बाढ़ रेलवे स्टेशन पर वंदे भारत ट्रेन की चपेट में आने से व्यक्ति की मौत

  • प्लेटफार्म के किनारे खड़े होकर खैनी थूकने के दौरान हुआ हादसा, सिर में गंभीर चोट
  • मृतक की पहचान वीडियो के आधार पर हुई, परिजनों को सौंपा गया शव

बाढ़। पटना जिले के बाढ़ रेलवे स्टेशन पर एक दर्दनाक हादसे में वंदे भारत तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। यह घटना उस समय हुई जब व्यक्ति प्लेटफार्म संख्या दो पर खड़ा था और ट्रैक की ओर झुककर खैनी थूकने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान अचानक तेज गति से आ रही वंदे भारत ट्रेन से उसका सिर टकरा गया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान नालंदा जिले के शाहाबाद गांव निवासी 55 वर्षीय संजय राउत के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि संजय राउत बोल और सुन नहीं सकते थे, जिसके कारण उन्हें ट्रेन के आने की आवाज सुनाई नहीं दी। इसी वजह से वे समय रहते सावधान नहीं हो सके और इस हादसे का शिकार हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेन की गति लगभग 60 किलोमीटर प्रति घंटे के आसपास थी। जैसे ही ट्रेन प्लेटफार्म से गुजर रही थी, संजय राउत ट्रैक की ओर झुके हुए थे। अचानक उनका सिर ट्रेन से टकरा गया, जिससे वे प्लेटफार्म पर दूर जाकर गिरे। टक्कर इतनी जोरदार थी कि उनके सिर पर लगभग तीन इंच तक गहरा घाव हो गया और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद रेलवे स्टेशन पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत रेलवे सुरक्षा बल और सरकारी रेलवे पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पहचान की कोशिश शुरू की। प्रारंभ में मृतक की पहचान नहीं हो पाई थी, जिसके कारण शव को सुरक्षित रखकर जांच प्रक्रिया जारी रखी गई। इस बीच, घटना का एक वीडियो सामाजिक माध्यमों पर तेजी से फैल गया। इसी वीडियो को देखकर मृतक के परिजनों को घटना की जानकारी मिली। परिजन तुरंत बाढ़ रेलवे स्टेशन पहुंचे, जहां उन्होंने शव की पहचान संजय राउत के रूप में की। मृतक के भाई कुंदन कुमार ने बताया कि संजय सुबह अपने ससुराल जाने के लिए घर से निकले थे। वे बख्तियारपुर से ट्रेन में सवार होकर बाढ़ पहुंचे थे। उनका ससुराल बाढ़ के सकसोहरा थाना क्षेत्र में स्थित है। बाढ़ पहुंचने के बाद उन्होंने कुछ घरेलू सामान, जैसे सब्जियां और स्वास्थ्य पेय खरीदा था। इसके बाद वे वापस घर लौटने के लिए स्टेशन पर किसी ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान यह हादसा हो गया। परिजनों के अनुसार, संजय राउत स्वभाव से शांत व्यक्ति थे और अक्सर अकेले ही यात्रा करते थे। उनकी असमर्थता के कारण उन्हें विशेष सावधानी बरतनी पड़ती थी, लेकिन इस बार एक छोटी सी चूक उनकी जान ले गई। सरकारी रेलवे पुलिस ने परिजनों के आने के बाद आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी की और शव को उन्हें सौंप दिया। पुलिस ने इस घटना को दुर्घटना मानते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। यह घटना एक बार फिर रेलवे प्लेटफार्म पर सुरक्षा नियमों के पालन की आवश्यकता को उजागर करती है। रेलवे प्रशासन लगातार यात्रियों से अपील करता रहा है कि वे प्लेटफार्म के किनारे खड़े न हों और ट्रैक के पास जाने से बचें। बावजूद इसके, लापरवाही के कारण इस प्रकार की घटनाएं सामने आती रहती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यात्रियों को अपनी सुरक्षा के प्रति अधिक जागरूक होना चाहिए, खासकर ऐसे लोगों को जिन्हें सुनने या देखने में समस्या हो। रेलवे स्टेशनों पर भी सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की दुखद घटनाओं को रोका जा सके।

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