January 23, 2026

बिहार में अब घर बैठे ऑनलाइन होगा विवाह का रजिस्ट्रेशन, नहीं लगाने होंगे चक्कर, वेबसाइट से मिलेगा सर्टिफिकेट

पटना। बिहार में शादी का रजिस्ट्रेशन कराने वाले दूल्हा-दुल्हन के लिए अब प्रक्रिया पहले से कहीं ज्यादा आसान और सुविधाजनक हो गई है। राज्य सरकार ने विवाह के ई-निबंधन की व्यवस्था को पूरी तरह ऑनलाइन और सरल बना दिया है। अब लोगों को बार-बार निबंधन कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने होंगे और न ही कागजातों की हार्ड कॉपी जमा करने की अनिवार्यता रहेगी। घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर विवाह प्रमाण-पत्र प्राप्त किया जा सकेगा, जिससे समय, पैसे और मेहनत की बचत होगी।
ऑनलाइन विवाह निबंधन का उद्देश्य
राज्य सरकार का मानना है कि डिजिटल माध्यम से सेवाओं को उपलब्ध कराने से पारदर्शिता बढ़ती है और आम लोगों को अनावश्यक परेशानी से राहत मिलती है। इसी सोच के तहत विवाह निबंधन की प्रक्रिया को ऑनलाइन किया गया है। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के अनुसार, ऑनलाइन व्यवस्था का मूल उद्देश्य यह है कि आवेदनों का त्वरित निपटारा हो और भौतिक कागजात की बाध्यता समाप्त की जाए।
भौतिक कागजात की अनिवार्यता खत्म
विभाग ने साफ निर्देश दिया है कि विवाह के ई-निबंधन के लिए अब कागजातों की हार्ड कॉपी भौतिक रूप से जमा करना जरूरी नहीं है। पहचान पत्र, निवास प्रमाण, आयु प्रमाण, दूल्हा-दुल्हन की फोटो या विवाह के प्रमाण के रूप में किसी दस्तावेज की स्कैन कॉपी अपलोड करना भी अनिवार्य नहीं रखा गया है। इसके बावजूद कुछ निबंधन कार्यालयों में भौतिक कागजात मांगे जाने और आवेदन लंबित रखने की शिकायतें सामने आई थीं, जिस पर विभाग ने कड़ी नाराजगी जताई है।
अधिकारियों को सख्त निर्देश
विभाग के सचिव अजय यादव ने राज्य के सभी जिला अवर निबंधक और अवर निबंधकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ऑनलाइन प्राप्त होने वाले आवेदनों पर प्रतिदिन कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन सिस्टम के बावजूद अगर कागजात की हार्ड कॉपी मांगी जाती है या आवेदन को बेवजह लंबित रखा जाता है, तो इससे आवेदकों को कठिनाई होती है, जो किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
घर बैठे आवेदन की सुविधा
अब विवाह का पंजीकरण कराने के लिए आवेदक घर बैठे किसी भी समय संबंधित वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए किसी एजेंट या बिचौलिए की जरूरत नहीं है। आवेदन प्रक्रिया सरल रखी गई है, ताकि तकनीक से कम परिचित लोग भी आसानी से इसका लाभ उठा सकें। आवेदन करने के बाद उसकी स्थिति ऑनलाइन ही देखी जा सकती है।
फीस और भुगतान प्रक्रिया
ऑनलाइन विवाह निबंधन के लिए शुल्क भी स्पष्ट रूप से निर्धारित है। पहले चरण में आवेदन के समय 100 रुपये का ऑनलाइन भुगतान करना होता है। इसके बाद विवाह प्रमाण-पत्र जारी होने के लिए 350 रुपये शुल्क देना होगा। इस तरह कुल लगभग 450 रुपये में पूरी प्रक्रिया पूरी हो जाती है। भुगतान पूरी तरह डिजिटल माध्यम से किया जाता है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है।
अप्वाइंटमेंट और कार्यालय में उपस्थिति
ऑनलाइन आवेदन के बाद आवेदक खुद ही अप्वाइंटमेंट की तारीख, समय और नजदीकी निबंधन कार्यालय का चयन कर सकते हैं। तय अप्वाइंटमेंट के दिन दूल्हा-दुल्हन को तीन गवाहों के साथ कार्यालय में उपस्थित होना होता है। उसी दिन दोनों पक्षों की फोटो ली जाती है और आवश्यक औपचारिकताओं के बाद हाथों-हाथ विवाह प्रमाण-पत्र जारी कर दिया जाता है। इस प्रक्रिया से पहले की तरह कई दिनों तक इंतजार करने की जरूरत नहीं रहती।
एसएमएस और ऑनलाइन ट्रैकिंग सुविधा
विभाग की ओर से हर चरण की जानकारी आवेदक को एसएमएस के जरिए दी जाती है। आवेदन स्वीकार होने से लेकर प्रमाण-पत्र जारी होने तक की सूचना मोबाइल पर मिलती रहती है। इसके अलावा वेबसाइट पर लॉग-इन कर आवेदन की स्थिति भी किसी भी समय जांची जा सकती है। इससे आवेदक को अनिश्चितता का सामना नहीं करना पड़ता।
कानूनी सुरक्षा और महत्व
विवाह का पंजीकरण कराने से दंपती को कानूनी सुरक्षा मिलती है। यह व्यवस्था किसी एक धर्म तक सीमित नहीं है, बल्कि समान धर्म या अंतरधार्मिक विवाह, दोनों के लिए लागू है। विशेष विवाह अधिनियम के तहत होने वाले विवाहों में यह प्रमाण-पत्र कई कानूनी और प्रशासनिक कार्यों के लिए जरूरी होता है, जैसे पासपोर्ट, बैंक, बीमा या अन्य सरकारी प्रक्रियाएं।
आंकड़ों से समझें व्यवस्था का असर
विभाग के अनुसार 2023 और 2024 में विशेष विवाह अधिनियम के तहत कुल 18,465 विवाह रजिस्टर हुए। इनमें 2023 में 9,493 और 2024 में 8,972 विवाह शामिल हैं। इसी अवधि में 5,693 विवाह संपन्न भी कराए गए। ये आंकड़े बताते हैं कि ऑनलाइन प्रणाली के प्रति लोगों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है।
डिजिटल बिहार की दिशा में कदम
ऑनलाइन विवाह निबंधन की यह पहल बिहार में डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। इससे न सिर्फ आम लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि सरकारी कार्यालयों पर बोझ भी कम होगा। पारदर्शी और समयबद्ध प्रक्रिया से भ्रष्टाचार की संभावना भी घटेगी। बिहार में अब विवाह का रजिस्ट्रेशन घर बैठे ऑनलाइन करना आसान हो गया है। बिना कागजात के झंझट और बिना बार-बार कार्यालय जाने की मजबूरी के, दूल्हा-दुल्हन आसानी से विवाह प्रमाण-पत्र प्राप्त कर सकते हैं। यह व्यवस्था आम लोगों के लिए सुविधा, पारदर्शिता और भरोसे का नया उदाहरण पेश करती है।

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