पटना के मरीन ड्राइव का बक्सर तक होगा विस्तार, बदलेगी तस्वीर, दिलीप जायसवाल ने सदन में दी जानकारी
पटना। राजधानी पटना में गंगा किनारे बना आधुनिक जेपी गंगा पथ, जिसे आम तौर पर मरीन ड्राइव कहा जाता है, अब और आगे तक बढ़ाने की तैयारी है। बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रश्नकाल में इस विषय पर चर्चा हुई, जहां पथ निर्माण विभाग के मंत्री दिलीप जायसवाल ने सरकार की दीर्घकालिक योजना का खुलासा किया। मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार गंगा तट के साथ सड़क और जलमार्ग को जोड़ते हुए व्यापक विकास की दिशा में काम कर रही है।
सदन में उठा विस्तार का सवाल
विधानसभा में सदस्य मितलेश तिवारी ने सवाल उठाया कि पटना से भागलपुर तक प्रस्तावित जेपी गंगा कॉरिडोर के अंतर्गत कोईलवर तक कार्य प्रगति पर है, लेकिन क्या इसे आगे बक्सर तक बढ़ाने की कोई ठोस योजना है। उन्होंने पूछा कि क्या सरकार के पास इस संबंध में कोई स्पष्ट प्रस्ताव है या नहीं। इस पर मंत्री दिलीप जायसवाल ने जवाब देते हुए कहा कि सरकार चरणबद्ध तरीके से गंगा किनारे बुनियादी ढांचे के विकास का खाका तैयार कर रही है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे राष्ट्रीय जलमार्ग से भी जोड़ा जा रहा है।
मुंबई जैसा मरीन ड्राइव अब पटना में
मंत्री ने कहा कि पहले लोग मरीन ड्राइव देखने के लिए मुंबई जाते थे, लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रयासों से पटना में ही उसी तर्ज पर जेपी गंगा पथ का निर्माण हुआ है। इससे राजधानी की तस्वीर में बड़ा बदलाव आया है। गंगा किनारे बनी यह सड़क न केवल यातायात को सुगम बनाती है, बल्कि शहर को आधुनिक स्वरूप भी प्रदान करती है। उन्होंने बताया कि दीघा से लेकर पटना सिटी तक इसके कई हिस्सों का निर्माण पूरा हो चुका है और शेष हिस्सों पर काम जारी है। इससे शहर में ट्रैफिक का दबाव कम हुआ है और लोगों को एक वैकल्पिक तेज मार्ग मिला है।
सड़क और जलमार्ग का संयुक्त विकास
दिलीप जायसवाल ने कहा कि सरकार की सोच केवल सड़क तक सीमित नहीं है। गंगा जलमार्ग को बनारस से फरक्का तक विकसित करने की योजना है। विशेष रूप से साहिबगंज सीमा तक इसे सुदृढ़ बनाने का लक्ष्य है। जब गंगा में बड़े जहाजों का सुचारु परिचालन संभव होगा, तब माल परिवहन और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में यह कॉरिडोर बेहद उपयोगी साबित होगा। उन्होंने कहा कि सड़क और जलमार्ग के समन्वित विकास से बिहार में व्यापार, उद्योग और पर्यटन को नई गति मिलेगी। गंगा किनारे बसे शहरों को इससे सीधा लाभ होगा। बक्सर से लेकर फरक्का तक इस विकास मॉडल को आगे बढ़ाने की परिकल्पना की गई है।
चरणबद्ध तरीके से होगा विस्तार
मंत्री ने स्पष्ट किया कि फिलहाल जो निर्माण कार्य प्रगति पर है, उसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। इसके बाद अगले चरण में कोईलवर से आगे बक्सर तक विस्तार पर निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह दीर्घकालिक योजना है, जिसमें संसाधनों और व्यवहारिक पहलुओं को ध्यान में रखकर आगे बढ़ा जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार गंगा किनारे व्यापक आधारभूत संरचना के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में इसे और विस्तारित करने की दिशा में काम जारी रहेगा।
बदलेगी गंगा किनारे की तस्वीर
जेपी गंगा पथ के निर्माण से राजधानी पटना में यातायात व्यवस्था में सुधार हुआ है। पहले जहां शहर के भीतर वाहनों का दबाव अधिक रहता था, वहीं अब गंगा किनारे वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होने से आवागमन आसान हुआ है। शाम के समय यह मार्ग लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र भी बन गया है। यदि इस परियोजना का विस्तार बक्सर तक होता है, तो पश्चिमी बिहार के कई जिलों को भी इसका लाभ मिलेगा। सड़क और जलमार्ग के संयुक्त विकास से माल ढुलाई की लागत कम हो सकती है और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है।
दीर्घकालिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि गंगा तट के साथ आधारभूत ढांचे का विकास राज्य के लिए दीर्घकालिक रूप से लाभकारी हो सकता है। इससे न केवल यातायात व्यवस्था सुधरेगी, बल्कि पर्यटन स्थलों का विकास भी संभव होगा। गंगा किनारे बसे ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को भी इससे बेहतर संपर्क मिलेगा। फिलहाल मंत्री के बयान से यह स्पष्ट है कि सरकार गंगा तट को विकास की धुरी बनाकर आगे बढ़ने की योजना पर काम कर रही है। बक्सर तक विस्तार का सपना भले ही अभी योजना के स्तर पर हो, लेकिन आने वाले वर्षों में यह परियोजना राज्य की तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।


