February 25, 2026

शराबबंदी को लेकर जदयू का बड़ा बयान, श्याम रजक बोले- बिहार में जारी रहेगी शराबबंदी, एनडीए की यही राय

पटना। बिहार विधानसभा के बजट सत्र के 17वें दिन सदन में शराबबंदी को लेकर सियासी माहौल गर्म रहा। प्रश्नकाल के दौरान सरकार विधायकों के सवालों का जवाब दे रही थी, इसी बीच शराबबंदी की समीक्षा का मुद्दा भी चर्चा में आ गया। इस पर जनता दल यूनाइटेड के विधायक श्याम रजक ने स्पष्ट कहा कि बिहार में शराबबंदी जारी रहेगी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की यही सामूहिक राय है।
श्याम रजक का बयान
जदयू विधायक श्याम रजक ने कहा कि किसी भी नेता की निजी राय अलग हो सकती है, लेकिन गठबंधन के स्तर पर शराबबंदी को जारी रखने का निर्णय कायम है। उन्होंने साफ किया कि बिहार में लागू पूर्ण शराबबंदी नीति में फिलहाल किसी बदलाव का प्रश्न नहीं है। हाल के दिनों में गठबंधन के कुछ विधायकों द्वारा शराबबंदी की समीक्षा की मांग उठाए जाने के बाद यह बयान अहम माना जा रहा है। श्याम रजक के अनुसार सरकार समाजहित को ध्यान में रखकर निर्णय लेती है और शराबबंदी को सामाजिक सुधार की दिशा में उठाया गया कदम बताया गया है। उन्होंने कहा कि गठबंधन की एकजुटता इस मुद्दे पर बनी हुई है।
सदन में हंगामा और तीखी बहस
मंगलवार को विधानसभा में उस समय जोरदार हंगामा हुआ जब राष्ट्रीय जनता दल के विधायक कुमार सर्वजीत ने चौकीदारों पर हुए लाठीचार्ज का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे चौकीदारों के साथ बर्बरता की गई और ऐसी सरकार नहीं चल सकती। इस पर संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने जवाब देते हुए कहा कि अगर सरकार नहीं चलेगी तो चौकीदारों की समस्याएं कौन सुनेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदर्शन को नहीं रोका और उनकी मांगों पर विचार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री और विपक्ष के बीच नोकझोंक
बहस के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राजद विधायक भाई वीरेंद्र के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि वे लोग बेकार का हंगामा कर रहे हैं और उन्होंने कभी कोई ठोस काम नहीं किया। इसी दौरान मुख्यमंत्री ने सीटों की संख्या का उल्लेख करते हुए गलती से 202 के स्थान पर 2002 कह दिया, जिसे लेकर सदन में हल्की हंसी भी सुनाई दी। दरअसल, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने पिछली विधानसभा चुनाव में 202 सीटों पर जीत दर्ज की थी। मुख्यमंत्री की जुबान फिसलने के बावजूद बहस का स्वर काफी तीखा बना रहा।
विपक्ष का दावा
राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि जनता आहत है और वर्तमान सरकार ज्यादा दिन नहीं चलेगी। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में उनकी पार्टी की सरकार बनेगी। सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा।
शराबबंदी पर सियासत तेज
हाल के दिनों में कुछ विधायकों ने शराबबंदी कानून की समीक्षा की मांग उठाई थी। उनका तर्क था कि कानून के क्रियान्वयन में कुछ व्यावहारिक कठिनाइयां सामने आ रही हैं। इसी पृष्ठभूमि में शराबबंदी का मुद्दा फिर से चर्चा में आया है। हालांकि जदयू का रुख साफ है कि नीति में कोई बदलाव नहीं होगा। पार्टी नेताओं का कहना है कि शराबबंदी सामाजिक सुधार का बड़ा कदम है और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। दूसरी ओर विपक्ष का आरोप है कि कानून के बावजूद अवैध शराब का कारोबार जारी है और निर्दोष लोग भी कानून की चपेट में आ रहे हैं।
सरकार की प्राथमिकताएं
सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि प्रदर्शन करने वाले चौकीदारों की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। मंत्री विजय चौधरी ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार विरोध में होती तो प्रदर्शन को रोका जाता, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। सरकार संवाद के माध्यम से समाधान निकालने के पक्ष में है। बजट सत्र के दौरान विभिन्न मुद्दों पर चर्चा जारी है, लेकिन शराबबंदी का विषय राजनीतिक रूप से संवेदनशील बना हुआ है। सत्ता पक्ष इसे अपनी उपलब्धि के रूप में पेश कर रहा है, जबकि विपक्ष इसे असफल नीति बताकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है।
आगे की दिशा
फिलहाल जदयू और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने स्पष्ट कर दिया है कि बिहार में शराबबंदी कानून लागू रहेगा। किसी भी संभावित समीक्षा की चर्चा के बावजूद सरकार का आधिकारिक रुख इसमें बदलाव का नहीं है। आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि विपक्ष इस मुद्दे को कितना तूल देता है और सरकार इसे किस तरह संभालती है। विधानसभा में चल रही बहस से यह स्पष्ट है कि शराबबंदी केवल सामाजिक मुद्दा नहीं, बल्कि राजनीतिक विमर्श का भी प्रमुख केंद्र बन चुका है। सत्ता और विपक्ष के बीच यह टकराव आने वाले समय में और तेज हो सकता है।

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