February 13, 2026

दरभंगा में अल्पसंख्यक छात्रावास के विद्यार्थियों का जमकर हंगामा, खराब खाना और सुविधाओं को लेकर काटा बवाल

दरभंगा। दरभंगा के मिल्लत कॉलेज परिसर स्थित अल्पसंख्यक कल्याण बालक आवासीय छात्रावास में छात्रों ने रात भर हंगामा किया। सोमवार की रात 11 बजे से मंगलवार की सुबह 3 बजे तक छात्रों ने हंगामा किया है। छात्रों का आरोप है कि मेस संचालक आमिर की ओर से सड़ा हुआ भोजन को परोसा जा रहा है। आरोप है कि माइनॉरिटी वेलफेयर ऑफिसर वेंडर के साथ सांठ-गांठ कर छात्रों को प्रताड़ित कर रहे हैं। प्रदर्शन कर रहे छात्र ने कहा है कि सोमवार को हम पूरे दिन भूखे रहे हैं। चना में कीड़ा मिला। खाना बर्बाद हो गया। मेस में ताला लगा दिया गया है। वॉट्सऐप ग्रुप में मैसेज करने पर भी कोई रिस्पॉन्स नहीं दिया जा रहा है। कुछ बच्चों ने पेमेंट नहीं किया है। उनके कारण सभी बच्चों को परेशान किया जा रहा है। छात्रों का कहना है जब तक मेस वेंडर रिजाइन नहीं करेंगे, वो भूखे रहेंगे। छात्रों के अनुसार हॉस्टल में पिछले 6 महीने से खाने की परेशानी है। चना में पिल्लू मिलने के बाद बिना बताए मेस को बंद कर दिया गया। विरोध करने पर हॉस्टल से निकालने की धमकी दी जाती है। गरीब छात्रों को परेशान किया जा रहा है। ये लोग कहते है कि खाओ या नहीं खाओ तुम्हें पूरे महीने का पैसा देना होगा। छात्रावास में कुल 86 छात्र नामांकित हैं। इनमें से लगभग 36 छात्रों ने जमकर बवाल काटा। छात्रों का कहना है कि रविवार की रात खाने में परोसी गई चना में कीड़ा था। जिसकी शिकायत वॉट्सऐप समूह में फोटो डालकर प्रबंधक से की गई। छात्रों ने रात में खाना नहीं खाया। सुबह से वेंडर, कुक और मेस कर्मियों को घर भेज कर छात्रावास से चले गए। छात्रों की ओर से फोन किए जाने पर कोई रिस्पांस तक नहीं दिया गया। जब छात्रों ने इसकी शिकायत डिस्ट्रिक्ट वेलफेयर ऑफिसर आनंद कुमार से की, तो उन्होंने दो दिनों तक खाना बंद रहने की जानकारी दी। भूख से तड़प रहे छात्र आंदोलन करने लगे। सोमवार की देर रात 11 बजे से लेकर सुबह 3 बजे तक छात्रावास परिसर में नारेबाजी हुई। प्राइवेट वेंडर के इस्तीफे की मांग की गई हे। स्थानीय मुमताज अहमद और अब्दुल कलाम ने बताया कि छात्रावास में रह रहे छात्र काफी शालीन हैं। आज तक इनकी ओर से कोई भी उपद्रव नहीं किया गया है। बावजूद इसके आज भोजन नहीं मिलने के कारण सभी आंदोलन कर रहे हैं। जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी आनंद कुमार ने बताया कि अल्पसंख्यक छात्रावास में रह रहे लगभग 30 छात्रों ने बीते तीन महीने से वर्तमान में काम कर रहे वेंडर आमिर को पेमेंट नहीं किया गया है। वेंडर ने इसकी लिखित शिकायत की थी। छात्रों से पेमेंट करने को कहा गया था। छात्रों ने नॉनवेज को लेकर रविवार की सुबह पहले विवाद खड़ा किया। कुछ छात्रों के भड़कने पर सभी छात्रों ने चिकन का लेग पीस मांगा। सभी को लेग पीस देना संभव नहीं था। रविवार की रात खाने में चना का दाल बना, जिसमे कीड़ा मिलने की जानकारी देते हुए कुछ छात्रों ने सभी को एकजुट किया और खाना नहीं खाया। वेंडर को छात्र पैसे नहीं दे रहे है। ऊपर से खाना भी नहीं खाया तो वेंडर ताला लगाकर वहां से चले गए। हम लोग वेंडर को नियुक्त नहीं करते हैं। अगर वर्तमान वेंडर पसंद नहीं तो छात्र खुद से वेंडर खोज कर ला सकते हैं। या फिर छात्र मेस कमेटी बनाकर स्वयं से भी मेस का संचालन कर सकते हैं। इसमें छात्रों की जैसी मर्जी होगी हम लोग संचालन समिति से उसे पास कर देंगे। जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी ने बताया कि वर्तमान में मेष का संचालन करने वाला वेंडर आमिर बीते 8 महीने से यहां मेष का संचालन कर रहा है। छात्रों की ओर से ही वेंडर का अच्छा फीडबैक भी दिया जाता रहा था। इससे पहले वाले वेंडर का भी 20 छात्रों ने भुगतान नहीं किया। पुराने वेंडर भी बार-बार आकर बकाया राशि भुगतान कराने की बात कहते है।

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