भंडाफोड़: ह्यूमन ट्रैफिक के धंधे में गुजर गयी शीला की जवानी
जानीपुर से पुलिस ने ह्युमन ट्रैफिक के गिरोह का किया भंडाफोड़
शिला देवी समेत चार गिरफ्तार , पूरा परिवार ही गलत धंधे से जुड़ा है , एक युवती को कराया गया मुक्त

फुलवारी शरीफ । पटना के ग्रामीण इलाके जानीपुर से एक पचास वर्षीया शातिर महिला शिला देवी भोली भाली और घर से भागी हुयी ग्रामीण लडकियों युवितयो को अपने मोह जाल में फंसाकर उसे बेचने का धंधा को बेधडक चला रही थी। दो साल से जानीपुर के बाजार में रंजन यादव के मकान में पुरे परिवार के साथ रह रही शिला देवी की पूरी जवानी ऐसे ही धंधे में गुजर गयी। शिला के तीन बेटे और तीनो बहुएं भी इसी धंधे में उसकी सहभागी बनकर लडकियों और युवतियों को फंसाने का काम करती थी। शिला के परिवार के साथ जानीपुर के ही अधपा गाँव के निवासी राजेन्द्र भी इस धंधे में संलिप्त था। इस धंधे की जानकारी मिलते ही जानीपुर थाना की पुलिस हरकत में आई और छापेमारी कर शिला देवी , उसके बेटे शनि और उसकी पत्नी रीना देवी को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही इस परिवार के चंगुल से पुलिस ने एक युवती को मुक्त कराया और उसे जिस्म के बाजार में बिकने से बचा लिया। वहीँ शिला देवी के ब्यान पर अधपा से राज्नेद्र को भी पुलिस टीम ने दबोच लिया है। पुलिस टीम के छापेमारी में शिला देवी के दो बेटे , दो बहुए फरार होने में कामयाब हो गये। पूछताछ में शिला देवी ने पुलिस को बताया है की इनके द्वारा फांसी गयी लडकियों और युवतियों को जाहानाबाद के संजय और सीतामढ़ी के संजय के हाथों सौंप दिया जाता था। ये दोनों संजय उन लडकियों को जिसमे के बाजार में बेचने का काम करते थे। पुलिस को यह भी बताया की दो दिन पहले ही एक लड़की को बेचा गया है | शिला देवी ने यह नही बता पाई की जीस लड़की को दो दिन पहले बेचा गया था वह कहाँ से बहलाकर लायी गयी थी और कहाँ बेचा गया।
जानीपुर थानेदार राजीव रंजन ने बताया की ग्रामीण इलाके की भोली भाली गरीब अशिक्षित परिवार की लडकियों , युवतियों व महिलाओं को नौकरी दिलाने , अच्छे शहरों में शादी व्याह कराने और पैसा कमाने का लालच देकर झांसे ले लेकर शिला और उसका परिवार बेचने का गलत धंधा में वर्षो से संलिप्त थे | सीतामढ़ी से एक ऐसे ही मामले शिला देवी चार साल जेल में रह चुकी है | जेल से छूटने के बाद शिला देवी परिवार के साथ फिर से इसी गलत धंधे में उतर गयी थी | पूछताछ के बाद पुलिस ने शिला देवी , पुत्र शनि और उसकी पत्नी सहित राजेन्द्र को जेल भेज दिया। पुलिस टीम इस ह्युमन ट्रैफिकिंग के गिरोह के अन्य फरार सदस्यों को गिरफ्तार करने के लिए जहानाबाद सीतामढ़ी समेत पटना के कई इलाके में छापेमारी कर रही है। इस परिवार की महिलाओं के पास से एक युवती को मुक्त कराया गया जिसे नारी संरक्षण के लिए सुधार गृह भेजा गया है ।

