बिहार में लोक अदालत में होगी ट्रैफिक ई-चालान मामलों की सुनवाई, 14 को सभी जिलों में बैठेगी विशेष पीठ
- वाहन चालकों को मिलेगा लंबित चालान से राहत का अवसर
- पटना उच्च न्यायालय के सख्त रुख के बाद सरकार का फैसला, परिवहन विभाग ने जिलों को जारी किया निर्देश
पटना। बिहार में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन से जुड़े लंबित मामलों के समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राज्य के सभी जिलों में 14 मार्च को आयोजित होने वाली लोक अदालत में पहली बार ट्रैफिक ई-चालान से जुड़े मामलों की सुनवाई की जाएगी। इसके लिए विशेष पीठ का गठन किया जाएगा, जहां वाहन चालकों और मालिकों के लंबित चालान मामलों का निपटारा किया जाएगा। इस पहल से बड़ी संख्या में लोगों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। दरअसल, राज्य में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को लेकर बड़ी संख्या में ई-चालान जारी किए जाते हैं। इनमें से कई मामलों में वाहन चालकों द्वारा समय पर जुर्माना जमा नहीं किया जाता, जिससे हजारों मामलों का लंबित होना सामान्य बात हो गई है। ऐसे मामलों के निपटारे के लिए अब लोक अदालत का सहारा लिया जा रहा है, जिससे विवादों का त्वरित समाधान संभव हो सकेगा। जानकारी के अनुसार यह निर्णय पटना उच्च न्यायालय की सख्ती के बाद लिया गया है। 10 मार्च को मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू की खंडपीठ ने एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार से सवाल किया था कि दूसरे राज्यों की तरह बिहार में ट्रैफिक चालान से जुड़े विवादों के निपटारे के लिए लोक अदालत का उपयोग क्यों नहीं किया जा रहा है। अदालत ने इस मामले में सरकार को नोटिस जारी करते हुए जवाब भी मांगा था। उच्च न्यायालय के इस रुख के बाद राज्य सरकार और परिवहन विभाग ने तुरंत कदम उठाया। परिवहन विभाग की विशेष कार्य पदाधिकारी अरुणा कुमारी ने सभी जिलों के जिला परिवहन पदाधिकारियों को पत्र जारी कर निर्देश दिया है कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन मालिकों के खिलाफ जारी ई-चालान मामलों का निष्पादन लोक अदालत के माध्यम से किया जाए। लोक अदालत के माध्यम से ऐसे मामलों के समाधान से वाहन चालकों को कई प्रकार की सुविधाएं मिलेंगी। आमतौर पर लोक अदालत में मामलों का निपटारा आपसी सहमति और सरल प्रक्रिया के तहत किया जाता है, जिससे लंबित मामलों का तेजी से समाधान संभव होता है। इससे न केवल न्यायालयों पर लंबित मामलों का बोझ कम होगा, बल्कि लोगों को भी लंबे समय तक चलने वाली कानूनी प्रक्रिया से राहत मिलेगी। परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार लोक अदालत में आने वाले मामलों में वाहन मालिकों को अपने लंबित ई-चालान का निपटारा करने का अवसर मिलेगा। इससे कई मामलों में जुर्माने की राशि का भुगतान कर विवाद समाप्त किया जा सकेगा। इससे प्रशासनिक प्रक्रिया भी सरल होगी और ट्रैफिक नियमों के पालन को लेकर लोगों में जागरूकता भी बढ़ेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से राज्य में ट्रैफिक प्रबंधन व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। बड़ी संख्या में लंबित चालान मामलों के निपटारे से प्रशासन को भी राहत मिलेगी और नियमों के पालन को लेकर लोगों में जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी। परिवहन विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि लोक अदालत के आयोजन के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जाएं और अधिक से अधिक लोगों को इसकी जानकारी दी जाए, ताकि वाहन चालक इस अवसर का लाभ उठाकर अपने लंबित चालान मामलों का समाधान करा सकें।


