पटना समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, 19 तक पूर्वानुमान, वज्रपात की चेतावनी जारी
पटना। इस समय बिहार मानसून की मार झेल रहा है। आसमान से बरसती बारिश की बूंदें अब राहत का एहसास नहीं दिला रही, बल्कि लोगों के लिए आफत का कारण बनती जा रही हैं। मौसम विभाग ने ताज़ा पूर्वानुमान में प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश, वज्रपात और आंधी-तूफ़ान की चेतावनी जारी की है। यह चेतावनी 16 से 19 सितंबर तक प्रभावी रहेगी। इस अवधि में मौसम का मिज़ाज बेहद खतरनाक रहने वाला है। सोमवार से ही आसमान का तेवर बदल गया है और मंगलवार को हालात और बिगड़ने के संकेत मिल रहे हैं।
लगातार हो रही झमाझम बारिश
राजधानी पटना, मुज़फ़्फरपुर, समस्तीपुर और अगवानपुर समेत कई जिलों में सोमवार सुबह से ही झमाझम बारिश दर्ज की गई। भारी वर्षा के कारण सड़कों पर जलजमाव, गलियों में कीचड़ और आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कई जगहों पर तो हालात ऐसे हो गए हैं कि लोग चाहकर भी घर से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे। यह स्थिति केवल शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि गाँवों में भी पानी भरने और बिजली गिरने की आशंका से दहशत का माहौल है।
भारी और अति भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र ने साफ किया है कि आने वाले दिनों में पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण और गोपालगंज में अति भारी वर्षा होगी। वहीं, सीवान, सारण, समस्तीपुर, बेगूसराय, जमुई और किशनगंज जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पटना और गया जैसे प्रमुख जिलों में रुक-रुककर तेज बारिश जारी रहेगी। इस स्थिति को देखते हुए भारतीय मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है।
बिजली गिरने और वज्रपात का खतरा
बारिश के साथ-साथ गरज-चमक और वज्रपात की भी संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। वज्रपात बिहार के लिए पहले भी गंभीर समस्या रही है, क्योंकि हर साल दर्जनों लोग बिजली गिरने से अपनी जान गंवा देते हैं। इसलिए इस चेतावनी को गंभीरता से लेना बेहद ज़रूरी है।
उत्तर और दक्षिण बिहार में असर
पूर्वानुमान के अनुसार, अगले तीन दिनों तक किशनगंज, अररिया, पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, वैशाली, सारण, समस्तीपुर और खगड़िया जिलों में भारी वर्षा की संभावना है। उत्तर बिहार के अधिकांश इलाकों में लगातार बारिश और वज्रपात की स्थिति बनी रहेगी। वहीं दक्षिण बिहार के चुनिंदा जिलों में भी मूसलधार बारिश होने का अनुमान है। इस असमान्य मौसम ने पूरे प्रदेश को प्रभावित कर दिया है।
शहरों और गाँवों की बदहाली
शहरों में सड़कों पर पानी का सैलाब उमड़ आया है। नालियों के उफान और जलजमाव के कारण यातायात ठप हो गया है। गलियों में कीचड़ और गंदगी से लोग परेशान हैं। गाँवों में स्थिति और भयावह है, जहाँ लोग रातें टॉर्च की रोशनी में काटने को मजबूर हैं। कई जगह खेत डूब गए हैं, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिरने का खतरा है।
किसानों पर असर
किसानों के लिए यह बारिश एक दोहरी स्थिति पैदा कर रही है। एक तरफ धान की फसल के लिए यह पानी वरदान साबित हो रहा है, तो दूसरी ओर बाढ़ और जलजमाव का खतरा इसे अभिशाप बना रहा है। अगर पानी अधिक दिनों तक खेतों में भरा रहा, तो फसल बर्बाद हो सकती है। इससे ग्रामीण इलाकों में खाद्य संकट और आर्थिक नुकसान की आशंका भी बढ़ जाती है।
सरकार और प्रशासन की तैयारी
मौसम की इस चेतावनी को देखते हुए राज्य सरकार और प्रशासन सतर्क मोड में आ गए हैं। आपदा प्रबंधन विभाग ने टीमों को सक्रिय कर दिया है और जिला प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और किसी भी तरह की आपदा की स्थिति में प्रशासन को सूचित करें। हालांकि, सवाल यह भी उठ रहा है कि जब बादल कहर बरपाने पर उतर आते हैं, तो इंसानी ताकत कितनी देर तक उसका मुक़ाबला कर पाएगी। बिहार में इस समय मानसून का विकराल रूप दिखाई दे रहा है। भारी बारिश, जलजमाव, वज्रपात और आंधी-तूफ़ान ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। जहाँ एक ओर यह बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आती है, वहीं दूसरी ओर बाढ़ और बिजली गिरने का खतरा इसे एक बड़ी चुनौती बना देता है। आने वाले दिनों में मौसम की इस मार से निपटने के लिए प्रशासन की तत्परता और जनता की सावधानी ही सबसे बड़ा सहारा बन सकती है। यह समय सतर्क रहने और धैर्य रखने का है, क्योंकि प्रकृति के सामने इंसान की ताकत हमेशा सीमित रही है।


