February 11, 2026

राज्यपाल के अभिभाषण पर तेजस्वी का तंज, कहा- हत्या और रेप में सरकार अव्वल, केवल हो रही खानापूर्ति

पटना। बिहार विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत सोमवार को राज्यपाल के अभिभाषण के साथ हुई, लेकिन पहले ही दिन सदन के बाहर सियासी पारा चढ़ गया। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने विधानसभा में अपने अभिभाषण के दौरान नवंबर 2005 के बाद राज्य में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस व्यवस्था और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि इन वर्षों में बिहार ने कई अहम बदलाव देखे हैं और सरकार लगातार जनता को बेहतर सुविधाएं देने की दिशा में काम कर रही है। हालांकि राज्यपाल के भाषण के तुरंत बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए पूरे अभिभाषण को केवल औपचारिकता करार दिया। विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि कई राज्यपाल आते-जाते रहे हैं, लेकिन हर बार वही पढ़ा जाता है जो अधिकारी और सरकार लिखकर देती है। उनके मुताबिक राज्यपाल सिर्फ वही बातें दोहराते हैं, जिनका जमीनी हकीकत से कोई सीधा संबंध नहीं होता। तेजस्वी यादव ने कहा कि भाषण में भले ही विकास की तस्वीर पेश की गई हो, लेकिन सच्चाई यह है कि बिहार में कानून व्यवस्था की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में हत्या, दुष्कर्म, अपहरण और गोलीबारी जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि बिहार आज अपराध के मामलों में आगे खड़ा नजर आता है और आम लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष ने हालिया राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा से जुड़े छात्र हत्या मामले का जिक्र करते हुए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो जांच पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बालिका गृह कांड की जांच भी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने की थी, उसका क्या नतीजा निकला। इसी तरह सृजन घोटाले की जांच भी उसी एजेंसी के पास है, लेकिन अब तक आम जनता के सामने कोई ठोस परिणाम नहीं आया। तेजस्वी यादव का कहना था कि केवल जांच एजेंसियों का नाम लेने से सच्चाई सामने नहीं आती, जब तक सरकार की मंशा साफ न हो। उन्होंने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा और दावा किया कि किसी भी प्रखंड या थाने में चले जाइए, हर जगह भ्रष्टाचार व्याप्त है। तेजस्वी यादव ने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सवाल पूछते हुए कहा कि पूरे देश में बिहार सबसे पिछड़ा राज्य क्यों बना हुआ है। उनका आरोप था कि चाहे नीति आयोग की रिपोर्ट हो या प्रति व्यक्ति आय का आंकड़ा, हर पैमाने पर बिहार नीचे खड़ा दिखाई देता है। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार केवल दो ही मामलों में आगे है—भ्रष्टाचार और अपराध। रोजगार के मुद्दे पर भी नेता प्रतिपक्ष ने सरकार के दावों को खोखला बताया। उन्होंने कहा कि सरकार यह कह रही है कि हर जिले में उद्योग लगाए जाएंगे और एक करोड़ लोगों को रोजगार दिया जाएगा, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि किस तरह का रोजगार होगा और उसे कैसे उपलब्ध कराया जाएगा। तेजस्वी यादव के अनुसार, जब तक ठोस कार्ययोजना सामने नहीं आती, तब तक ऐसे दावे केवल भाषण तक ही सीमित रह जाते हैं। इसके साथ ही तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार के बजट पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि केंद्र के बजट में बिहार के लिए कुछ खास नहीं है। उनका आरोप था कि पिछले साल जब बिहार में चुनाव थे, तब राज्य का जिक्र किया गया, लेकिन अब जब तमिलनाडु में चुनाव हैं तो वहां की बातें की जा रही हैं। उन्होंने इसे राजनीतिक प्राथमिकताओं से जोड़ते हुए कहा कि बिहार को बार-बार नजरअंदाज किया जा रहा है। इधर, सत्तापक्ष का कहना है कि राज्यपाल के अभिभाषण में सरकार की उपलब्धियों और भावी योजनाओं का स्पष्ट खाका पेश किया गया है और आने वाले दिनों में बजट सत्र के दौरान हर सवाल का जवाब सदन के भीतर दिया जाएगा। वहीं, विपक्ष इस सत्र को सरकार को घेरने का बड़ा अवसर मान रहा है। बजट सत्र के पहले ही दिन राज्यपाल के अभिभाषण के बाद शुरू हुई बयानबाजी ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में बिहार विधानसभा में तीखी बहस देखने को मिलेगी। एक ओर सरकार अपनी उपलब्धियों को सामने रखेगी, तो दूसरी ओर विपक्ष अपराध, भ्रष्टाचार, रोजगार और विकास जैसे मुद्दों पर सरकार को कठघरे में खड़ा करता नजर आएगा। पूरे सत्र के दौरान राज्य की राजनीति गरम रहने के आसार हैं और जनता की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि बजट में उनके लिए क्या खास घोषणाएं होती हैं।

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