February 13, 2026

सुपौल में गांव में घुसा तेंदुआ, महिला समेत 4 को किया जख्मी, मचा हड़कंप

सुपौल। सुपौल जिले के इंडो-नेपाल सीमा से सटे बसंतपुर प्रखंड के रानीगंज गांव में मंगलवार रात को तेंदुए ने अचानक हमला कर दहशत फैला दी। इस हमले में 19 वर्षीय नंदन कुमार, राजेश कुमार यादव और अन्य दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना ने पूरे गांव में अफरा-तफरी मचा दी और लोग रातभर भय के साए में जागने को मजबूर हो गए। घटना उस समय हुई जब स्थानीय निवासी अशोक मंडल के घर में महिलाएं कपड़े सिलवा रही थीं। नंदन कुमार जब घर के दूसरे कमरे में गया, तो उसे चौकी के नीचे से गरजने की आवाज सुनाई दी। चौकी के अंदर झांकने पर उसने एक तेंदुआ देखा। घबराकर शोर मचाने पर तेंदुआ ने नंदन पर हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गया। ग्रामीणों ने तुरंत नंदन को वीरपुर अस्पताल पहुंचाया। इसके बाद तेंदुआ भागकर गुलाय मंडल के पूजा घर में घुस गया। गांववाले डरे हुए थे, लेकिन तेंदुआ को पकड़ने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान जब एक महिला पूजा करने गई, तो उसने तेंदुआ को पूजा घर में देखा और फौरन दरवाजा बंद कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 की पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। हालांकि, वन विभाग के पास तेंदुए को पकड़ने के लिए आवश्यक संसाधन नहीं थे। तेंदुआ ने पूजा घर की दीवार तोड़ने और छत के टीन को तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश की। इस दौरान उसने भगवानपुर पंचायत के पीआरएस शिवरंजन कुमार पर हमला कर उन्हें भी घायल कर दिया। तेंदुआ बाद में एक अन्य कमरे में घुस गया, जिसमें दरवाजा नहीं था। पूरे इलाके में तेंदुए के डर से दहशत फैल गई। ग्रामीणों ने रातभर जागकर अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा की। बच्चों को घर से बाहर निकलने नहीं दिया जा रहा है, और लोग तेंदुए के दोबारा लौटने की आशंका से डरे हुए हैं। बसंतपुर के अंचलाधिकारी हेमंत अंकुर ने कहा कि तेंदुआ अब गांव से निकलकर जंगल की ओर चला गया है। हालांकि, ग्रामीणों में अभी भी डर का माहौल बना हुआ है। प्रशासन ने ग्रामीणों को सतर्क रहने और तेंदुए की दोबारा उपस्थिति की स्थिति में तुरंत वन विभाग या पुलिस को सूचित करने की सलाह दी है। यह घटना वन्यजीवों के प्रबंधन और ग्रामीण इलाकों में उनकी बढ़ती मौजूदगी पर गंभीर सवाल खड़े करती है। वन विभाग के पास तेंदुए जैसे खतरनाक जानवरों को रेस्क्यू करने के लिए आवश्यक संसाधन नहीं होना चिंता का विषय है। इससे ग्रामीणों की सुरक्षा खतरे में पड़ती है। सुपौल में तेंदुए का यह हमला वन्यजीवों और मनुष्यों के बीच बढ़ते संघर्ष का एक और उदाहरण है। ग्रामीणों के लिए इस तरह की घटनाएं डर और असुरक्षा का माहौल बनाती हैं। प्रशासन को चाहिए कि वह वन विभाग को बेहतर संसाधन मुहैया कराए और ग्रामीणों को सुरक्षा के प्रति जागरूक करे, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

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