बिहार जल्द बनेगा औद्योगिक हब : राजेश तिवारी
पटना। बिहार जदयू के प्रदेश सचिव राजेश तिवारी ने कहा की बिहार जल्द बनेगा औद्योगिक हब और इसके लिए मुख्यमंत्री नितीश कुमार लगातार प्रयास कर रहे हैं। बिहार में सड़क, बिजली तथा कानून व्यवस्था में सुधार लाकर राज्य सरकार उद्यमियों को राहत देने के लिए ही कानून में नरमी दिया गया हैं, जिससे कि राज्य में अधिक से अधिक पूंजी निवेश हो सके। बिहार के 4 प्रमुख क्षेत्रों- कपड़ा और चमड़ा, खाद्य प्रसंस्करण, आईटी/आईटीईएस और ईएसडीएम और सामान्य विनिर्माण में विशेष ध्यान देते हुए निवेश संभावनाओं को रेखांकित किया गया है। ये क्षेत्र राज्य के औद्योगिक विकास के दृष्टिकोण के अनुरूप निवेश और विकास के पर्याप्त अवसर प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने आगे कहा की राज्य में औद्योगिक निवेश का माहौल बन गया है। कोरोना काल में भी राज्य में 35 हजार करोड़ के निवेश का प्रस्ताव आया है। वही इन प्रस्तावों के वजह से ही बिहार इथनॉल उत्पादन का अब हब बनने की ओर अग्रसर है। उद्योग भी लग रहे है व अनाज का सही दाम पर मिल रहे है। बिहार में तेजी से औद्योगिकीकरण की दिशा में राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। तिवारी ने आगे कहा उद्योग लगाने के लिए देश के प्रतिष्ठित उद्योगपतियों ने 50 हजार करोड़ का निवेश करने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर राज्य सरकार से किए गए हैं। आज बिहार में उद्योग लगाने के लिए राष्ट्रिय तथा अंतराष्टीय स्तर की कम्पनिया उत्सुक है, क्योकि विगत वर्षो में राज्य में मोहोल में व्यापक बदलाव आया है। इन औद्योगिक क्षेत्रों में विभिन्न क्षेत्रों में उद्योग लगाए जा रहे है। जिनमें खाद्य प्रसंस्करण, ऑटोमोटिव, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़ा और रसायन आदि शामिल हैं। इन औद्योगिक क्षेत्रों के विकास से राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। बिहार में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति से टेक्सटाइल व लेदर उद्योगों को लगेंगे पंख बिहार, देश का सबसे युवा राज्य है। यहां की 53 फीसदी आबादी 35 साल से कम उम्र की है। बिजली, पानी व सड़क के मामले में बिहार ने बहुत तेजी से तरक्की की है। वही इसकी वजह से बिहार निवेश के लिए एक आदर्श डेस्टिनेशन है बिहार में बाजार, रॉ मटेरियल, इन्फ्रास्ट्रक्चर, वर्कफोर्स और गवर्नमेंट सपोर्ट होने के कारण है उद्योग लगाना बेहद आसान है इसके अलावा राज्य सरकार उद्य़मियों को अपनी विभिन्न औद्योगिक नीतियों के द्वारा आकर्षक सब्सिडी और प्रोत्साहन दे रही है।


