January 24, 2026

दरभंगा में भूमि सर्वे बना लोगों की मुसीबत: खतियान के लिए अभिलेखागार में किसानों की भीड़, व्यवस्था के खिलाफ आक्रोश

दरभंगा। राज्य सरकार ने जमीन की सर्वे करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, लेकिन अधिकारियों व कर्मचारियों की मनमानी के कारण यह प्रक्रिया आम लोगों के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है। हालात यह है कि सुदूर गांव से लोग हर रोज सर्वे व लेखागार कार्यालय का चक्कर लगा रहें है। जिला मुख्यालय अभिलेखागार कार्यालय में रोज सैकड़ों की संख्या में खतियान लेने के लिए किसानों की भीड़ देखी जा रही है। जिला मुख्यालय अभिलेखागार कार्यालय से प्रत्येक दिन सिर्फ 100 खतियान ही बांटे जा रहे हैं। जबकि खतियान लेने के लिए प्रत्येक दिन 1200 से 2000 के बीच चिरकूट फाइल किया जा रहा है। बताया जाता है कि ऑनलाइन सिस्टम कमजोर होने की वजह से भी कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने बताया कि सर्वे करना सरकार की अच्छी पहल है, लेकिन इसके लिए सरकार को पहले तैयारी करनी चाहिए थी। बगैर किसी तैयारी के सर्वे करने की घोषणा कर दी गई और सर्वे का कार्य जैसे ही प्रारंभ हुआ, किसानों को कागजात इकट्‌ठा करने में भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिला अभिलेखागार कार्यालय के प्रधान लिपिक ने बताया कि यहां खतियान के लिए सैकड़ों किसानों की भीड़ इकट्‌ठा हो रही है। कोशिश की जा रही है अधिक से अधिक खतियान का वितरण किया जाए, लेकिन 100 खतियान से ज्यादा वितरण नहीं हो पा रहा है। प्रत्येक दिन भीड़ बढ़ते ही जा रही है। अभिलेखागार में कुछ मौजा का खतियान कटे-फटे होने की वजह परेशानी हो रही है। वैसे किसानों को चकबंदी कार्यालय में भेजा जा रहा है। अभिलेखागार प्रभारी पदाधिकारी सह डीपीआरओ पंचायत प्रशांत कुमार ने कहा कि इन दिनों अभिलेखागार में प्रत्येक दिन 1500 से 2000 के बीच रिकॉर्ड की खोजबीन के लिए चिरकुट फाइल हो रहा है। सामान्य दिनों में 100 से 175 के बीच रिकार्ड की खोजबीन के लिए चिरकुट फाइल हो रहा था। स्थिति यह है कि चिरकुट फाइल करने के बाद रजिस्टर मेंटेन होता है। रजिस्टर मेंटेन के बाद सर्चिंग होता है। इसके बाद आवेदक को जानकारी दी जाती है। आवेदक सामान्य दिनों की तरह सेम डे में जानकारी चाह रहे हैं। जानकारी में देरी होने की वजह से उहापोह की स्थिति बनी हुई है।

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