February 22, 2026

पटना में कपड़े की गोदाम में लगी भीषण आग, शॉर्ट सर्किट से हादसा, फायर ब्रिगेड ने पाया काबू

पटना। राजधानी पटना में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक कपड़े के गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेज थी कि उसकी लपटें और काला धुआं दूर से ही दिखाई देने लगा। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और लोग दहशत में घरों और दुकानों से बाहर निकल आए। सूचना मिलते ही दमकल विभाग और स्थानीय पुलिस सक्रिय हो गई और मौके पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।
गोपालपुर थाना क्षेत्र के इलाहीबाग की घटना
यह आग पटना के गोपालपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत इलाहीबाग इलाके में स्थित एक कपड़े के गोदाम में लगी। बताया जा रहा है कि यह गोदाम व्यावसायिक रूप से कपड़ों के भंडारण के लिए इस्तेमाल किया जाता था और इसमें बड़ी मात्रा में कपड़े रखे हुए थे। जैसे ही आग लगी, उसने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया। गोदाम से उठता धुआं और आग की ऊंची लपटें देखकर आसपास के लोग घबरा गए और तुरंत इसकी सूचना पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी।
आग लगते ही शुरू हुई आपाधापी
स्थानीय लोगों के अनुसार, आग लगने के बाद कुछ समय के लिए इलाके में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। लोगों को आशंका थी कि आग आसपास की इमारतों तक न फैल जाए, क्योंकि इलाका घनी आबादी वाला है। दुकानदारों और स्थानीय निवासियों ने अपने-अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि बिना दमकल की मदद के उस पर काबू पाना संभव नहीं था।
दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की चार से पांच गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए आग बुझाने का काम शुरू किया। आग पर काबू पाने के लिए कई दिशाओं से पानी की बौछार की गई। गोदाम में कपड़े होने के कारण आग तेजी से फैल रही थी, जिससे दमकल कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। करीब एक घंटे की कड़ी मेहनत के बाद आग को नियंत्रित किया जा सका।
शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका
प्राथमिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि गोदाम में बिजली के तारों में अचानक आई खराबी के कारण चिंगारी निकली, जिसने वहां रखे कपड़ों को अपनी चपेट में ले लिया। कपड़े अत्यधिक ज्वलनशील होने के कारण आग तेजी से फैल गई और देखते ही देखते पूरे गोदाम को अपनी गिरफ्त में ले लिया। हालांकि, आग लगने के वास्तविक कारणों की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो पाएगी।
लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान
इस भीषण आग में गोदाम में रखा लाखों रुपये का कपड़ा जलकर राख हो गया। हालांकि अभी तक नुकसान का सटीक आंकलन नहीं हो सका है, लेकिन प्रारंभिक अनुमान के अनुसार व्यापारी को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी है। आग बुझने के बाद गोदाम के अंदर का मंजर बेहद भयावह था, जहां जले हुए कपड़े और सामान के ढेर नजर आ रहे थे।
कोई जनहानि नहीं, राहत की सांस
इस घटना में सबसे राहत की बात यह रही कि किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। समय रहते दमकल विभाग की टीम के पहुंचने और स्थानीय लोगों की सतर्कता के कारण बड़ा हादसा टल गया। यदि आग पास की इमारतों तक फैल जाती, तो जान-माल का नुकसान और भी ज्यादा हो सकता था। पुलिस और प्रशासन ने इस बात पर संतोष जताया कि सभी लोग सुरक्षित हैं।
पुलिस और दमकल विभाग की जांच जारी
आग बुझने के बाद पुलिस और दमकल विभाग की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। अब आग लगने के कारणों की गहराई से जांच की जा रही है। बिजली के उपकरणों, वायरिंग और गोदाम की सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि कहीं लापरवाही तो नहीं बरती गई थी।
स्थानीय लोगों में दहशत और चिंता
घटना के बाद इलाके के लोगों में कुछ समय तक दहशत का माहौल बना रहा। लोगों का कहना है कि व्यावसायिक गोदामों में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण इस तरह की घटनाएं बार-बार सामने आती हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि गोदामों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में फायर सेफ्टी नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
प्रशासन के लिए चेतावनी
यह घटना प्रशासन के लिए भी एक चेतावनी मानी जा रही है। शहरी इलाकों में स्थित गोदामों और व्यावसायिक भवनों में अग्नि सुरक्षा मानकों की नियमित जांच जरूरी है। समय-समय पर मॉक ड्रिल, फायर ऑडिट और बिजली व्यवस्था की जांच से इस तरह के हादसों को काफी हद तक टाला जा सकता है। पटना के इलाहीबाग इलाके में कपड़े के गोदाम में लगी यह भीषण आग एक बड़ी दुर्घटना में बदल सकती थी, लेकिन दमकल विभाग की तत्परता और समय पर कार्रवाई से स्थिति को काबू में कर लिया गया। हालांकि इस हादसे में लाखों रुपये का नुकसान हुआ है, लेकिन किसी के हताहत न होने से प्रशासन और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह साफ हो सके कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से कैसे बचा जाए।

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