लॉकडाउन के पक्ष में नहीं जीतन राम मांझी, कहा- AC कमरे में बैठकर सिर्फ़ बयानबाजी कर रहे कुछ लोग
पटना। बिहार में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए राज्य में अब लॉकडाउन लगाने की बात उठ रही है। बिहार में ऐसे कई दल हैं जो लॉकडाउन लगाने के पक्ष में है। पहले ही जदयू की सहयोगी पार्टी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल और नीतीश सरकार में मंत्री रामसूरत राय लॉकडाउन का समर्थन कर चुके हैं। वहीं बिहार के उद्योग संघों ने भी लॉकडाउन का समर्थन किया है। लेकिन लॉकडाउन को लेकर एनडीए में ही तकरार देखने को मिल रही है। इस तकरार में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी भी कूद पड़े हैं। उन्होंने लॉकडाउन का विरोध किया है।
मांझी ने ट्वीट कर कहा कि मैं लॉकडाउन का समर्थन करूंगा, यदि 3 महीना तक सब का बिजली बिल, पानी बिल, स्कूल-कॉलेजों की फीस माफ कर दिया जाए। उन्होंने आगे कहा कि किरायेदारों का किराया, बैंक लोन, ईएमआई माफ कर दिया जाए। उन्होंने तंज भरे लहजे में कहा कि किसी को शौक नहीं होता जान जोखिम में डालकर बाहर जाना, पर रोटी और कर्ज जो ना कराए। यह बात एसी वाले लोग नहीं समझेंगे। उन्होंने आगे कहा कि इस संकट की घड़ी में कुछ लोग एसी कमरे में बैठकर सिर्फ़ बयानबाजी कर रहे हैं लेकिन हमारे निर्देश पर पार्टी का हर सिपाही अवाम के साथ है, रात के 1 बजे भी पार्टी की एक टीम फतुहा के आक्सीजन प्लांट में जरूरतमंदों को आॅक्सीजन की कमी ना हो उसके लिए मुस्तैद है।

इस संकट की घड़ी में कुछ लोग AC कमरे में बैठकर सिर्फ़ बयानबाज़ी कर रहें हैं लेकिन हमारे निर्देश पर पार्टी का हर सिपाही अवाम के साथ है,रात के 1 बजे भी पार्टी की एक टीम फ़तुहा के ऑक्सीजन प्लांट में ज़रूरतमंदों को ऑक्सीजन की कमी ना हो उसके लिए मुस्तैद है… pic.twitter.com/CT0Gztxvd6
— Jitan Ram Manjhi (@jitanrmanjhi) April 26, 2021
बता दें बिहार में लगभग 12000 नए मामले प्रतिदिन आ रहे हैं। ऐसे में अस्पतालों में आक्सीजन और बेड की किल्लत भी बढ़ रही है। हालांकि राज्य में पहले से ही नीतीश कुमार ने नाइट कर्फ्यू लगा रखा है। लेकिन इस बात की अटकलें जोर पकड़ रही है कि क्या अब बिहार में लॉकडाउन लगाया जाएगा?

