गाँव-गाँव तक स्वास्थ्य सेवा: डॉ. रमण किशोर के 241वाँ नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का हुआ आयोजन
बिहटा, (मोनु कुमार मिश्रा)। ‘गाँव का डॉक्टर’ के नाम से प्रसिद्ध डॉ. रमण किशोर ने अपने 241वें नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर में यह संदेश दिया कि “स्वास्थ्य सेवा पहुँचाना ही मेरा धर्म है।” यह शिविर बिहटा के सहवाजपुर झुग्गी क्षेत्र में आयोजित किया गया, जहाँ भीषण गर्मी के बावजूद 190 से अधिक लोगों की जाँच कर उन्हें नि:शुल्क दवाएँ वितरित की गईं। एम्स पटना से एम.डी. कर चुके डॉ. रमण एक सरकारी चिकित्सक हैं, लेकिन वे अपनी आय का बड़ा हिस्सा गाँवों में स्वास्थ्य सेवा पर खर्च करते हैं। उनका उद्देश्य केवल इलाज करना नहीं, बल्कि समय रहते बीमारियों की पहचान और उनकी रोकथाम भी है। शिविर में ब्लड प्रेशर, शुगर, ईसीजी जैसी जाँचों के माध्यम से कई छिपी बीमारियों का पता लगाया गया। डॉ. रमण का मानना है कि स्वास्थ्य सेवा प्रत्येक नागरिक का मूल अधिकार है, और वे गाँव-गाँव जाकर इस अधिकार को साकार कर रहे हैं। उनकी यह पहल ग्रामीण भारत में प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल का एक सशक्त उदाहरण है — एक सच्ची प्रेरणा, जो बताती है कि सेवा का केंद्र अस्पताल नहीं, बल्कि इंसान होना चाहिए।


