February 23, 2026

बांग्लादेश में नहीं होगा आईपीएल का प्रसारण, वर्ल्ड कप के लिए भी टीम नहीं आएगी भारत

नई दिल्ली। दक्षिण एशिया में खेल और राजनीति के रिश्ते एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। बांग्लादेश सरकार ने अपने देश में इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल के प्रसारण पर रोक लगाने का बड़ा फैसला लिया है। यह निर्णय केवल खेल प्रसारण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे कूटनीतिक, राजनीतिक और सामाजिक कारण भी जुड़े हुए हैं। इस फैसले के साथ ही बांग्लादेश ने भारत में होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप के लिए अपनी टीम भेजने से भी इनकार कर दिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट पर इसका सीधा असर पड़ता दिखाई दे रहा है।
आईपीएल प्रसारण पर बैन का आदेश
बांग्लादेश के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने सोमवार को एक आधिकारिक निर्देश जारी कर देश में आईपीएल के प्रचार, प्रसारण और पुनः प्रसारण पर रोक लगा दी। मंत्रालय के बयान में कहा गया कि अगले आदेश तक आईपीएल के किसी भी मैच का प्रसारण बांग्लादेश में नहीं किया जाएगा। यह फैसला 26 मार्च से शुरू हो रही आईपीएल प्रतियोगिता से पहले लिया गया है, जिससे बांग्लादेश के क्रिकेट प्रेमियों में नाराजगी और चर्चा दोनों देखने को मिल रही हैं।
मुस्तफिजुर रहमान को लेकर विवाद की शुरुआत
इस पूरे घटनाक्रम की जड़ में बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान का मामला है। बांग्लादेश सरकार के अनुसार बीसीसीआई ने आईपीएल 2026 में मुस्तफिजुर रहमान को कोलकाता नाइट राइडर्स से बाहर करने का निर्णय लिया। बांग्लादेश सरकार का आरोप है कि यह फैसला बिना किसी ठोस और तार्किक कारण के लिया गया और यह बांग्लादेश की जनता के लिए अपमानजनक है। मंत्रालय के बयान में इसे दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय करार दिया गया।
अल्पसंख्यक हिंसा और बढ़ता तनाव
मुस्तफिजुर रहमान को टीम से बाहर किए जाने का फैसला ऐसे समय पर आया, जब बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रही हिंसा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता जताई जा रही थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, बीते 16 दिनों में बांग्लादेश में चार हिंदुओं की हत्या हुई है। इसी पृष्ठभूमि में भारत में कुछ संगठनों और नेताओं की ओर से यह मांग उठी थी कि ऐसे हालात में बांग्लादेशी खिलाड़ियों को आईपीएल में खेलने की अनुमति न दी जाए। इसके बाद बीसीसीआई ने केकेआर को मुस्तफिजुर को टीम से हटाने का निर्देश दिया, जिसे बांग्लादेश सरकार ने अपने देश और खिलाड़ी के अपमान के रूप में देखा।
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड का वर्ल्ड कप फैसला
आईपीएल प्रसारण पर बैन से पहले ही एक और बड़ा फैसला सामने आ चुका था। 4 जनवरी को बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने घोषणा की कि वह भारत में होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप के लिए अपनी टीम नहीं भेजेगा। बीसीबी ने इस संबंध में आईसीसी से अनुरोध किया कि बांग्लादेश के मैच श्रीलंका में आयोजित किए जाएं। बीसीबी की ओर से जारी मीडिया रिलीज में सुरक्षा और मौजूदा हालात का हवाला दिया गया।
श्रीलंका बनता जा रहा न्यूट्रल वेन्यू
बांग्लादेश का यह फैसला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले पाकिस्तान भी भारत में होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप के अपने मैच श्रीलंका में शिफ्ट करा चुका है। भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चले आ रहे राजनीतिक तनाव के कारण दोनों टीमें एक-दूसरे के देश में क्रिकेट नहीं खेलतीं। भारत ने भी पिछले वर्ष चैंपियंस ट्रॉफी के मैच पाकिस्तान में खेलने से इनकार किया था। अब हालात ऐसे बन गए हैं कि भारत-पाकिस्तान का बहुप्रतीक्षित मुकाबला भी श्रीलंका के कोलंबो में खेला जाएगा।
बांग्लादेश के फैसले का व्यापक असर
यदि बांग्लादेश के मैच भी श्रीलंका शिफ्ट होते हैं, तो यह दूसरा बड़ा उदाहरण होगा, जब किसी टीम ने विवादों और राजनीतिक कारणों से भारत में वर्ल्ड कप खेलने से मना किया है। इससे आईसीसी की आयोजन योजना, प्रसारण व्यवस्था और दर्शकों की उम्मीदों पर भी असर पड़ सकता है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि खेल को राजनीति से अलग रखना आसान नहीं रहा है, खासकर दक्षिण एशिया में, जहां खेल अक्सर राष्ट्रीय भावनाओं से जुड़ जाता है।
आईपीएल और वैश्विक दर्शक
आईपीएल दुनिया की सबसे लोकप्रिय टी-20 लीग मानी जाती है और इसका प्रसारण सैकड़ों देशों में होता है। बांग्लादेश में इसके प्रसारण पर रोक लगने से वहां के करोड़ों क्रिकेट प्रशंसक इससे वंचित रह जाएंगे। कई पूर्व क्रिकेटरों और विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला खेल प्रेमियों के हित में नहीं है, लेकिन सरकार इसे राष्ट्रीय सम्मान और स्वाभिमान से जोड़कर देख रही है।
भारत-बांग्लादेश क्रिकेट रिश्तों पर प्रभाव
भारत और बांग्लादेश के बीच क्रिकेट संबंध ऐतिहासिक रूप से मजबूत रहे हैं। दोनों देशों के खिलाड़ी एक-दूसरे की लीगों में खेलते रहे हैं और द्विपक्षीय सीरीज भी नियमित रूप से होती रही हैं। लेकिन मौजूदा घटनाक्रम ने इन रिश्तों में तनाव पैदा कर दिया है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि दोनों देश इस मुद्दे को बातचीत के जरिए सुलझाने की कोशिश करते हैं या यह विवाद और गहराता है। बांग्लादेश द्वारा आईपीएल प्रसारण पर बैन और टी-20 वर्ल्ड कप के लिए भारत न आने का फैसला केवल एक खेल संबंधी निर्णय नहीं है। यह दक्षिण एशिया में खेल, राजनीति और कूटनीति के जटिल रिश्तों को उजागर करता है। आने वाले दिनों में आईसीसी, बीसीसीआई और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की भूमिका बेहद अहम होगी, क्योंकि इन्हीं के फैसले तय करेंगे कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट किस दिशा में आगे बढ़ेगा और क्या खेल को इन विवादों से अलग रखा जा सकेगा या नहीं।

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