पूर्णिया में शॉर्ट सर्किट से बड़ा हादसा, घर में रख दो सिलेंडर ब्लास्ट, डेढ़ लाख कैश समेत सारा सामान जलकर राख

पूर्णिया। पूर्णिया में बुधवार को शॉर्ट सर्किट से हुए भीषण हादसे ने एक गरीब परिवार की पूरी जिंदगी को पल भर में तबाह कर दिया। के. नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत गणेशपुर पंचायत के आदमपुर टोला में अचानक लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। आग इतनी तेज थी कि घर में रखे दो गैस सिलेंडर जोरदार धमाके के साथ फट गए। विस्फोट की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग दहशत के कारण अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए। इस हादसे में सब्जी बेचकर परिवार का पालन-पोषण करने वाले परमानंद सिंह का पूरा घर जलकर राख हो गया। विस्फोट के बाद लगी भीषण आग में मकान पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गया। गनीमत यह रही कि आग फैलने से पहले घर के सभी सदस्य बाहर निकलने में सफल रहे, जिससे किसी की जान नहीं गई। हालांकि आग ने परिवार की वर्षों की मेहनत की कमाई को पल भर में खत्म कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। घर में रखा सारा सामान जलकर खाक हो चुका था। पीड़ित परमानंद सिंह ने बताया कि वे रोज की तरह परोड़ा चौक पर सब्जी बेचने गए थे। उसी दौरान शॉर्ट सर्किट के कारण उनके घर में आग लग गई। घर में रखे दो गैस सिलेंडर आग की चपेट में आ गए और कुछ ही देर में दोनों सिलेंडर फट गए, जिससे आग और भयावह हो गई। परमानंद सिंह के अनुसार, जब उन्हें फोन पर आग लगने की सूचना मिली और वे दौड़कर वापस पहुंचे, तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था। घर में रखे करीब डेढ़ लाख रुपये नकद, अनाज, कपड़े, बर्तन, सब्जी के कैरेट, खाद की बोरियां और रोजमर्रा का पूरा सामान जलकर राख हो गया। उन्होंने बताया कि वे लंबे समय से घर बनाने के लिए थोड़ा-थोड़ा पैसा जोड़ रहे थे, लेकिन इस हादसे में उनकी पूरी पूंजी समाप्त हो गई। पीड़ित ने भावुक होते हुए कहा कि वे सब्जी बेचकर किसी तरह परिवार चलाते हैं। उनकी आठ बेटियां हैं और परिवार की सारी जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर है। उन्होंने बताया कि एक दिन पहले ही समूह ऋण की दस हजार रुपये की किस्त भी जमा की थी। अब न घर बचा है और न ही जमा की गई पूंजी। आग के बाद परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गया है। खाने-पीने की भी भारी परेशानी खड़ी हो गई है। उनका कहना है कि अब समझ नहीं आ रहा कि बच्चों का पालन-पोषण कैसे होगा। स्थानीय लोगों के मुताबिक, सिलेंडर फटने की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के कई घरों की खिड़कियां तक कांप गईं। कुछ देर के लिए पूरे मोहल्ले में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। ग्रामीणों ने भी आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन लपटें इतनी ऊंची थीं कि पास जाना मुश्किल हो गया। दमकल कर्मियों के पहुंचने के बाद ही स्थिति पर नियंत्रण पाया जा सका। प्रशासन की ओर से मौके का जायजा लिया गया है और प्रारंभिक तौर पर आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। स्थानीय थाना पुलिस ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पीड़ित परिवार को आपदा राहत मद से सहायता दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस हादसे ने एक बार फिर बिजली सुरक्षा और गैस सिलेंडर के सुरक्षित उपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पुराने या खराब विद्युत तारों से शॉर्ट सर्किट की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जबकि रसोई गैस सिलेंडर आग की चपेट में आते ही बड़े विस्फोट का कारण बन जाते हैं। ऐसे में नियमित वायरिंग जांच और सावधानी बेहद जरूरी है। फिलहाल परमानंद सिंह और उनका परिवार पड़ोसियों की मदद से किसी तरह गुजर-बसर कर रहा है। पीड़ित ने प्रशासन और सरकार से मदद की गुहार लगाई है, ताकि वे फिर से अपने परिवार के लिए एक छत और जीवन की नई शुरुआत कर सकें। इस दर्दनाक घटना ने न केवल एक परिवार को बेघर कर दिया, बल्कि पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। अब सबकी नजर प्रशासनिक सहायता पर टिकी है, जिससे पीड़ित परिवार को राहत मिल सके और वे दोबारा अपने पैरों पर खड़े हो सकें।

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