सावन की सोमवारी पर पटना के शिवालयों में उमड़ी शिव भक्तों की भीड़, लगी लंबी लाइन, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

पटना। सावन के पावन महीने में भोलेनाथ की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। यही कारण है कि सावन की हर सोमवारी को शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। इस बार भी सावन की पहली सोमवारी पर पटना समेत पूरे बिहार के प्रसिद्ध शिव मंदिरों में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। हर तरफ हर-हर महादेव के जयकारे गूंजते रहे और भक्त पंक्तिबद्ध होकर भोलेनाथ को जल चढ़ाने पहुंचे।
कृष्ण पक्ष की चतुर्थी पर सोमवारी और संकष्टी चतुर्थी का संयोग
13 जुलाई को सावन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि रही। इस दिन सावन का पहला सोमवार व्रत और गजानन संकष्टी चतुर्थी एक साथ मनाई गई। भक्तों ने भगवान शिव के साथ-साथ गणेश जी की भी विशेष पूजा-अर्चना की। श्रद्धालु सुबह से ही गंगा घाटों पर पहुंचकर पवित्र जल भरते देखे गए। कांवर में जल भरकर वे लंबी कतारों में खड़े होकर शिवालयों में जलाभिषेक करते नजर आए।
पटना के प्रमुख शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़
पटना के खाजपुरा शिव मंदिर, बैकुंठनाथ मंदिर में सुबह से ही शिव भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। दूर-दूर से श्रद्धालु पैदल कांवर लेकर मंदिर पहुंचे। शिव भक्तों ने घंटों कतार में खड़े रहकर अपनी बारी का इंतजार किया और भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। हर तरफ ढोल-नगाड़ों और हर-हर महादेव के जयकारों से माहौल भक्तिमय बना रहा।
गरीबनाथ मंदिर में रात से ही लगी लंबी कतार
मुजफ्फरपुर के सुप्रसिद्ध बाबा गरीबनाथ मंदिर में तो रात 12 बजे के बाद से ही श्रद्धालुओं की कतार लगनी शुरू हो गई थी। हजारों की संख्या में भक्त बाबा गरीबनाथ पर जल चढ़ाने के लिए पहुंचे। भक्तों के लिए मंदिर परिसर में एलईडी स्क्रीन लगाई गई थी ताकि अंदर के दर्शन बाहर खड़े भक्त भी कर सकें। भक्तों ने कहा कि बाबा गरीबनाथ पर जल चढ़ाने से सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।
पहलेजा घाट से जल लेकर पहुंचे कांवरिया
शिव भक्त पहलेजा घाट से गंगाजल भरकर कांवर में लेकर बाबा गरीबनाथ मंदिर पहुंचे। रास्ते भर हर-हर महादेव के जयकारे लगाते हुए श्रद्धालु नाचते-गाते आगे बढ़ते रहे। कांवरियों के उत्साह और श्रद्धा को देख हर कोई आस्था में डूबा नजर आया।
अन्य प्रसिद्ध शिवालयों में भी श्रद्धालुओं की भीड़
सिर्फ पटना या मुजफ्फरपुर ही नहीं, बल्कि लखीसराय के अशोकधाम मंदिर, मधेपुरा के सिहेंश्वर नाथ, गया के कोटेश्वर नाथ धाम, सुल्तानगंज के अजगैबीनाथ मंदिर, वैशाली के हरिहरनाथ मंदिर, दरभंगा के कुशेश्वरस्थान और बक्सर के ब्रह्मेश्वर नाथ समेत बिहार के तमाम शिवालयों में भक्तों की भीड़ देखने को मिली। कहीं बच्चों के साथ परिवारों ने शिव पूजा की तो कहीं युवा टोली ने मिलकर शिवलिंग पर दूध और जल चढ़ाया।
पुलिस प्रशासन ने किए पुख्ता इंतजाम
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए बिहार पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। प्रसिद्ध मंदिरों में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती की गई ताकि किसी तरह की अफरा-तफरी या जाम की स्थिति न बने। ट्रैफिक को व्यवस्थित रखने के लिए पहले से ही रूट प्लान तैयार कर लिया गया था। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुविधा के लिए जगह-जगह पुलिसकर्मी और स्वयंसेवी तैनात थे।
श्रद्धा और भक्ति का माहौल
पूरे बिहार में सावन की पहली सोमवारी पर शिवालयों में गहमागहमी और आस्था का नजारा देखने को मिला। भक्तों ने भगवान शिव से अपने परिवार की खुशहाली, सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। हर कोई भोलेनाथ की भक्ति में लीन दिखा। सावन के पहले सोमवार ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बिहार में शिव भक्ति की परंपरा कितनी गहरी और मजबूत है।

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