मुजफ्फरपुर में भीषण सड़क हादसा, बस और कार की आमने-सामने टक्कर में दो की मौत
मुजफ्फरपुर। जिले में मंगलवार की अहले सुबह रफ्तार का कहर एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ। पारू थाना क्षेत्र के लालू छपड़ा चौक के पास एक यात्री बस और कार के बीच हुई भीषण टक्कर में कार सवार दो लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस और कार दोनों के परखच्चे उड़ गए और सड़क पर कुछ देर के लिए खून, चीख-पुकार और अफरा-तफरी का मंजर फैल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह का वक्त होने के कारण सड़क पर ज्यादा भीड़ नहीं थी। इसी दौरान तेज रफ्तार से आ रही एक यात्री बस ने सामने से आ रही कार को सीधी टक्कर मार दी। टक्कर होते ही जोरदार आवाज हुई, जिसे सुनकर आसपास के लोग सहम गए। हादसे की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कार सड़क पर ही बुरी तरह चिपक गई और उसमें सवार दोनों लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था, जिससे शवों को बाहर निकालने में भी काफी मशक्कत करनी पड़ी। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। कुछ ही मिनटों में घटनास्थल पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बस की रफ्तार काफी तेज थी और चालक ने लापरवाही बरती, जिससे यह हादसा हुआ। लोगों का आरोप है कि यदि बस की गति नियंत्रित होती तो शायद इस दर्दनाक घटना को टाला जा सकता था। घटना के तुरंत बाद बस का चालक और उप चालक मौके की गंभीरता को भांपते हुए बस छोड़कर फरार हो गए। उनके फरार होने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर गुस्सा देखा गया कि हादसे के बाद जिम्मेदार लोग मौके से भाग निकले और पीड़ितों की मदद करने के बजाय अपनी जान बचाने में लगे रहे। सूचना मिलते ही पारू थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे इलाके को घेर लिया। पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साथ ही दुर्घटनाग्रस्त बस और कार को सड़क से हटवाकर यातायात को बहाल कराया गया। कुछ समय के लिए इस मार्ग पर आवागमन बाधित रहा, जिससे राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस ने बताया कि फरार बस चालक और उप चालक की तलाश तेज कर दी गई है। बस के नंबर के आधार पर उसके मालिक तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बस किस रूट पर चल रही थी और हादसे के वक्त उसमें कितने यात्री सवार थे। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। इस हादसे के बाद इलाके में मातम का माहौल है। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है और उनके परिजनों को सूचना देने की कोशिश की जा रही है। जैसे ही खबर फैली, पीड़ित परिवारों में कोहराम मच गया। स्थानीय लोग मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जता रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि लालू छपड़ा चौक के पास आए दिन तेज रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग के कारण सड़क हादसे होते रहते हैं। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। लोगों ने मांग की है कि इस चौक पर यातायात व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए, गति नियंत्रक लगाए जाएं और तेज रफ्तार वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है। यह हादसा महज एक संयोग था या फिर रफ्तार और लापरवाही से उपजी एक और खूनी कहानी, इसका जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा। लेकिन इतना तय है कि इस दर्दनाक हादसे ने दो जिंदगियों को हमेशा के लिए छीन लिया और एक बार फिर सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


