बेगूसराय में नाबालिक भतीजी को चाचा ने बनाया हवस का शिकार, आरोपी गिरफ्तार
बेगूसराय। बिहार के बेगूसराय जिले में एक ऐसी घृणित घटना सामने आई है, जिसने न केवल रिश्तों की मर्यादा को तार-तार कर दिया, बल्कि समाज के सामने एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा का सवाल खड़ा कर दिया है। यहाँ डंडारी थाना क्षेत्र में एक चाचा द्वारा अपनी ही नाबालिग भतीजी के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिए जाने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि पीड़िता को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामला शुक्रवार रात की है, जब पीड़िता, जिसकी उम्र मात्र 8 वर्ष बताई जा रही है, अपने घर के बाहर खेल रही थी। आरोपी चाचा, जो पीड़िता के पड़ोस में रहता है, ने उसे बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया और वहाँ उसके साथ दुष्कर्म किया । घटना के बाद जब बच्ची घर लौटी, तो उसकी हालत देखकर परिजन स्तब्ध रह गए। उसे तुरंत बलिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) ले जाया गया, जहाँ से उसे गंभीर स्थिति के कारण बेगूसराय सदर अस्पताल रेफर किया गया। वर्तमान में उसका इलाज चल रहा है। परिजनों द्वारा थाने में शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद पुलिस ने तत्काल आरोपी चाचा को गिरफ्तार कर लिया। डंडारी थानाध्यक्ष विवेक कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आरोपी से पूछताछ शुरू की है। बलिया की डीएसपी नेहा कुमारी ने पुष्टि की कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की गहन जाँच की जा रही है। आरोपी चाचा पेशे से एक मजदूर है और दो बच्चों का पिता है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कुछ दिन पहले ही उसका अपनी पत्नी से झगड़ा हुआ था, जिसके बाद उसने पत्नी को बच्चों के साथ मायके भेज दिया था। इस घटना ने एक बार फिर परिवारिक कलह और मानसिक असंतुलन के कारण होने वाली हिंसा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना ने पूरे इलाके में आक्रोश फैला दिया है। स्थानीय निवासियों ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की है। वहीं, पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना एक बार फिर समाज के सामने बच्चों, विशेषकर लड़कियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। ऐसे मामलों में न केवल कानूनी कार्रवाई बल्कि सामाजिक जागरूकता और परिवारिक निगरानी की भी आवश्यकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों को यौन शोषण से बचाने के लिए उन्हें सुरक्षा के बारे में शिक्षित करना और संदिग्ध हरकतों पर तुरंत सतर्क होना जरूरी है। बेगूसराय की यह घटना न केवल एक अपराध है, बल्कि समाज के नैतिक पतन का भी प्रतीक है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और आरोपी की गिरफ्तारी से कुछ हद तक न्याय की उम्मीद जगी है, लेकिन इस तरह की वारदातों को रोकने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। पीड़िता के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना के साथ, अब न्यायपालिका और समाज दोनों की जिम्मेदारी है कि ऐसे अपराधियों को कड़ी सजा मिले ताकि भविष्य में कोई और नाबालिग ऐसी हिंसा का शिकार न बने।


