जमीन बिक्री के नाम पर महिला को लगाया चूना,54 लाख की ठगी,आरोपी रंजन गुप्ता गिरफ्तार,कोर्ट में पेशी के बाद भेजा गया जेल
फुलवारीशरीफ।पटना के जक्कनपुर थाना क्षेत्र में जमीन दिलाने के नाम पर महिला से लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है. पुलिस ने इस मामले में आरोपी रंजन कुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया.

मिली जानकारी के अनुसार गया जिले के टेकारी थाना क्षेत्र के अर्कदीवरीया गांव की रहने वाली सोहानी कुमारी, जो वर्तमान में पटना के इन्द्रानगर बैंक कॉलोनी रोड नंबर-4 स्थित लखी मेंशन अपार्टमेंट में रहती हैं, ओम स्ट्रक्चर सॉल्यूशन इंडिया लिमिटेड की डायरेक्टर भी हैं. उन्होंने जक्कनपुर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में उन्होंने बताया कि जमीन खरीदने के क्रम में उनकी मुलाकात जक्कनपुर थाना क्षेत्र के न्यू बंगाली टोला निवासी रंजन कुमार गुप्ता से हुई.
आरोप है कि रंजन कुमार गुप्ता ने 30 सितंबर 2022 को खाता संख्या 56 और सर्वे प्लॉट नंबर 193 के अंश में 1571 वर्गफीट जमीन देने का झांसा देकर उनसे आरटीजीएस के माध्यम से 21 लाख रुपये ले लिए. इसके बाद 10 अक्टूबर 2022 को 5 लाख, 25 नवंबर 2022 को 9 लाख और 27 दिसंबर 2022 को 10 लाख रुपये भी ले लिया. इस तरह जमीन दिलाने के नाम पर कुल 45 लाख रुपये वसूल लिए.
पीड़िता का आरोप है कि उक्त जमीन देने के बजाय आरोपी ने वह जमीन किसी अन्य व्यक्ति को बेच दी. बाद में भरोसा दिलाकर 19 फरवरी 2023 को खाता संख्या 112, प्लॉट नंबर 293 के अंश में 1200 वर्गफीट जमीन देने का बैयाना किया और 25 फरवरी 2023 को फिर 10 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से ले लिया. इस तरह आरोपी ने कुल 55 लाख रुपये ले लिए.
महिला के अनुसार 9 अप्रैल 2023 को आरोपी ने 55 लाख रुपये लौटाने के लिए एकरारनामा लिखकर दिया और चार अलग-अलग चेक भी सौंपे. बाद में 14 जून 2023 को उसने 11 लाख रुपये वापस कर दिए, लेकिन शेष 44 लाख रुपये लौटाने से लगातार टालमटोल करता रहा और मांगने पर धमकी भी देने लगा.
इस मामले में जक्कनपुर थाना में कांड संख्या 470/25 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(2), 318(4) और 317(2) के तहत कार्रवाई की जा रही है.
जक्कनपुर थाना के पुलिस अधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि महिला से लगभग 54 लाख रुपये लेकर धोखाधड़ी करने के आरोप में रंजन कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया गया था. पुलिस ने उसे कोर्ट में प्रस्तुत किया, जहां से न्यायालय ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया.

