LJP के इस ऐलान के पीछे क्या है राज, कहीं JDU को बैकफुट पर लाने को तो नहीं खेला गया खेल ?
लोजपा कार्यालय में जश्न

पटना। नई दिल्ली में आयोजित लोजपा संसदीय बोर्ड की बैठक में लोजपा ने बिहार विधानसभा चुनाव में अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। लोजपा नेता व सांसद चिराग पासवान ने कहा है कि बिहार में मणिपुर फार्मूला के तहत लोजपा चुनाव लड़ेगी। यह जरूरी नहीं है कि केंद्र में भाजपा-जदयू-लोजपा एक साथ है तो राज्य में भी एक साथ चुनाव लड़े। पार्टी सूत्र ने कहा है कि इसके पहले लोजपा झारखंड और मणिपुर में भी अकेले चुनाव लड़ी थी और अब बिहार में भी 143 सीटों पर उम्मीदवार खड़ा करेगी। हालांकि लोजपा जदयू के साथ चुनाव न लड़कर भाजपा के साथ गठबंधन करेगी।
लोजपा की हुई संसदीय दल की बैठक में यह तो साफ हो गया है कि जदयू को हराने के लिए लोजपा एड़ी चोटी एक कर देगी। कयास लगाया जा रहा है कि जहां से भाजपा अपना उम्मीदवार उतारेगी, वहां से लोजपा उम्मीदवार नहीं उतारेगी, जबकि जदयू उम्मीदवार के विपरित लोजपा अपना उम्मीदवार खड़ा करेगी।
राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज हो गई है कि भले आज जदयू बिहार में बड़े भाई की भूमिका में है अगर चुनाव बाद भाजपा को सरकार बनाने में कुछ सीटों की जरूरत होगी तो लोजपा भाजपा का समर्थन करेगी, जबकि जदयू का नहीं। कुछ लोग दबी जुबान के साथ यह भी कह रहे हैं कि जदयू अब अकेले हो गई है। भाजपा-जदयू ने मिलकर जदयू के लिए अपनी फिल्डिंग सेट कर ली है। ताकि नीतीश कुमार की पार्टी जदयू बड़े भाई की की जगह छोटे भाई भूमिका में रहे। बताते चले एक अखबार में प्रकाशित खबरों के अनुसार, आरएसएस की ओर से बिहार में सर्वे कराया गया था, जिसमें नीतीश सरकार के कार्यकलाप से लोग नाखुश नजर आ रहे हैं। उक्त खबर के बाद ही भाजपा इसकी रणनीति बनाने में जुट गई कि अगर विधानसभा चुनाव में जदयू को कम सीटें आती है तो भाजपा का स्टैंड क्या होगा। बहरहाल यह भविष्य के गर्त में है।

इधर, चिराग पासवान के द्वारा लिए गये फैसले के बाद लोजपा के बिहार प्रदेश कार्यालय में पार्टी उपाध्यक्ष संजय पासवान, प्रदेश मीडिया प्रभारी कृष्णा सिंह कल्लू की अध्यक्षता में जश्न का आयोजन किया गया। कल्लू ने बताया कि लोजपा की पहली जीत हो गई है। इस जश्न समारोह में संजीव सरदार, राजेंद्र विश्वकर्मा, सौलत राही, ओम प्रकाश भारती, शंकर सिंह, सुरेंद्र विवेक, विभूति पासवान, दिनेश पासवान इत्यादि मौजूद थे।

