February 10, 2026

सुपौल में आयकर विभाग की छापेमारी, पैनोरमा ग्रुप से जुड़े कई ठिकानों पर रेड, कई दस्तावेज बरामद

सुपौल। बिहार में आयकर विभाग की छापेमारी से शुक्रवार को खलबली मच गई। सीमांचल क्षेत्र में सक्रिय पैनोरमा ग्रुप से जुड़े कई ठिकानों पर आयकर विभाग की टीम ने एक साथ कार्रवाई की है। आयकर विभाग की यह छापेमारी सुपौल जिले में की गई, जहां ग्रुप से जुड़े स्कूल, अस्पताल और अन्य व्यावसायिक परिसरों की गहन जांच की जा रही है। इस कार्रवाई के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए जाने की सूचना है, हालांकि विभाग की ओर से अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। जानकारी के अनुसार, आयकर विभाग की एक विशेष टीम सुबह-सुबह सुपौल पहुंची और जिले के अलग-अलग हिस्सों में स्थित पैनोरमा ग्रुप से जुड़े ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। सबसे प्रमुख कार्रवाई छातापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत रामपुर गांव में स्थित पनोरमा पब्लिक स्कूल परिसर में की गई। कई वाहनों में सवार होकर पहुंची आयकर विभाग की टीम ने स्कूल परिसर को चारों ओर से घेर लिया और भीतर मौजूद कागजात व अभिलेखों की जांच शुरू कर दी। कार्रवाई की भनक लगते ही इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग स्कूल के बाहर जमा हो गए। सूत्रों के मुताबिक, आयकर विभाग की यह कार्रवाई पूरी तरह योजनाबद्ध तरीके से की गई। टीम के साथ पर्याप्त संख्या में सुरक्षाकर्मी भी मौजूद थे, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो। छापेमारी के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और मीडिया कर्मियों को स्कूल परिसर व आसपास के इलाके से दूर रखा गया। अधिकारी पूरी गोपनीयता के साथ जांच में जुटे रहे और किसी भी तरह की जानकारी साझा करने से बचते नजर आए। बताया जाता है कि पैनोरमा ग्रुप सीमांचल क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और रियल एस्टेट के क्षेत्र में सक्रिय है। इस ग्रुप के मालिक के रूप में संजीव मिश्रा का नाम सामने आता है, जिन्हें इलाके के बड़े कारोबारियों में गिना जाता है। शिक्षा के क्षेत्र में पैनोरमा ग्रुप की मजबूत पकड़ मानी जाती है और इसके तहत कई स्कूल और अन्य शिक्षण संस्थान संचालित किए जा रहे हैं। इसके अलावा समूह का रियल एस्टेट कारोबार भी चर्चा में रहा है। आयकर विभाग की टीम ने केवल पनोरमा पब्लिक स्कूल ही नहीं, बल्कि ग्रुप से जुड़े अन्य ठिकानों पर भी दस्तावेजों की जांच की। सूत्रों का कहना है कि इस दौरान वित्तीय लेन-देन से जुड़े कई कागजात, खातों से संबंधित विवरण और कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी खंगाले गए हैं। हालांकि, विभाग की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि यह छापेमारी किस विशेष मामले को लेकर की जा रही है और जांच का दायरा कितना व्यापक है। स्थानीय लोगों के बीच इस कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। सुबह अचानक बड़ी संख्या में अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी से लोग हैरान रह गए। कई लोगों का कहना है कि इस तरह की छापेमारी से यह संकेत मिलता है कि मामला गंभीर हो सकता है। हालांकि, कुछ लोगों का मानना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। आयकर विभाग के अधिकारियों ने इस पूरे मामले पर फिलहाल चुप्पी साध रखी है। किसी भी अधिकारी ने मीडिया के सवालों का जवाब नहीं दिया और कहा गया कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। विभागीय सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति, कर अनियमितता या वित्तीय गड़बड़ियों से जुड़ी हो सकती है, लेकिन इसकी पुष्टि जांच के नतीजों पर निर्भर करेगी। इस छापेमारी ने सुपौल और आसपास के इलाकों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों से जुड़े बड़े संस्थानों पर हुई इस कार्रवाई को लोग गंभीरता से देख रहे हैं। फिलहाल आयकर विभाग की टीम दस्तावेजों की जांच में जुटी हुई है और आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि पैनोरमा ग्रुप के खिलाफ कार्रवाई किन तथ्यों और आरोपों के आधार पर की गई है।

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