दोस्ती हुआ कलंकित : दानापुर में दोस्तों ने की युवक की बेरहमी से हत्या, लोगों ने किया सड़क जाम
दानापुर। राजधानी पटना से सटे दानापुर में एक फिर दोस्ती कलंकित हुआ है। दोस्त ने ही अपने दोस्त की बेरहमी से हत्या कर दी है। शाहपुर थाना क्षेत्र में कोठिया इलाके रहने वाले 25 साल के एक युवक की सिर और चेहरे पर चाकू से वार कर हत्या कर दी गई है। उसकी लाश सरकारी स्कूल के कैंपस में मिली। बेटे की लाश मिलने के बाद से परिवार में कोहराम मचा गया। जिस युवक की हत्या की गई, उसका नाम अखिलेश कुमार था और वह एक मेंस पार्लर में काम करता था। घटना से नाराज लोगों ने लाश को रोड पर रखकर शिवाला-कोठिया-खगौल रोड को जाम कर दिया और हत्यारे को पकड़ने एवं सरकार से सहायता राशि परिवार को उपलब्ध कराने की मांग की। करीब तीन घंटे से अधिक देरी तक रोड जाम रहा। उसके बाद पुलिस ने समझा-बुझाकर रोड से जाम को हटाया। हालांकि, इससे पहले पूर्व सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव मौके पर पहुंचे और परिवार को सांत्वना देने के साथ ही उन्होंने अपनी तरफ से 25 हजार रुपए की सहायता दी।
बताया जाता है कि शनिवार के देर शाम 7 बजे के करीब अखिलेश को उसके दोस्त सन्नी ने कॉल किया था। कुछ देर बाद ही वो बाइक लेकर घर पर आ गया। वहां से अखिलेश और उसके छोटे भाई श्याम को साथ लेकर निकला। मगर, कुछ दूर आगे जाकर बाबू चक मंदिर के पास छोटे भाई को उतार दिया। उसके मोबाइल को अखिलेश ने अपने पास रख लिया। श्याम को वहीं पर ठहरने और कुछ देर में एक काम कर वापस लौटने की बात कह अखिलेश अपने साथी सन्नी के साथ चला गया। बड़े भाई का इंतजार कर रहे छोटे भाई श्याम ने आधे घंटे के बाद जब कॉल किया तो अखिलेश ने फोन पर बोला कि ये लोग मुझे मार रहे हैं। बचा लो वरना मार देंगे। यह सुन श्याम ने परिवार के दूसरे लोगों को कॉल किया। इसके बाद उसकी तलाश शुरू की गई। कुछ समय के बाद किसी दूसरे शख्स से कॉल कर बताया कि अखिलेश की लाश अंडा पकौली के पास स्कूल के कैंपस में पड़ा हुआ है। तब परिवार के लोग वहां पहुंचे और उसकी लाश को लेकर पास के एक हॉस्पिटल में गए। वहां डॉक्टर ने मौत की पुष्टि कर दी। इसके बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। आज सुबह लाश का पोस्टमार्टम दानापुर सदर हॉस्पिटल में कराया गया। इसके बाद जब लाश परिवार को सौंप दी गई, फिर आक्रोशित लोगों ने रोड जाम किया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है। थानेदार के अनुसार हत्या के पीछे की वजह अब तक स्पष्ट नहीं हुई है।


