हरियाणा से पैदल निकले मजदूरों का जत्था पहुंचा गया,प्रशासन स्क्रीनिंग कराकर घर तक भेजने का करेगी प्रबंध
गया।कोरोना वायरस के खतरों के मद्देनजर लगाए गए राष्ट्रव्यापी लॉक डाउन के दौरान हरियाणा के पानीपत से पैदल चलकर प्रदेश के गया जिले के मानपुर में मजदूरों का एक जत्था पहुंचा।वाकई यह हैरान कर देने वाली बात है मगर अपने विवशता के कारण मजदूरों का यह जत्था हरियाणा के पानीपत से पैदल चलते हुए मानपुर पहुंचा है।लॉकडाउन के कारण हरियाणा में फंसे बिहार के दर्जनों मजदूर अपने घर के लिए पैदल ही निकल गए थे।ये मजदूर हरियाणा के पानीपत में दिहाड़ी मजदूरी का काम करते थे।मानपुर पहुंचने के बाद मजदूर काफी थके हुए महसूस कर रहे थे।अपने बच्चों और परिवारों के साथ मजदूर फल्गु नदी के तट पर एक बगीचे में ठहर गये। इसकी जानकारी स्थानीय लोगों ने बुनियादगंज थानाध्यक्ष शशि कुमार राणा को दी।स्थानीय प्रशासन के द्वारा सभी प्रवासी मजदूरों को बुनियादगंज थाने के पास लॉकडाउन का पालन करते हुए पीपल और आम के पेड़ की छांव में ठहराया गया।जिला प्रशासन द्वारा जगजीवन कॉलेज में बन रहा भोजन मजदूरों के बीच लाकर परोसा गया।स्थानीय लोगों ने भी उनके लिए सत्तू, चीनी, बिस्कुट, खीरा, ककड़ी के अलावा पानी की व्यवस्था की।प्रशासन से मिली जानकारी अनुसार उक्त सभी मजदूर वैशाली, छपरा व उसके आसपास के जिलों के रहने वाले हैं।

मजदूरों ने बताया कि हरियाणा में खाने-पीने की दिक्कत होने के चलते वे अपने गांव को लौट रहे थे।गांव आने में कहीं-कहीं पर खाली ट्रक मिला, तो कुछ दूरी ट्रक से तय की।जहां कोई साधन नहीं मिला, तो बहुत दूर हम लोग पैदल ही चले।एक सप्ताह पानीपत से निकले हुए गुजर गया।इस संबंध में सीओ जितेंद्र पांडे ने बताया कि सभी मजदूरों को स्टेशन से स्क्रीनिंग कराने के बाद उनके गांव भेजने के लिए सरकारी बस की व्यवस्था की गयी है।

