अप्रैल में होगी इंटरमीडिएट की विशेष परीक्षा, परीक्षा से वंचित छात्रों को मिलेगा मौका, एक साथ रिजल्ट
पटना। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बीबीएसईबी) की ओर से आयोजित इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 की शुरुआत सोमवार से पूरे राज्य में हुई। पहले ही दिन परीक्षा को लेकर सख्ती और अव्यवस्था दोनों की तस्वीर सामने आई। कई परीक्षा केंद्रों पर छात्रों के देर से पहुंचने के कारण उन्हें परीक्षा में बैठने का मौका नहीं मिल सका, वहीं कुछ स्थानों पर हंगामे जैसी स्थिति भी बनी। हालांकि, बोर्ड के फैसले ने परीक्षा से वंचित रह गए छात्रों को राहत दी है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि ऐसे छात्रों के लिए अप्रैल महीने में विशेष परीक्षा आयोजित की जाएगी और उसका परिणाम मई में जारी किया जाएगा।
परीक्षा केंद्रों पर सख्ती
इंटर परीक्षा को लेकर बोर्ड पहले से ही सख्त निर्देश जारी कर चुका था। साफ कहा गया था कि छात्रों को परीक्षा शुरू होने से कम से कम आधा घंटा पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य है। निर्धारित समय के बाद किसी भी छात्र को केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इसी निर्देश के तहत सोमवार को राज्य के सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा शुरू होते ही गेट बंद कर दिए गए। कई छात्र अंतिम समय में केंद्र पहुंचे, लेकिन नियमों के कारण उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया।
हंगामे और अफरातफरी की स्थिति
कुछ परीक्षा केंद्रों पर गेट बंद होने के बाद छात्रों में अफरातफरी मच गई। कई छात्र परीक्षा में बैठने की जिद पर अड़े रहे और गेट खोलने की मांग करने लगे। कुछ जगहों पर स्थिति इतनी बिगड़ी कि छात्रों ने दीवार फांदकर अंदर जाने की कोशिश की। इस दौरान कुछ छात्रों को मामूली चोटें भी आईं। हालांकि, किसी बड़ी दुर्घटना की सूचना नहीं है। प्रशासन और केंद्राधीक्षकों ने स्थिति को संभालते हुए नियमों का पालन कराया।
बोर्ड का बयान और राहत की घोषणा
पूरे घटनाक्रम के बाद बिहार बोर्ड ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि जिन छात्रों की परीक्षा किसी कारणवश छूट गई है या जिन्हें परीक्षा के दौरान निष्कासित किया गया है, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। बोर्ड ने बताया कि ऐसे सभी छात्रों को अप्रैल महीने में आयोजित होने वाली विशेष परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया जाएगा। विशेष परीक्षा का परिणाम मई में जारी किया जाएगा, ताकि छात्रों का शैक्षणिक सत्र प्रभावित न हो।
छात्रों को आगे के लिए चेतावनी
बोर्ड ने यह भी साफ किया है कि जिन छात्रों की पहली परीक्षा छूट गई है, वे अपनी शेष परीक्षाओं के लिए निर्धारित समय से पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचना सुनिश्चित करें। बोर्ड का कहना है कि समय पालन करना छात्रों की जिम्मेदारी है और नियमों में किसी तरह की ढील नहीं दी जा सकती। समय पर पहुंचने वाले छात्रों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।
कदाचार पर सख्त कार्रवाई
इंटर परीक्षा के पहले दिन कदाचार के मामलों में भी कार्रवाई की गई। राज्यभर में कुल 26 छात्रों को अनुचित साधनों का प्रयोग करने के आरोप में परीक्षा से निष्कासित किया गया। शेखपुरा जिले में एक छात्र दूसरे परीक्षार्थी की जगह परीक्षा देते हुए पकड़ा गया, जिसके बाद उसे तुरंत बाहर कर दिया गया। वहीं, राजधानी पटना के किसी भी परीक्षा केंद्र से पहले दिन निष्कासन का कोई मामला सामने नहीं आया।
विशेषज्ञों की राय
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षा जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में छात्रों और अभिभावकों दोनों को बोर्ड के निर्देशों का गंभीरता से पालन करना चाहिए। समय पर केंद्र पहुंचना, जरूरी दस्तावेज साथ रखना और नियमों का पालन करना परीक्षा की सफलता के लिए जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार, थोड़ी सी लापरवाही छात्रों के भविष्य पर असर डाल सकती है।
छात्रों में चिंता और राहत
पहले दिन की घटनाओं से कई छात्रों में चिंता का माहौल देखने को मिला। परीक्षा केंद्रों पर हंगामे और गेट बंद होने की खबरों ने कुछ छात्रों को मानसिक रूप से परेशान कर दिया। हालांकि, बोर्ड की ओर से विशेष परीक्षा की घोषणा के बाद छात्रों और अभिभावकों ने राहत की सांस ली। छात्रों का कहना है कि यह फैसला उन विद्यार्थियों के लिए उम्मीद की किरण है, जो किसी कारणवश परीक्षा में शामिल नहीं हो सके।
सुरक्षा और व्यवस्था
परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, दंडाधिकारी और पर्यवेक्षक तैनात किए गए थे। सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है और केंद्रों के आसपास भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है। बोर्ड का दावा है कि परीक्षा प्रक्रिया पारदर्शी और अनुशासित तरीके से संचालित की जा रही है।
आगे की पढ़ाई के लिए अहम परीक्षा
बिहार बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा छात्रों के करियर की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसी परीक्षा के आधार पर आगे की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की राह खुलती है। बोर्ड ने छात्रों से अपील की है कि वे परीक्षा को गंभीरता से लें, नियमों का पालन करें और किसी भी तरह की अफवाहों से बचें।
विशेष परीक्षा से मिलेगा दूसरा मौका
अप्रैल में आयोजित होने वाली विशेष परीक्षा उन छात्रों के लिए दूसरा मौका साबित होगी, जो पहले दिन परीक्षा से वंचित रह गए। बोर्ड का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी छात्र का भविष्य केवल समय की चूक या किसी आकस्मिक कारण से प्रभावित न हो। इस फैसले से यह संदेश भी गया है कि सख्ती के साथ-साथ बोर्ड छात्रों के हितों का भी ध्यान रख रहा है।


