अमेरिका से भारत लाया गया कुख्यात गैंगस्टर सोमबीर मोटा, दिल्ली हरियाणा में मचाया था आतंक
नई दिल्ली। कुख्यात गैंगस्टर सोमबीर मोटा को अमेरिका से भारत लाए जाने के बाद हरियाणा और दिल्ली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे इस अपराधी को मंगलवार देर रात भारत लाया गया, जहां दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरते ही हरियाणा विशेष कार्य बल ने उसे हिरासत में ले लिया। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि सोमबीर की गिरफ्तारी से प्रदेश में सक्रिय आपराधिक गिरोहों के नेटवर्क को तोड़ने में बड़ी मदद मिलेगी।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चलाया गया अभियान
सोमबीर मोटा की गिरफ्तारी कोई साधारण कार्रवाई नहीं थी। यह अभियान कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के सहयोग से संभव हो पाया। जांच एजेंसियों के अनुसार, सोमबीर वर्ष 2024 में फर्जी दस्तावेजों के सहारे पासपोर्ट बनवाकर विदेश भाग गया था। वह अमेरिका में रहकर हरियाणा और दिल्ली में अपराधों का संचालन कर रहा था। हरियाणा विशेष कार्य बल ने जब उसके फर्जी दस्तावेजों का पता लगाया, तब उसके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय पुलिस संगठन के माध्यम से रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराया गया। रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के बाद अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने सोमबीर को हिरासत में लिया और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे भारत भेज दिया गया। इस पूरी प्रक्रिया में केंद्रीय जांच ब्यूरो और गृह मंत्रालय की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही।
गंभीर अपराधों में था वांछित
रोहतक जिले के कारौर गांव का रहने वाला सोमबीर मोटा हरियाणा और दिल्ली पुलिस के लिए लंबे समय से चुनौती बना हुआ था। उस पर हत्या, हत्या का प्रयास, रंगदारी वसूली और लूटपाट जैसे 20 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, वह प्रदेश में कई व्यापारियों और आम नागरिकों के लिए भय का कारण बन चुका था। सोमबीर की पहचान केवल एक अपराधी के रूप में ही नहीं, बल्कि एक संगठित आपराधिक नेटवर्क के संचालक के रूप में भी रही है। बताया जाता है कि वह जेल में बंद कुख्यात अपराधी अनिल छिप्पी का भाई है। इसके अलावा उसके संबंध लॉरेंस बिश्नोई और काला जठेड़ी जैसे चर्चित आपराधिक गिरोहों से भी जुड़े होने की जानकारी सामने आई है।
विदेश में बैठकर चलाता था गिरोह
जांच एजेंसियों के अनुसार, अमेरिका भागने के बाद भी सोमबीर ने अपराध की दुनिया से दूरी नहीं बनाई थी। वह विदेश में रहते हुए भी अपने गिरोह के जरिए रंगदारी वसूली और अन्य अपराधों को अंजाम दिला रहा था। पुलिस का मानना है कि उसने आधुनिक संचार माध्यमों के जरिए अपने सहयोगियों के संपर्क में रहकर आपराधिक गतिविधियों को संचालित किया। विशेष कार्य बल के अधिकारियों का कहना है कि सोमबीर की गिरफ्तारी के बाद उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य अपराधियों की पहचान करने में मदद मिलेगी। पूछताछ के दौरान कई बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों का अहम सहयोग
सोमबीर मोटा को भारत लाने की प्रक्रिया में अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण रहा। अंतरराष्ट्रीय पुलिस संगठन के जरिए जारी रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर अमेरिकी एजेंसियों ने उसे पकड़ने में सफलता हासिल की। इसके बाद भारत सरकार और गृह मंत्रालय ने कानूनी प्रक्रिया पूरी कराकर उसे भारत वापस लाने की कार्रवाई की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपराधियों के खिलाफ चल रहे अभियान की सफलता का उदाहरण है। इससे यह भी संदेश जाता है कि देश से भागकर विदेश में छिपने वाले अपराधियों को भी कानून के दायरे में लाया जा सकता है।
प्रदेश में अपराध नियंत्रण की दिशा में बड़ा कदम
हरियाणा पुलिस का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश में सक्रिय कई बड़े गैंगस्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। वर्ष 2025 के दौरान कई कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, जिससे व्यापारियों और आम लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि सोमबीर की गिरफ्तारी से प्रदेश में रंगदारी और संगठित अपराध के मामलों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। साथ ही यह कार्रवाई अन्य अपराधियों के लिए भी चेतावनी साबित हो सकती है।
पूछताछ से खुल सकते हैं कई राज
हरियाणा विशेष कार्य बल अब सोमबीर से विस्तृत पूछताछ करने की तैयारी में है। अधिकारियों का कहना है कि उससे प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय आपराधिक गिरोहों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि उसके गिरोह के कितने सदस्य अभी सक्रिय हैं और किन-किन मामलों में उसकी भूमिका रही है। आने वाले दिनों में पुलिस इस मामले में और खुलासे कर सकती है। सुरक्षा एजेंसियां यह सुनिश्चित करने में जुटी हैं कि सोमबीर से मिली जानकारी के आधार पर अन्य अपराधियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
कानून के प्रति बढ़ा विश्वास
सोमबीर मोटा की गिरफ्तारी को कानून व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इससे यह संदेश गया है कि अपराधी चाहे देश में हों या विदेश में, कानून की पकड़ से बच नहीं सकते। पुलिस और जांच एजेंसियों का मानना है कि इस कार्रवाई से प्रदेश में अपराध नियंत्रण के प्रयासों को और मजबूती मिलेगी और आम जनता का भरोसा कानून व्यवस्था पर और मजबूत होगा।


