पटना में प्रेम प्रसंग में युवक की हत्या: पीट-पीटकर मार डाला, प्रेमिका के परिजन घर छोड़कर फरार
पटना। राजधानी पटना के पालीगंज थाना क्षेत्र से सोमवार देर रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को दहशत और तनाव के माहौल में डाल दिया है। प्रेम प्रसंग के विवाद में एक युवक की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। यह घटना पालीगंज के इजरता गांव के मांझी टोला की है। मृतक युवक की पहचान बसंत मांझी के 20 वर्षीय बेटे सोनू कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी और युवती का परिवार गांव छोड़कर फरार हो गया है।
देर रात घटी वारदात
घटना सोमवार की देर रात की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, सोनू कुमार का गांव की एक युवती से प्रेम प्रसंग चल रहा था। बताया जा रहा है कि रविवार देर रात सोनू कथित रूप से युवती के घर गया था, तभी परिजनों ने उसे देख लिया। ग्रामीणों के मुताबिक, युवक को घर के अंदर ही पकड़ लिया गया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी गई। सूत्रों के अनुसार, परिजनों ने उसे बांधकर बुरी तरह पीटा और मौके पर मौजूद कुछ अन्य ग्रामीणों ने भी मारपीट में हिस्सा लिया। सोनू को गंभीर चोटें आईं और वह मौके पर ही बेहोश हो गया।
पुलिस को देर रात मिली सूचना
घटना की जानकारी मिलते ही पालीगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची। एसडीपीओ पालीगंज ने बताया कि मंगलवार तड़के पुलिस को सूचना मिली थी कि इजरता गांव के मांझी टोला में एक युवक को कुछ लोग बेरहमी से पीट रहे हैं। पुलिस जब वहां पहुंची, तो सोनू घायल अवस्था में पड़ा हुआ था। पुलिस ने तुरंत ग्रामीणों के चंगुल से उसे छुड़ाया और स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पालीगंज भेजा। लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उसे पीएमसीएच रेफर किया गया। रास्ते में ही सोनू ने दम तोड़ दिया।
प्रेम प्रसंग बना हत्या की वजह
डीएसपी-1 राजीव चंद्र सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है। उन्होंने बताया कि मृतक युवक का गांव की ही एक लड़की से प्रेम संबंध था। पिछले कुछ महीनों से दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गई थीं, जिससे युवती के परिवार को एतराज था। डीएसपी ने बताया कि रविवार रात सोनू कथित रूप से लड़की के घर पहुंचा था, लेकिन परिवार ने उसे देख लिया। इसके बाद गुस्से में आकर परिजनों ने उसकी जमकर पिटाई कर दी, जिससे उसकी मौत हो गई।
युवती का परिवार फरार
घटना के बाद से युवती के परिजन घर छोड़कर फरार हो गए हैं। पुलिस ने उनके ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है। डीएसपी ने बताया कि पुलिस टीम लगातार संभावित स्थानों पर दबिश दे रही है। उन्होंने कहा कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी जल्द की जाएगी। पुलिस ने इस मामले में एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है, जिससे पूछताछ चल रही है। वहीं, मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने आरोप लगाया है कि पुलिस को समय पर सूचना देने के बावजूद कोई मदद नहीं मिली।
गांव में फैला तनाव, सुरक्षा बढ़ाई गई
घटना के बाद से पूरे इजरता गांव में तनाव का माहौल है। कई जगहों पर लोगों का जमावड़ा देखा गया, जिसके चलते पुलिस प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और जांच में सहयोग करें। थाना प्रभारी ने कहा कि अपराधियों को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
गांव के लोगों के अनुसार, सोनू कुमार एक साधारण परिवार से था और मेहनती युवक था। उसे अपने माता-पिता के साथ खेती-किसानी का काम करते देखा जाता था। गांव के एक बुजुर्ग ने कहा, “लड़का भले ही गलती से लड़की के घर चला गया हो, लेकिन किसी को भी इस तरह कानून अपने हाथ में लेने का हक नहीं है।” स्थानीय लोग इस घटना से काफी आक्रोशित हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि अगर पुलिस समय पर पहुंच जाती, तो शायद सोनू की जान बच सकती थी।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से होगा खुलासा
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए पीएमसीएच भेज दिया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों की पुष्टि होगी। हालांकि, प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट है कि युवक की मौत गंभीर चोटों और आंतरिक रक्तस्राव के कारण हुई है। डीएसपी ने कहा कि पुलिस वैज्ञानिक तरीके से जांच कर रही है और इसमें शामिल हर व्यक्ति को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
प्रेम प्रसंग की घटनाओं पर बढ़ी चिंता
बिहार में हाल के दिनों में प्रेम प्रसंग से जुड़ी हत्याओं के मामलों में वृद्धि हुई है। पारिवारिक सम्मान और सामाजिक दबाव के कारण कई बार लोग कानून को अपने हाथ में ले लेते हैं, जिससे निर्दोषों की जान चली जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में समाज में जागरूकता और संवाद की आवश्यकता है, ताकि युवाओं को सुरक्षित माहौल मिल सके और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। पालीगंज की यह घटना एक बार फिर समाज के उस कटु सच को उजागर करती है, जहां प्रेम प्रसंग अब भी कई जगहों पर ‘सम्मान’ के नाम पर हिंसा का कारण बन जाता है। सोनू कुमार की मौत ने न केवल एक परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि पूरे गांव को सदमे में डाल दिया है। पुलिस अब इस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है, लेकिन यह सवाल कायम है कि आखिर कब तक ऐसे निर्दोष युवा प्रेम के बदले अपनी जान गंवाते रहेंगे। समाज और प्रशासन दोनों को मिलकर ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे, ताकि इंसाफ और इंसानियत दोनों जिंदा रह सके।


