रेलवे स्टेशनों पर अब मिलेगा मॉल जैसा अनुभव, पटना जंक्शन से होगी शुरुआत

  • ब्रांडेड खुदरा दुकानों को मिली मंजूरी, यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
  • निजी कंपनियों के साथ मिलकर होगा विकास, रेलवे की आय बढ़ने की उम्मीद

पटना। भारतीय रेल अब तेजी से आधुनिकता की ओर बढ़ रही है और स्टेशनों को केवल यात्रा के ठिकाने के बजाय बहुउद्देश्यीय सुविधाओं से युक्त केंद्र बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसी कड़ी में पटना जंक्शन समेत दानापुर, आरा, राजगीर और बक्सर रेलवे स्टेशनों की तस्वीर जल्द बदलने वाली है। रेलवे बोर्ड ने इन प्रमुख स्टेशनों पर ब्रांडेड खुदरा दुकानों को खोलने की मंजूरी दे दी है, जिससे यात्रियों को अब स्टेशन परिसर में ही बड़े शोरूम जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इस योजना के तहत स्टेशन परिसर में कपड़ों और जीवनशैली से जुड़े उत्पादों के बड़े-बड़े स्टोर खोले जाएंगे, जो किसी बड़े बाजार या मॉल जैसी अनुभूति देंगे। इसकी शुरुआत सबसे पहले पटना जंक्शन से की जाएगी। यहां हाल ही में एक विस्तृत सर्वेक्षण किया गया, जिसमें दो प्रमुख स्थानों को दुकानों के लिए चिन्हित किया गया है। पहला स्थान प्लेटफॉर्म संख्या एक पर जीआरपी और पार्किंग क्षेत्र के पास है, जबकि दूसरा स्थान प्लेटफॉर्म संख्या दस के अंतिम हिस्से में निर्धारित किया गया है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि सर्वेक्षण की रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को भेज दी गई है और अंतिम स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य तेजी से शुरू कर दिया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि रेलवे की आय में भी वृद्धि होगी। स्टेशन परिसर में इस तरह की दुकानों के खुलने से यात्रियों को यात्रा के दौरान खरीदारी की सुविधा मिलेगी और उन्हें अलग से बाजार जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए भारतीय रेलवे स्टेशन विकास निगम निजी कंपनियों के साथ मिलकर काम कर रहा है। इस दिशा में कई बड़े ब्रांड्स से बातचीत चल रही है। इनमें रिलायंस रिटेल, स्मार्ट बाजार और शॉपर्स स्टॉप जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि मई 2026 से इन दुकानों के लिए समझौते और स्थान आवंटन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। नई योजना के तहत केवल खरीदारी ही नहीं, बल्कि यात्रियों की दैनिक जरूरतों का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा। सर्वेक्षण के दौरान यात्रियों ने खास तौर पर बहु-ब्रांड कपड़ों की दुकानों की मांग की थी, जिसे ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। इसके अलावा अन्य जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि यात्रियों को एक ही स्थान पर सभी सुविधाएं मिल सकें। रेलवे का उद्देश्य स्टेशनों को आधुनिक और सुविधाजनक बनाना है, ताकि यात्रियों का अनुभव बेहतर हो सके। इस योजना के लागू होने के बाद पटना जंक्शन का स्वरूप किसी बड़े बाजार जैसा हो जाएगा, जहां यात्रा के साथ-साथ खरीदारी और अन्य सुविधाओं का भी लाभ उठाया जा सकेगा। mपटना जंक्शन के बाद दानापुर मंडल के अन्य स्टेशनों पर भी इसी तरह की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे पूरे क्षेत्र में रेलवे स्टेशनों का स्वरूप बदल जाएगा और वे आधुनिक शहरी केंद्रों के रूप में विकसित होंगे। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह पहल यात्रियों की बदलती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए की जा रही है। आने वाले समय में रेलवे स्टेशनों को केवल यात्रा के साधन के रूप में नहीं, बल्कि एक संपूर्ण सुविधा केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। यह परियोजना भारतीय रेल के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो यात्रियों को बेहतर अनुभव देने के साथ-साथ रेलवे की आय बढ़ाने में भी सहायक साबित होगी।