दरभंगा जंक्शन पर लिफ्ट फेल, 25 मिनट तक बुजुर्ग महिला फंसी; जीआरपी-आरपीएफ ने बचाया
दरभंगा। दरभंगा जंक्शन पर यात्रियों की सुविधा के लिए लगाए गए लिफ्ट की बदहाल स्थिति एक बार फिर सामने आई है। बुधवार को प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर स्थित लिफ्ट अचानक बीच में बंद हो गई, जिससे उसमें सवार एक बुजुर्ग महिला करीब 20 से 25 मिनट तक अंदर फंसी रही। इस घटना के बाद स्टेशन परिसर में अफरातफरी मच गई और यात्रियों के बीच दहशत का माहौल बन गया। काफी मशक्कत के बाद जीआरपी और आरपीएफ की मदद से महिला को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। जानकारी के अनुसार, लिफ्ट में फंसी महिला की पहचान बेगूसराय जिले की रहने वाली भारती देवी (उम्र लगभग 60 वर्ष) के रूप में हुई है। वह दरभंगा में अपने बैंक से जुड़े कुछ काम निपटाने आई थीं और इसके बाद मधुबनी स्थित अपनी बेटी के घर जाने के लिए प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर लिफ्ट का उपयोग कर रही थीं। बताया गया कि जैसे ही लिफ्ट नीचे की ओर बढ़ी, उसी दौरान अचानक बिजली कट हो गई, जिससे लिफ्ट बीच में ही रुक गई और दरवाजा नहीं खुल सका। अचानक लिफ्ट बंद हो जाने से बुजुर्ग महिला अंदर घबरा गईं। काफी देर तक बंद लिफ्ट में रहने के कारण उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। स्टेशन पर मौजूद यात्रियों को जब इस बात की जानकारी मिली तो हड़कंप मच गया। कुछ लोगों ने तुरंत स्टेशन कर्मियों को सूचना दी, वहीं महिला ने भी सूझबूझ दिखाते हुए लिफ्ट के अंदर लगे आपातकालीन नंबर पर कॉल किया। इसके बाद जीआरपी को पूरे मामले की जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही जीआरपी थानाध्यक्ष किंग कुंदन और आरपीएफ पोस्ट इंचार्ज पुखराज मीणा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। दोनों सुरक्षा एजेंसियों के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए लिफ्ट को खोलने की प्रक्रिया शुरू की। काफी प्रयासों के बाद लिफ्ट का दरवाजा खोला गया और बुजुर्ग महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। महिला को बाहर निकलते देख स्टेशन पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। घटना के दौरान स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ जमा हो गई। कई यात्रियों ने रेलवे प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई और कहा कि यह कोई पहली बार नहीं है जब इस लिफ्ट में खराबी आई हो। यात्रियों ने बताया कि इससे पहले भी 3 अक्टूबर 2025 को इसी लिफ्ट में नौ बच्चे फंस गए थे, जिन्हें करीब डेढ़ घंटे बाद बाहर निकाला जा सका था। उस समय भी लिफ्ट की खराबी को लेकर सवाल उठे थे, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। यात्रियों का आरोप है कि रेलवे प्रशासन द्वारा लिफ्ट का नियमित रखरखाव नहीं कराया जाता है। समय-समय पर जांच और तकनीकी निरीक्षण के अभाव में इस तरह की घटनाएं बार-बार हो रही हैं। लोगों का कहना है कि दिव्यांग, बुजुर्ग और सामान्य यात्रियों की सुविधा के लिए लगाए गए उपकरण यदि सुरक्षित नहीं होंगे, तो वे सुविधा के बजाय खतरा बन जाएंगे। यात्रियों ने आशंका जताई कि यदि जल्द सुधार नहीं किया गया तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है। इस संबंध में जीआरपी थानाध्यक्ष किंग कुंदन ने बताया कि महिला करीब 25 मिनट तक लिफ्ट में फंसी रही। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरपीएफ के सहयोग से उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। उन्होंने कहा कि यदि लिफ्ट का समय-समय पर सही तरीके से मेंटेनेंस और निगरानी की जाए, तो इस तरह की घटनाओं से बचा जा सकता है। लगातार हो रही घटनाओं ने रेलवे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दरभंगा जंक्शन जैसे व्यस्त स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर लापरवाही चिंता का विषय बनती जा रही है। अब देखना यह होगा कि रेलवे प्रशासन इस घटना से सबक लेकर लिफ्ट की नियमित जांच और मरम्मत की व्यवस्था करता है या फिर यात्रियों को ऐसे ही जोखिम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।


