए एक स्पष्ट टारगेट निर्धारित किया है और इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सबको मिलकर मजबूती से चुनावी मैदान में उतरना होगा। नीतीश कुमार ने सभी नेताओं को निर्देश दिया कि वे जनता को एनडीए सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों और योजनाओं से अवगत कराएं, ताकि लोगों का समर्थन गठबंधन के पक्ष में बना रहे। उन्होंने यह भी कहा कि जनता के सामने गठबंधन की एकजुटता और मजबूत संकल्प को पेश करना महत्वपूर्ण है, जिससे आगामी चुनाव में एनडीए को लाभ मिल सके।
लोगों को बताइए कि हमने क्या-क्या किया, 2005 से पहले यहां क्या हाल था
बैठक में नीतीश कुमार ने विपक्ष को लेकर भी हमला किया। एनडीए घटक दलों के नेताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आप लोग लोगों को घर-घर जाकर बताइए कि जब हम लोगों को काम करने का मौका मिला तो हम लोगों ने बिहार के लिए इतना काम किया और लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2005 से पहले बिहार की स्थिति कैसी थी और उसके बाद क्या बदलाव आए, यह बात जनता के सामने खुलकर रखनी चाहिए। नीतीश कुमार ने नेताओं से कहा कि जनता को यह बताना जरूरी है कि एनडीए की सरकार बनने के बाद बिहार में कितने बड़े बदलाव आए हैं और कैसे राज्य की जनता को एक सुरक्षित और विकासशील माहौल मिला है। नीतीश कुमार ने अपने संबोधन में यह बात स्पष्ट की कि बिहार की जनता को यह समझना जरूरी है कि उनके शासनकाल में बिहार में कितने सुधार किए गए हैं। उन्होंने अपने नेताओं को यह जिम्मेदारी दी कि वे घर-घर जाकर जनता को यह बताएं कि 2005 से पहले का बिहार कैसा था और किस तरह से हर क्षेत्र में बदहाली और अव्यवस्था का माहौल था। उन्होंने नेताओं से अपील की कि जब जनता के बीच जाएं तो एनडीए सरकार की उपलब्धियों को प्रमुखता से सामने रखें ताकि आगामी चुनाव में एनडीए गठबंधन को जनता का व्यापक समर्थन मिल सके। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि 2005 से पहले बिहार में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी थी। उस समय अपराध का स्तर भी बेहद ऊंचा था, जिसके चलते लोगों का सामान्य जीवन कठिनाइयों से भरा था। नीतीश कुमार ने कहा कि उन दिनों राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति इतनी खराब थी कि लोगों का अपने ही राज्य में रहना मुश्किल हो गया था। अपराध और अराजकता का माहौल था, और विकास के नाम पर कुछ भी नहीं हो रहा था। इसके विपरीत, 2005 के बाद, उनकी सरकार ने न केवल अपराध को नियंत्रित किया, बल्कि बुनियादी ढांचे में भी सुधार किया, जिससे राज्य में एक सकारात्मक बदलाव आया। उन्होंने कहा कि 2005 के बाद से एनडीए सरकार ने सड़कें, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया। इसके तहत गांव-गांव तक बिजली पहुंचाई गई, सड़कों का विस्तार हुआ, और शिक्षा के स्तर में भी सुधार आया। इसके अलावा, महिला सशक्तिकरण के लिए कई योजनाओं की शुरुआत की गई, जिससे महिलाओं को मुख्य धारा में शामिल करने की दिशा में प्रगति हुई। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इन सभी बातों को जनता तक पहुंचाने से ही विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया जा सकता है। उनके अनुसार, विपक्ष के शासनकाल में राज्य की स्थिति बदतर थी और इसे एनडीए सरकार ने सुधारा है। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास और अपराध पर नियंत्रण के प्रयासों को जनता के बीच ले जाना जरूरी है ताकि जनता को यह पता चले कि एनडीए की सरकार ने बिहार के लिए कितनी मेहनत की है और आगे भी राज्य के विकास के लिए काम करने का संकल्प है।
उपचुनाव के बीच एनडीए की बैठक
मुख्यमंत्री ने एनडीए नेताओं की बैठक उस समय बुलाई गयी, जब बिहार में विधानसभा की चार सीटों पर उपचुनाव हो रहा है और इसे 2025 विधानसभा चुनाव का लिटमस टेस्ट के रूप में देखा जा रहा है। बिहार में प्रशांत किशोर ने भी पार्टी बना ली है और आने वाले दिनों में 31 अक्टूबर को आरसीपी सिंह भी पार्टी बनाने वाले हैं तो नई चुनौतियों से निपटने की भी रणनीति तैयार किया गया। इसके साथ ही एनडीए नेताओं की तरफ से कई तरह के बयान भी आते हैं, उससे एनडीए के घटक दल के नेता असहज हो जाते हैं। शराबबंदी और स्मार्ट मीटर सहित कई ऐसे मुद्दे हैं, जिस पर विपक्ष सरकार की मुश्किलें बढ़ा रहा है तो सभी मुद्दों से निपटने के लिए बैठक में चर्चा हो सकती है। 2025 विधानसभा चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही लड़ना है। लिहाजा इस बैठक में 2025 के लिए रणनीति बनाई गई।

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