February 15, 2026

आरा में शादी के दिन दूल्हे ने की आत्महत्या, बगीचे में लगाई फांसी, मचा हड़कंप

आरा। बिहार के भोजपुर जिले के आरा शहर से सटे एक गांव से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने सभी को हैरानी में डाल दिया है। छोटकी सनदिया गांव में एक युवक ने अपनी शादी के दिन आत्महत्या कर ली। यह हादसा उस समय हुआ जब परिवार शादी की तैयारियों में जुटा हुआ था और घर में खुशी का माहौल था। लेकिन एक पल में यह खुशी मातम में बदल गई जब युवक का शव गांव के आम के बगीचे में पेड़ से लटका हुआ मिला।
शादी की तैयारियों के बीच हुआ हादसा
मृतक युवक की पहचान संजीत कुमार के रूप में हुई है, जिसकी उम्र लगभग 30 वर्ष थी। वह आरा के छोटकी सनदिया गांव का निवासी था और पटना जिले के दीघा इलाके में एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत था। उसके बड़े भाई रंजीत कुमार ने बताया कि 2 जून को तिलक की रस्म होनी थी और 4 जून को बारात बिहिया थाना क्षेत्र के फिनगी गांव जानी थी। परिवार के सभी सदस्य शादी की तैयारियों में लगे हुए थे। लेकिन इसी दौरान संजीत घर से बिना किसी को कुछ बताए गांव के ही एक बगीचे की ओर चला गया।
बगीचे में मिली लाश, बच्चे ने दी जानकारी
बताया जा रहा है कि संजीत के पीछे एक लड़का भी गया था, जो उसे दूर से देख रहा था। उसने देखा कि संजीत आम के एक पेड़ पर गमछे की मदद से फांसी का फंदा बनाकर आत्महत्या कर रहा है। यह देखकर बच्चा दौड़कर गांव आया और पूरे घटनाक्रम की जानकारी संजीत के परिवार को दी। परिजन आनन-फानन में बगीचे की ओर दौड़े और संजीत को तत्काल अस्पताल लेकर गए, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।
अस्पताल में मृत घोषित, पोस्टमार्टम से इनकार
संजीत को आरा सदर अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिवार के लोगों ने किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई कराने से इनकार कर दिया और बिना पोस्टमार्टम के शव को घर वापस ले गए। इस घटना से गांव और परिजन सभी स्तब्ध हैं।
पारिवारिक पृष्ठभूमि और दुख का माहौल
संजीत अपने तीन भाई-बहनों में सबसे छोटा था। उसका एक बड़ा भाई रंजीत कुमार और एक बहन पूनम देवी है। उसकी शादी की तैयारियों में पूरा घर व्यस्त था। कोई यह सोच भी नहीं सकता था कि संजीत ऐसा कदम उठा लेगा। उसकी आत्महत्या की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है, लेकिन परिवार वालों का कहना है कि उसने कभी किसी बात को लेकर कोई चिंता जाहिर नहीं की थी।
गांव में पसरा मातम
इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है। लोग यह समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर एक खुशहाल शादी वाले दिन संजीत ने आत्महत्या जैसा कदम क्यों उठाया। इस सवाल का जवाब शायद अब किसी के पास नहीं है। घटना के बाद मृतक के घर पर लोग सांत्वना देने पहुंच रहे हैं, लेकिन परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी भी है कि बाहरी मुस्कान के पीछे छिपे मानसिक तनाव को समझना और समय रहते बात करना कितना जरूरी है। शादी जैसा पवित्र और खुशियों से भरा दिन भी यदि किसी के लिए बोझ बन जाए, तो समाज को आत्ममंथन करने की जरूरत है।

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