सीतामढ़ी में मीट विवाद बना खूनी संघर्ष, महिला की पीट-पीटकर हत्या; बच्चों समेत 12 घायल, गांव में तनाव
सीतामढ़ी। सीतामढ़ी जिले में बुधवार को मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जब मीट खरीदने को लेकर शुरू हुई कहासुनी देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गई। इस घटना में एक महिला की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, जबकि बच्चों सहित करीब 12 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। वारदात शब-ए-बारात के दिन सुरसंड थाना क्षेत्र के हनुमान नगर (मियां टोली) में हुई, जिससे पूरे इलाके में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, नसीब राइन के परिवार के सदस्य गांव के ही एक दुकानदार से खस्सी यानी बकरे का मीट खरीदने गए थे। परिजनों का आरोप है कि दुकानदार ने खस्सी के बजाय कोई दूसरा मीट दे दिया। जब इस बात का विरोध किया गया तो पहले बहस हुई, फिर गाली-गलौज शुरू हो गई। इसी दौरान मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच मारपीट होने लगी। आरोप है कि विवाद के दौरान हमलावरों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया, जिसमें एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। बताया जा रहा है कि झगड़े के बाद आरोपी पक्ष के लोग और उग्र हो गए। रहमान के पुत्र खालिद, वाजिद, परवेज और हामिद अपने अन्य साथियों के साथ नसीब राइन के घर तक पहुंच गए। आरोपियों ने घर में घुसकर महिलाओं और बच्चों पर भी लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस दौरान नसीब राइन की 55 वर्षीय पत्नी तजमुन खातून को बेरहमी से पीटा गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद गांव में चीख-पुकार मच गई और लोग अपने-अपने घरों में दुबक गए। हमले में कई लोग घायल हुए हैं, जिनमें मुमीना खातून, समीदा खातून, अप्सना, साहिमा, गजाला और नजाम राइन के अलावा 8 से 11 वर्ष की उम्र के बच्चे मकबूल, नियाज, तमीम और दिलबर शामिल हैं। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सुरसंड में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार, तीन घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए सीतामढ़ी सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया है। घटना की सूचना मिलते ही सुरसंड थानाध्यक्ष मनोज कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है ताकि किसी तरह की दोबारा झड़प न हो। थानाध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि शुरुआती जांच में महिला की पीट-पीटकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई है। उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है और आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, विवाद की जड़ मीट की खरीद को लेकर हुई गलतफहमी थी, लेकिन जिस तरह से घर में घुसकर महिलाओं और बच्चों पर हमला किया गया, वह बेहद चिंताजनक है। मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है और पीड़ित परिवार के बयान के आधार पर सभी नामजद आरोपियों को जल्द पकड़ने का दावा किया गया है। साथ ही घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। इस घटना ने इलाके की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि त्योहार के दिन इस तरह की हिंसा से पूरे गांव में भय का माहौल बन गया है। कई परिवार अपने बच्चों और बुजुर्गों को लेकर सहमे हुए हैं। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और भरोसा दिलाया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम के बाद मृत महिला का शव परिजनों को सौंपा जाएगा। प्रशासन का कहना है कि पीड़ित परिवार को हर संभव मदद दी जाएगी। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि छोटी-सी बात भी अगर समय पर नहीं संभाली जाए, तो वह बड़ी त्रासदी में बदल सकती है। अब सबकी नजर पुलिस की कार्रवाई पर टिकी है कि कब तक आरोपियों को गिरफ्तार कर पीड़ितों को न्याय दिलाया जाता है।


