January 1, 2026

ललन सिंह का विपक्ष पर हमला, कहा- महागठबंधन के घोषणा पत्र की कोई अहमियत नहीं, 14 को हमारी सरकार बनेगी

पटना। बिहार विधानसभा चुनाव का माहौल अब पूरी तरह गरमा चुका है। जैसे-जैसे मतदान की तारीखें नजदीक आ रही हैं, वैसे-वैसे सियासी बयानबाजियां भी तेज होती जा रही हैं। इसी क्रम में केंद्रीय मंत्री और मुंगेर के सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने महागठबंधन के घोषणा पत्र को बेअसर और गैर-जरूरी बताते हुए कहा कि जनता अब उन वादों पर भरोसा नहीं करती जो कभी पूरे नहीं होते।
चुनाव प्रचार के बीच बढ़ी सियासी गर्मी
बिहार में 6 नवंबर को पहले चरण का मतदान और 11 नवंबर को दूसरे चरण का मतदान होना है। इस बीच सभी दलों ने अपने-अपने प्रत्याशियों के समर्थन में प्रचार अभियान को तेज कर दिया है। एनडीए की ओर से जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह लगातार कई जिलों का दौरा कर रहे हैं। मंगलवार को उन्होंने मुंगेर, जमालपुर और तारापुर विधानसभा क्षेत्रों में एनडीए प्रत्याशियों के पक्ष में जनसभाएं कीं। उन्होंने कहा कि इस बार भी जनता नीतीश कुमार के नेतृत्व में विकास और स्थिरता की सरकार को वोट देगी।
महागठबंधन के घोषणा पत्र पर सवाल
अपने भाषण में ललन सिंह ने महागठबंधन के घोषणा पत्र को पूरी तरह खोखला बताया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अपने शासनकाल में बिहार को अंधेरे में धकेला, वे अब झूठे वादों से जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। ललन सिंह ने कहा कि जिन्हें काम करने की नीयत ही नहीं है, उनके घोषणा पत्र की कोई अहमियत नहीं होती। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि जनता अब ऐसे नेताओं को भलीभांति पहचान चुकी है जो केवल चुनावी मौसम में सपनों का महल खड़ा करते हैं।
तेजस्वी यादव और राजद पर निशाना
ललन सिंह ने अपने संबोधन में राजद नेता तेजस्वी यादव पर सीधा हमला किया। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता जानती है कि तेजस्वी के माता-पिता के शासनकाल में राज्य की क्या स्थिति थी। उस दौर में बिहार में अपराध, भ्रष्टाचार और जातीय हिंसा चरम पर थी। उन्होंने कहा कि अब जनता फिर से उस दौर में लौटना नहीं चाहती। नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने विकास, शांति और स्थिरता की दिशा में कदम बढ़ाया है, जिसे जनता जारी रखना चाहती है।
ओवैसी के बयान पर पलटवार
हाल ही में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने एक बयान में कहा था कि लालू यादव के शासन में भी जंगलराज था और नीतीश कुमार के शासन में भी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ललन सिंह ने कहा कि ओवैसी का बिहार की राजनीति में कोई महत्व नहीं है। उन्होंने कहा कि ओवैसी हैदराबाद से आकर बिहार के बारे में बयान देते हैं, जबकि उन्हें यहां की सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों की सही जानकारी नहीं है। ललन सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार ने अल्पसंख्यक समाज के उत्थान के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं, जो पूरे देश के लिए मिसाल बन चुके हैं।
अल्पसंख्यक समाज के विकास का जिक्र
ललन सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार ने अल्पसंख्यक समाज की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए ठोस योजनाएं चलाई हैं। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में छात्रवृत्ति योजनाएं, तकनीकी प्रशिक्षण केंद्र, और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए कई कार्यक्रम शुरू किए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में सभी धर्मों के लोगों के बीच सौहार्दपूर्ण माहौल बना हुआ है, जो बिहार की सबसे बड़ी ताकत है।
एनडीए सरकार की उपलब्धियों पर जोर
केंद्रीय मंत्री ने अपने भाषण में एनडीए सरकार की उपलब्धियों को भी गिनाया। उन्होंने कहा कि पिछले 18 वर्षों में बिहार में सड़क, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। पहले जहां गांवों में अंधेरा छाया रहता था, वहीं आज हर घर में बिजली पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि विकास की यह रफ्तार एनडीए सरकार की नीतियों और जनता के सहयोग से ही संभव हो सकी है।
जनता के समर्थन में विश्वास
ललन सिंह ने अपने भाषण के अंत में कहा कि 14 नवंबर को जब मतगणना होगी, तो एक बार फिर नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता इस बार भी विकास, सुशासन और स्थिरता के नाम पर वोट देगी। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता अब जाति और भ्रम फैलाने वाली राजनीति से ऊपर उठ चुकी है। जनता का भरोसा नीतीश कुमार पर है, जिन्होंने बिना भेदभाव के हर वर्ग के लिए काम किया है। ललन सिंह की यह जनसभा न केवल एनडीए प्रत्याशियों के समर्थन में प्रचार अभियान का हिस्सा थी, बल्कि यह विपक्ष के वादों और नीतियों के खिलाफ एक राजनीतिक संदेश भी थी। उन्होंने अपने भाषण के माध्यम से यह स्पष्ट करने की कोशिश की कि एनडीए सरकार का एजेंडा केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि बिहार को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है। वहीं उन्होंने जनता से अपील की कि वे उन ताकतों को नकार दें जो बिहार को फिर से अराजकता की ओर ले जाना चाहती हैं।

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