पटना में गैस आपूर्ति व्यवस्था पटरी पर, प्रशासनिक सख्ती से कालाबाजारी पर लगाम
- छापेमारी के बाद एजेंसियों पर घटी भीड़, सिलेंडर की आपूर्ति हुई सामान्य
- पाइप प्राकृतिक गैस उपभोक्ताओं की रसोई गैस बुकिंग पर रोक, इंडक्शन चूल्हों के दाम बढ़े
पटना। जिले में रसोई गैस की आपूर्ति व्यवस्था अब धीरे-धीरे सामान्य होती नजर आ रही है। प्रशासन की ओर से कालाबाजारी, जमाखोरी और अधिक कीमत पर सिलेंडर बिक्री के खिलाफ की गई सख्ती का असर साफ दिखाई देने लगा है। लगातार छापेमारी और निगरानी के चलते गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की भीड़ कम हो गई है और वितरण व्यवस्था में सुधार हुआ है। जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा के लिए एक बैठक आयोजित की। इस बैठक में अपर जिलाधिकारी आपूर्ति आरके दिवाकर, विशेष राशनिंग पदाधिकारी चित्रगुप्त कुमार सहित सभी अनुमंडल, प्रखंड और अंचल स्तर के पदाधिकारी शामिल हुए। समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले की 136 गैस एजेंसियों में कुल 16,65,360 उपभोक्ता पंजीकृत हैं। आंकड़ों के अनुसार, पिछले 10 दिनों में 5,50,120 उपभोक्ताओं ने गैस बुकिंग कराई थी, लेकिन अब यह औसत घटकर 35,461 रह गया है। वहीं वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 41,094 सिलेंडरों की बिक्री हो रही है। इससे स्पष्ट है कि अब गैस की उपलब्धता पर्याप्त है और उपभोक्ताओं को बुकिंग या आपूर्ति में किसी तरह की परेशानी नहीं हो रही है। प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों या भ्रामक खबरों के कारण अनावश्यक रूप से गैस बुकिंग न करें और वितरण केंद्रों पर भीड़ न लगाएं। अब ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से गैस सिलेंडर सीधे घर तक पहुंचाया जा रहा है। किसी भी प्रकार की समस्या के समाधान के लिए हेल्पलाइन नंबर 0612-2219810 भी जारी किया गया है। आपूर्ति व्यवस्था को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। जिन उपभोक्ताओं के पास पाइप के माध्यम से प्राकृतिक गैस का कनेक्शन है, उनकी रसोई गैस बुकिंग तत्काल प्रभाव से रोकने का निर्देश दिया गया है। जिले में वर्तमान में करीब 29,964 ऐसे उपभोक्ता हैं, जिनमें से लगभग 17 हजार लोग रसोई गैस सिलेंडर का भी उपयोग कर रहे हैं। इसके साथ ही जिन क्षेत्रों में पाइप प्राकृतिक गैस की पाइपलाइन पहुंच चुकी है, वहां नए कनेक्शन बढ़ाने के लिए शिविर आयोजित करने का प्रस्ताव संबंधित अधिकारियों को दिया गया है। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को पाइप गैस से जोड़ना और रसोई गैस सिलेंडर पर दबाव कम करना है। इस बीच गैस की बढ़ती मांग का असर बाजार पर भी देखने को मिल रहा है। होली से पहले जहां ऑनलाइन और स्मार्ट बाजारों में इंडक्शन चूल्हे 50 प्रतिशत तक की छूट पर उपलब्ध थे, वहीं अब उनकी कीमतें अधिकतम खुदरा मूल्य के करीब पहुंच गई हैं और छूट घटकर 10 प्रतिशत से भी कम रह गई है। स्थानीय दुकानदार भी अब इन उत्पादों को लगभग तय मूल्य पर ही बेच रहे हैं। कई व्यापारियों ने लोकप्रिय ब्रांड के इंडक्शन चूल्हों के स्टॉक खत्म होने और नई आपूर्ति में देरी की बात कही है। कुछ दुकानदार अब इंडक्शन चूल्हों के बजाय हीटर की बिक्री पर अधिक जोर दे रहे हैं। प्रशासन की सख्ती और योजनाबद्ध कदमों से पटना में गैस आपूर्ति व्यवस्था में सुधार हुआ है, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिली है और बाजार में भी संतुलन बनने लगा है।


