February 10, 2026

मणिपुर में एनडीए सरकार को समर्थन देगी जदयू, राष्ट्रीय महासचिव ने राज्यपाल को सौंपा समर्थन पत्र

पटना। मणिपुर में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार को जनता दल (यूनाइटेड) का समर्थन मिलने से राज्य की राजनीति में नई हलचल तेज हो गई है। लंबे समय से राष्ट्रपति शासन के अधीन रहे मणिपुर में अब एक बार फिर निर्वाचित सरकार के गठन का रास्ता साफ होता दिख रहा है। जदयू ने औपचारिक रूप से समर्थन देने की घोषणा करते हुए राज्यपाल को समर्थन पत्र सौंप दिया है, जिससे नई सरकार के गठन की प्रक्रिया को मजबूती मिली है।
जदयू का समर्थन, औपचारिक ऐलान
जनता दल (यूनाइटेड) की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार पार्टी ने मणिपुर में गठित होने वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार को समर्थन देने का निर्णय लिया है। यह जानकारी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अफाक अहमद खान, जो उत्तर-पूर्वी राज्यों के प्रभारी भी हैं, ने मीडिया को दी। प्रेस विज्ञप्ति राष्ट्रीय सचिव मोहम्मद निसार की ओर से जारी की गई, जिसमें स्पष्ट किया गया कि जदयू मणिपुर इकाई ने राज्य में स्थिर सरकार और विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से यह फैसला लिया है। इसी क्रम में पार्टी का समर्थन पत्र मणिपुर के राज्यपाल को सौंप दिया गया है।
राज्य में राजनीतिक गतिविधियों में तेजी
जदयू के समर्थन की घोषणा के बाद मणिपुर की राजनीतिक गतिविधियां अचानक तेज हो गई हैं। लगभग एक वर्ष से राष्ट्रपति शासन के अधीन रहे इस पूर्वोत्तर राज्य में अब राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार बहाल होने की संभावना प्रबल हो गई है। राज्य में लंबे समय से राजनीतिक अनिश्चितता का माहौल रहा है, ऐसे में गठबंधन सरकार के गठन को स्थिरता की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
सरकार गठन का दावा और राज्यपाल से मुलाकात
विधायक दल के नेता युमनाम खेमचंद सिंह बुधवार सुबह वरिष्ठ भारतीय जनता पार्टी के नेताओं और विधायकों के साथ चार्टर्ड विमान से इंफाल पहुंचे। वहां उन्होंने मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया। सूत्रों के अनुसार, राज्य में नई सरकार के गठन को लेकर सभी आवश्यक औपचारिकताएं तेजी से पूरी की जा रही हैं, ताकि राष्ट्रपति शासन की अवधि समाप्त होने से पहले निर्वाचित सरकार का गठन हो सके।
दो उपमुख्यमंत्रियों का फॉर्मूला
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, नई सरकार में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने के लिए दो उपमुख्यमंत्रियों की नियुक्ति की जाएगी। इसमें कुकी समुदाय का प्रतिनिधित्व नेमचा किपगेन करेंगी, जबकि नागा समुदाय का प्रतिनिधित्व लोधी दिखो को दिए जाने की संभावना है। नेमचा किपगेन मणिपुर की पहली महिला उपमुख्यमंत्री होंगी, जिसे राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। इस फॉर्मूले के जरिए विभिन्न समुदायों के बीच विश्वास बहाली और संतुलन साधने की कोशिश की जा रही है।
प्रस्तावित मंत्रिमंडल की रूपरेखा
सूत्रों का कहना है कि प्रस्तावित मंत्रिमंडल में कोंथौजम गोविंदास सिंह को गृह मंत्री बनाए जाने की संभावना है। राज्य में लंबे समय से जातीय हिंसा और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दे रहे हैं, ऐसे में गृह मंत्रालय का दायित्व काफी अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि नई सरकार कानून-व्यवस्था बहाल करने और शांति स्थापित करने को अपनी प्राथमिकता बनाएगी।
विधायक दल की बैठक और नेतृत्व का चयन
नई दिल्ली में मंगलवार को मणिपुर भारतीय जनता पार्टी के विधायक दल की बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में युमनाम खेमचंद सिंह को विधायक दल का नेता चुना गया। इसके बाद आज राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के घटक दलों के विधायकों की बैठक में मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्रियों के नामों पर अंतिम मुहर लग सकती है। इससे पहले ही जदयू सहित अन्य सहयोगी दलों का समर्थन मिलने से सरकार गठन का रास्ता लगभग साफ हो चुका है।
राष्ट्रपति शासन की पृष्ठभूमि
मणिपुर में मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में बीते वर्ष की जातीय हिंसा एक अहम कारण रही है। मैतेई और कुकी समुदाय के बीच हुई हिंसक घटनाओं के चलते राज्य में स्थिति काफी बिगड़ गई थी। इसी के चलते 9 फरवरी 2025 को तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके चार दिन बाद, 13 फरवरी 2025 से राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया।
राष्ट्रपति शासन की समयसीमा समाप्ति के करीब
मणिपुर में लागू राष्ट्रपति शासन की समयसीमा 12 फरवरी 2026 को समाप्त हो रही है। ऐसे में केंद्र सरकार और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की ओर से यह प्रयास किया जा रहा है कि समयसीमा समाप्त होने से पहले राज्य में एक निर्वाचित और स्थिर सरकार का गठन कर दिया जाए। जदयू का समर्थन मिलने के बाद इस दिशा में प्रयासों को और मजबूती मिली है।
स्थिरता और विकास की उम्मीद
जदयू ने अपने समर्थन को राज्य में स्थिर सरकार और विकास कार्यों को आगे बढ़ाने से जोड़ा है। पार्टी का मानना है कि राजनीतिक स्थिरता के बिना मणिपुर में शांति, विकास और पुनर्निर्माण के प्रयास सफल नहीं हो सकते। नई सरकार से यह अपेक्षा की जा रही है कि वह जातीय तनाव को कम करने, कानून-व्यवस्था बहाल करने और विकास योजनाओं को गति देने पर विशेष ध्यान देगी। जनता दल (यूनाइटेड) के समर्थन के साथ मणिपुर में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार का गठन लगभग तय माना जा रहा है। यह सरकार राज्य को लंबे समय से चले आ रहे राजनीतिक और सामाजिक संकट से बाहर निकालने में कितनी सफल होती है, इस पर पूरे देश की नजरें टिकी रहेंगी।

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