तेजस्वी का नीतीश पर हमला, कहा- सीएम बीमार, ठीक नहीं है उनकी मानसिक हालत
पटना। बिहार की राजनीति में मंगलवार को एक बार फिर तीखा टकराव देखने को मिला, जब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर सीधे हमले किए। दिल्ली से लौटने के बाद पटना एयरपोर्ट पर व्हील चेयर पर दिखे तेजस्वी ने मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री की मानसिक स्थिति पर सवाल उठाए और कहा कि सदन में उनका व्यवहार यही संकेत देता है कि वे ठीक नहीं हैं। तेजस्वी की इस टिप्पणी ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है।
दिल्ली से वापसी और एयरपोर्ट पर बयान
मंगलवार को तेजस्वी यादव दिल्ली से लौटकर पटना पहुंचे। एयरपोर्ट पर वे व्हील चेयर पर नजर आए। बातचीत के दौरान उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था और हालिया घटनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री पर गंभीर आरोप लगाए। तेजस्वी ने कहा कि सरकार अपराध के मुद्दे से ध्यान भटकाने में लगी है और सदन के भीतर जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल हो रहा है, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
राबड़ी देवी के बयान और मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने सदन में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए थे। इसके जवाब में मुख्यमंत्री की ओर से जिस तरह की टिप्पणी आई, वह मर्यादाओं के खिलाफ है। तेजस्वी के अनुसार, इस तरह की भाषा न केवल महिलाओं का अपमान करती है, बल्कि अपराधियों का मनोबल भी बढ़ाती है।
बढ़ते अपराध पर विपक्ष का आरोप
नेता प्रतिपक्ष ने राज्य में बढ़ते अपराध का मुद्दा उठाते हुए कहा कि छोटी बच्चियों के साथ गैंगरेप की घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि नीट की तैयारी कर रही छात्रा का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि दरभंगा समेत कई जिलों से नई घटनाओं की खबरें आने लगीं। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि इन गंभीर मामलों पर ठोस कार्रवाई के बजाय सरकार बहस को भटकाने का रास्ता अपना रही है।
मुख्यमंत्री की सेहत पर बयान को लेकर सफाई
मुख्यमंत्री की मानसिक हालत पर दिए गए बयान के बाद तेजस्वी यादव ने सफाई भी दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री की बीमारी पर कोई टिप्पणी नहीं की है। तेजस्वी के मुताबिक उम्र बढ़ने के साथ बीमारी होना स्वाभाविक है, लेकिन सदन में मुख्यमंत्री का माइक बंद कर दिया जाना और उन्हें बोलने से रोका जाना यह दिखाता है कि सरकार कहीं और से संचालित हो रही है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति बताती है कि मुख्यमंत्री कमजोर अवस्था में हैं।
सदन के भीतर गाइडेंस का सवाल
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री को सदन में स्वतंत्र रूप से बोलने नहीं दिया जा रहा। उन्होंने कहा कि अगर सरकार पूरी तरह सक्षम होती, तो मुख्यमंत्री को माइक बंद करने जैसी स्थिति नहीं आती। उनके अनुसार, यह संकेत है कि निर्णय कहीं और लिए जा रहे हैं और मुख्यमंत्री केवल औपचारिक भूमिका में नजर आ रहे हैं।
नीट छात्रा केस और जांच पर सवाल
नीट छात्रा से जुड़े मामले की जांच को लेकर भी तेजस्वी यादव ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय जांच ब्यूरो ने इस केस को स्वीकार नहीं किया और बिहार सरकार ने भी जांच को आगे नहीं बढ़ाया। तेजस्वी का आरोप है कि जब बड़े मामलों में निष्पक्ष जांच नहीं होती, तो जनता का भरोसा सिस्टम से उठता है।पुराने मामलों का हवाला
तेजस्वी यादव ने बालिका गृह कांड और सृजन घोटाले जैसे पुराने मामलों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन मामलों में भी दोषियों को बचाने का प्रयास किया गया। उनके अनुसार, मौजूदा सरकार के दौर में न्याय की जगह संरक्षण की राजनीति हावी है, जिससे पीड़ितों को इंसाफ नहीं मिल पा रहा है।
डर तंत्र का आरोप
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बिहार में लोकतंत्र की जगह डर तंत्र का माहौल बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो भी सरकार से सवाल करता है, उसे दबाने की कोशिश की जाती है। तेजस्वी ने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल और विपक्ष जनता की आवाज उठाता रहेगा और सदन के भीतर व बाहर दोनों जगह सरकार से जवाब मांगेगा।
राजनीतिक माहौल और आगे की चुनौती
तेजस्वी यादव के इन बयानों के बाद राज्य की राजनीति और गरमा गई है। सत्तापक्ष जहां इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बता रहा है, वहीं विपक्ष इसे जनता के मुद्दों से जोड़कर देख रहा है। आने वाले दिनों में बजट सत्र के दौरान कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर टकराव और तेज होने की संभावना है। फिलहाल, तेजस्वी के इस हमले ने सरकार को रक्षात्मक मुद्रा में ला दिया है और बिहार की सियासत में बयानबाजी का दौर और तेज हो गया है।


