पटना सिटी में कबाड़ी की दुकान और उत्सव हॉल में भीषण आग, लाखों की संपत्ति जलकर राख
पटना। पटना सिटी के आलमगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत बजरंगपुरी मोहल्ले में मंगलवार की सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक कबाड़ी की दुकान में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पास स्थित एक उत्सव हॉल को भी अपनी चपेट में ले लिया। इस अगलगी की घटना में लाखों रुपये की संपत्ति के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग की करीब दस छोटी-बड़ी गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग बुझाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंगलवार की सुबह बजरंगपुरी मोहल्ले में स्थित कबाड़ी की दुकान के पीछे से अचानक तेज धुआं उठता हुआ दिखाई दिया। शुरुआत में आसपास के लोगों को लगा कि कबाड़ी की दुकान में रोजाना की तरह कबाड़ जलाया जा रहा है, लेकिन कुछ ही पलों में धुएं के साथ आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं। जब तक लोग कुछ समझ पाते, तब तक आग ने बगल में स्थित चंद्रमणि उत्सव पैलेस को भी अपनी चपेट में ले लिया। कबाड़ और सजावटी सामग्री की अधिकता के कारण आग तेजी से फैलती चली गई। कम्युनिटी हॉल में आग लगते ही पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। आसपास के घरों में रहने वाले लोग घबराकर बाहर निकल आए और अपने-अपने घरों में रखे गैस सिलेंडर, मोटरसाइकिल और अन्य ज्वलनशील सामानों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने लगे। कई लोगों ने अपने बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। स्थानीय लोगों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत डायल एक सौ बारह पुलिस सेवा को सूचना दी। सूचना मिलते ही डायल एक सौ बारह की पुलिस गाड़ी मौके पर पहुंची और भीड़ को नियंत्रित करने में जुट गई। इसके साथ ही पटना सिटी स्थित अग्निशमन दस्ते के कार्यालय को भी आग लगने की जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की छोटी और बड़ी मिलाकर लगभग दस गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का कार्य शुरू किया। अग्निशमन दस्ते के पदाधिकारी गयानंद सिंह ने बताया कि सभी कर्मचारी पूरी मुस्तैदी से आग पर काबू पाने में लगे हुए हैं। आग काफी फैल चुकी थी, इसलिए उसे नियंत्रित करने में समय लग रहा है। उन्होंने बताया कि फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है और जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी या किसी अन्य वजह से। स्थानीय निवासी मुकेश कुमार ने बताया कि चंद्रमणि उत्सव पैलेस में अक्सर शादी-विवाह और अन्य सामाजिक कार्यक्रम आयोजित होते रहते हैं। सौभाग्य से सोमवार की रात वहां कोई कार्यक्रम नहीं था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था और जान-माल की भारी क्षति की आशंका रहती। उन्होंने कहा कि अगर कार्यक्रम के दौरान आग लगती, तो स्थिति और भी भयावह हो सकती थी। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम लगातार मौके पर मौजूद रही। पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर पूरे इलाके को घेर लिया और अनावश्यक लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई। दमकलकर्मी आग बुझाने के साथ-साथ यह सुनिश्चित करने में भी लगे रहे कि आग आसपास के अन्य घरों तक न फैल पाए। इस अगलगी की घटना में कबाड़ी की दुकान में रखा सारा कबाड़, मशीनें और अन्य सामान जलकर खाक हो गया। वहीं उत्सव हॉल में भी सजावट से जुड़ा सामान, फर्नीचर और अन्य सामग्री को भारी नुकसान पहुंचा है। हालांकि, इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, जो राहत की बात मानी जा रही है। फिलहाल आग पर काबू पाने का प्रयास जारी है और प्रशासन ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। आग लगने की वजहों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर घनी आबादी वाले इलाकों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


