January 23, 2026

नवादा में अधेड़ की नृशंस हत्या: चाकू से आंख निकाली, प्राइवेट पार्ट भी काटा, इलाके में हड़कंप

नवादा। बिहार के नवादा जिले से सामने आई एक नृशंस हत्या की घटना ने पूरे इलाके को दहला कर रख दिया है। कुम्हार बीघा गांव में 45 वर्षीय अधेड़ मनोज यादव की जिस बेरहमी से हत्या की गई, उसने न सिर्फ पुलिस प्रशासन को कठघरे में खड़ा कर दिया है, बल्कि आम लोगों के मन में गहरा भय भी भर दिया है। अपराधियों ने जिस क्रूरता के साथ इस वारदात को अंजाम दिया, वह जिले में बढ़ते अपराध और कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति की भयावह तस्वीर पेश करता है।
लापता होने के बाद श्मशान घाट के पास मिला शव
शनिवार की सुबह उस वक्त गांव में सनसनी फैल गई, जब रूनीपुर श्मशान घाट के पास एक क्षत-विक्षत शव मिलने की सूचना ग्रामीणों को मिली। पास जाकर देखने पर पता चला कि शव कुम्हार बीघा गांव के रहने वाले मनोज यादव का है, जो शुक्रवार शाम से ही लापता थे। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। शव की हालत देखकर हर कोई स्तब्ध रह गया, क्योंकि उस पर की गई क्रूरता किसी की भी रूह कंपा देने वाली थी।
हत्या की वीभत्स तस्वीर
पुलिस के अनुसार मनोज यादव की हत्या बेहद नृशंस तरीके से की गई है। उनके शरीर पर चाकू से किए गए कई गहरे वार के निशान मिले हैं। सबसे घातक वार आंख के बीचोबीच किया गया था। इतना ही नहीं, अपराधियों ने उनके प्राइवेट पार्ट को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया था। शव की स्थिति साफ इशारा कर रही थी कि यह कोई सामान्य हत्या नहीं, बल्कि गहरी रंजिश या सोची-समझी साजिश के तहत अंजाम दी गई वारदात है। हत्या के तरीके से यह भी आशंका जताई जा रही है कि अपराधियों ने मनोज को पहले प्रताड़ित किया और फिर बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया।
घर से मजदूर बुलाने निकले थे मनोज
मृतक के साले राजकुमार यादव ने बताया कि मनोज यादव शुक्रवार शाम करीब 7:30 बजे अपने घर के निर्माण कार्य के लिए मजदूर बुलाने की बात कहकर घर से निकले थे। उस वक्त किसी को अंदाजा नहीं था कि वह अपने परिवार को आखिरी बार देख रहे हैं। जब देर रात तक वह वापस नहीं लौटे, तो परिजन परेशान हो गए और आसपास उनकी तलाश शुरू की गई। पूरी रात खोजबीन के बाद भी जब कोई सुराग नहीं मिला, तो सुबह मिली इस दर्दनाक खबर ने परिवार को तोड़ कर रख दिया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मनोज यादव अपने पीछे पत्नी, तीन बेटियां और दो बेटे छोड़ गए हैं। वह परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनकी अचानक और हिंसक मौत से पूरा परिवार बेसहारा हो गया है। बताया जा रहा है कि परिवार में एक बेटी की शादी अभी बाकी थी, जिसकी तैयारी को लेकर मनोज लगातार मेहनत कर रहे थे। इस हत्या ने न केवल एक व्यक्ति की जान ली, बल्कि पांच बच्चों के भविष्य और पत्नी के जीवन का सहारा भी छीन लिया है। गांव में हर आंख नम है और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस और फोरेंसिक टीम की जांच
घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी, अंचल निरीक्षक और स्थानीय थाना प्रभारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक टीम और खोजी कुत्तों की मदद ली गई है। घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं, ताकि अपराधियों तक पहुंचा जा सके। अंचल निरीक्षक के.के. अकेला ने प्रारंभिक जांच के बाद बताया कि यह हत्या पूरी तरह सुनियोजित और अत्यंत क्रूर है। पुलिस ने आसपास के इलाके को खंगालना शुरू कर दिया है और संदिग्धों की पहचान की जा रही है।
बढ़ते अपराधों से दहशत
नवादा जिले में हाल के महीनों में हत्या, लूट और मारपीट की घटनाओं में तेजी से इजाफा हुआ है। इस तरह सरेआम और वीभत्स हत्या ने आम नागरिकों में भय का माहौल पैदा कर दिया है। लोगों का कहना है कि अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि उन्हें कानून का कोई डर नहीं रह गया है। ग्रामीणों में आक्रोश भी देखा जा रहा है और वे अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
पुलिस पर उठे सवाल
इस घटना के बाद स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं के बावजूद अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है। हालांकि पुलिस अधिकारियों का दावा है कि इस मामले का जल्द खुलासा किया जाएगा और दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
इलाके में असुरक्षा का माहौल
मनोज यादव की हत्या ने पूरे इलाके में डर और असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। लोग शाम ढलते ही घरों में सिमटने को मजबूर हैं। यह घटना सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है। अब सभी की निगाहें पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं, कि क्या इस नृशंस हत्या के पीछे के आरोपियों को जल्द न्याय के कटघरे तक पहुंचाया जा सकेगा या नहीं।

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