January 16, 2026

आवास बोर्ड के अधिग्रहित जमीन पर जारी है अवैध निर्माण का खेल: एसडीओ का तबादला, चले गए छुट्टी पर, नए को अबतक नहीं मिला प्रभार

  • अवैध निर्माण की खबरें जब हुई ‘अमृतवर्षा’ में प्रकाशित, तो मुख्यालय ने लिया निर्णय, किया एसडीओ का ट्रांसफर
  • दीघा कैम्प कार्यालय के एसडीओ का ट्रांसफर ऑर्डर कायम रहता है या रुक जाता है, चर्चाओं का बाजार गर्म

पटना। राजधानी के राजीव नगर तथा दीघा थाना क्षेत्र में बिहार राज्य आवास बोर्ड के अधिग्रहित भूमि पर पटना उच्च न्यायालय के द्वारा किसी भी प्रकार के निर्माण पर लगाए गए प्रतिबंध को धत्ता बताते हुए भूमि माफिया के द्वारा लगातार अवैध निर्माण का खेल जारी है। इससे संबंधित खबरें जब लगातार दैनिक ‘अमृतवर्षा’ मैं प्रकाशित की गई तो मुख्यालय के द्वारा दीघा कैंप के एसडीओ सभ्य सचिन का तबादला कर दिया गया।लेकिन उनके स्थान पर तैनात किए गए प्रकाश चंद्र राजू को अभी तक प्रभार नहीं सोपा गया है।बताया जाता है कि तबादले के उपरांत सभ्य सचिन बिना प्रभार दिए ही छुट्टी पर चले गए हैं।इधर नए एसडीओ प्रकाश चंद्र राजू को प्रभार नहीं मिला है।इसलिए पिछले तीन दिनों से कोई भी एसडीओ प्रभार में नहीं है तथा दिन-रात अवैध निर्माण का कार्य धड़ल्ले से चालू है। पिछले चार माह से दीघा तथा राजीव नगर थाना क्षेत्र के आवास बोर्ड के अधिग्रहित जमीन पर अवैध निर्माण का खेल जमकर हो रहा है।जिसे लेकर कई शिकायतें बिहार राज्य आवास बोर्ड के मुख्यालय तक पहुंची।बताया जाता है कि उन शिकायतों पर गौर करते हुए आवास बोर्ड के द्वारा तकरीबन चार-पांच माह पूर्व ही पदस्थापित किए गए एसडीओ सभ्य सचिन का तबादला कर दिया गया। चर्चा तो इस बात की भी है कि दीघा कैंप कार्यालय के एसडीओ के ट्रांसफर पोस्टिंग में भी भूमि माफियाओं का दखल रहता है। कुछ भूमि माफिया के दलालों का दावा है कि कैंप कार्यालय में हुए तबादले पर कल को रोक भी लग सकता है। क्योंकि वर्तमान एसडीओ के कार्यकाल में अवैध निर्माण के खिलाफ सबसे कम कार्रवाई की गई है।जबकि प्रकाश चंद्र राजू के पिछले कार्यकाल में भूमि माफिया के खिलाफ दर्जनों मामले राजीव नगर थाना में दर्ज कराए गए थे तथा इलाके में अवैध निर्माण करने वालों के बीच हड़कंप मचा हुआ था। हालांकि दीघा कैंप कार्यालय के एसडीओ पर बिहार राज्य आवास बोर्ड केंद्रीय डिवीजन के भी जिम्मेदारी रहती है।इसलिए यह भी संभव है कि वर्तमान एसडीओ राजीव नगर में हो रहे अवैध निर्माण के मामले में कुछ खास प्रभावकारी कदम नहीं उठा सके। फिलहाल दीघा कैम्प कार्यालय के एसडीओ का ट्रांसफर ऑर्डर कायम रहता है या रुक जाता है। इसको लेकर भूमि माफियाओं तथा राजीव नगर के छुटभैये जमीन दलालों के बीच चर्चाओं का बाजार गर्म है। उल्लेखनीय है कि राजीव नगर क्षेत्र में व्याप्त छूट भैया दलाल टाइप तत्वों के द्वारा स्थानीय प्रशासन तथा आवास बोर्ड को मैनेज करके भूमि माफिया का मनोबल बढ़ाया गया है। दलालों के द्वारा चार दीवारें निर्माण से लेकर प्रति फ्लोर ढलाई तक का रेट तय किया जाता है। चर्चाओं के मुताबिक आवास बोर्ड के मुख्यालय में बैठे अफसरों के नाम पर भी अवैध वसूली की जाती है।वहीं दूसरी तरफ स्थानीय कैंप कार्यालय तथा पुलिस-प्रशासन के नाम पर भी अवैध निर्माण करने वाले लोगों से ‘मैनेज’ के नाम पर ‘मोटे माल’ की वसूली की जाती है। हालांकि वसूली की यह राशि हकीकत में आवास बोर्ड किसी पदाधिकारी अथवा पुलिस-प्रशासन के किसी पदाधिकारी तक पहुंचती भी है कि नहीं,इसकी कोई गारंटी अथवा प्रमाण नहीं मिलता है। बस अवैध निर्माण करने वालों से पूरी प्लानिंग के तहत उगाही कर ली जाती है। राजीव नगर में नियमों के विपरीत लगातार अवैध निर्माण किए जा रहे हैं।अवैध निर्माण को रोकने के लिए स्थानीय प्रशासन बिहार राज्य आवास बोर्ड के कार्यपालक अभियंता के निर्देश पर काम करती है।कई भूखंडों पर अवैध निर्माण के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज किए गए हैं।लेकिन इसके बावजूद लगातार अवैध निर्माण का सिलसिला बदस्तूर जारी है।इस संबंध में स्थानीय स्तर से जानकारी मिली है कि आवास बोर्ड के अधिग्रहित राजीव नगर थाना तथा दीघा थाना क्षेत्र के अंतर्गत पड़ने वाले कई भूखंडों पर निर्माण के बदले अवैध वसूली का खेल खेला गया है।राजीव नगर में लंबे अर्से से भूमि माफियाओं के द्वारा करोड़ों की काली कमाई का खेल खेला जा रहा है।अधिग्रहित भूमि की खरीद बिक्री का काला धंधा बदस्तूर जारी है। वहीं दूसरी ओर बिहार राज्य आवास बोर्ड तथा स्थानीय प्रशासन को चुनौती देते हुए अवैध निर्माण का खेल भी जारी है।राजीव नगर के दीघा- आशियाना रोड,घुड़दौड़ मोड, तथा पॉलशन रोड में जमकर अवैध निर्माण जारी है। इस संबंध में स्थानीय पुलिस प्रशासन का कहना है की अवैध निर्माण को चिन्हित करने तथा रोकने के लिए बिहार राज्य आवास बोर्ड की कार्यपालक अभियंता अधिकृत है।प्रशासन उनके निर्देश पर इस मामले में कार्य करती है।थाना को जब भी सूचना दी जाती है।पुलिस बल कार्रवाई के लिए उपलब्ध कराई जाती है।वहीं दूसरी ओर बिहार राज्य आवास बोर्ड के अधिकारी अवैध निर्माण रोकने की दिशा में अभी तक पूरी तरह से विफल साबित होते रहे हैं। पटना उच्च न्यायालय के द्वारा अवैध निर्माण पर पूरी तरह से रोक लगाया गया है। इतना ही नहीं राजीव नगर तथा दीघा थाना में भूमि माफियाओं के विरुद्ध कई मामले दर्ज है।इसके बावजूद अवैध निर्माण का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है।

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