मंत्री नीरज कुमार सिंह ने किया समीक्षा बैठक, बोले- बिहार में बांस से जुड़े उद्योग की काफी संभावनाएं, व्यापक प्रचार-प्रसार करने की जरूरत
पटना। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के मंत्री नीरज कुमार सिंह की अध्यक्षता में गुरूवार को विभाग के मुख्यालय अरण्य भवन में विभागीय कार्यों तथा जल-जीवन-हरियाली अभियान अंतर्गत किये जा रहे कार्यों की समीक्षा की गयी। बैठक में मंत्री ने विभागीय पदाधिकारियों को निर्देश देते हुए कि राज्य में बांस से जुड़े उद्योग की काफी संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए बांस के पौधों के रोपण से जुड़ी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाय तथा बांस के उत्पाद के निर्माण हेतु कार्यशाला व सेमिनार, प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर हितधारकों की क्षमतावर्द्धन की जाय, जिससे कालांतर में राज्य में बांस आधारित उद्योग की स्थापना संभव हो सके तथा राज्य में उसके उत्पाद का व्यापक उपयोग हो सके।
मंत्री ने निदेशित किया कि प्रचार हेतु तैयार प्रशिक्षण सामग्री के वीडियो को जीविका दीदियों, विभिन्न केन्द्रीय पैरामिलीटरी बल, संस्थानों, गैर सरकारी संस्थानों, बोर्ड एवं क्लबों के प्रतिनिधियों को प्रेषित किया जाये, साथ ही पौधे उपलब्ध कराने से पूर्व यह सुनिश्चित कर लिया जाये कि उनके पास पौधे लगाने लायक भूमि उपलब्ध है अथवा नहीं। मंत्री ने कृषि वानिकी अन्य प्रजाति योजनान्तर्गत कृषकों से संपर्क कर आवेदन प्राप्त करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कृषकों के सुविधा हेतु विभाग द्वारा पौधों के विक्रय के लिए तैयार मोबाईल वैनों तथा विक्रय केंद्रों में कृषि वानिकी- अन्य प्रजाति योजना का आवेदन प्रपत्र (फार्म) एवं बैनर रखे जायें एवं इनका व्यापक रूप से प्रचार प्रसार किया जाये।


मंत्री ने निदेशित किया कि सभी वन प्रमंडल पदाधिकारी 21 जून तक जीविका के जिला स्तरीय डीपीएम के साथ बैठक कर पौधों के वितरण के संबंध में कार्य योजना तैयार कर लें। जल-जीवन-हरियाली अभियान अंतर्गत योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किये जाने एवं मिशन 5.0 करोड़ पौधारोपण अभियान अन्तर्गत निर्धारित पौधारोपण के लक्ष्य को ससमय पूर्ण कर लेने का निदेश दिया।
इसके पहले विभाग के प्रधान सचिव दीपक कुमार सिंह ने वित्तीय वर्ष 2020-21 एवं 2021-22 में क्रियान्वित योजनाओं एवं क्रियाकलापों के संबंध में प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विभागीय नीतियां एवं प्राथमिकताएं, जल-जीवन-हरियाली अभियान अंतर्गत मिशन 2.51 करोड़ पौधारोपण अभियान के समापन, विगत वर्ष की पौधारोपण की उपलब्धि, कृषि वानिकी, अंतर्गत कृषकों की आय वृद्धि एवं रोजगार सृजन, राज्य कैम्पा कार्यक्रम का प्रबंधन, राष्ट्रीय बांस मिशन, जागरूकता कार्यक्रम, मिशन 5.0 करोड़ पौधारोपण अभियान से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गयी। बैठक में सभी क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। बैठक में मंत्री को पौधारोपण तकनीक एवं पौधशाला स्थापना से संबंधित प्रशिक्षण हेतु तैयार विडियों को प्रदर्शित किया गया, जिसकी उन्होंने सराहना की।

