नीट पुनर्परीक्षा को लेकर बिहार सरकार का बड़ा फैसला, परीक्षार्थियों को मिलेगी मुफ्त बस सेवा

  • 21 जून को होगी पुनर्परीक्षा, सीएम सम्राट चौधरी ने छात्रों को दी राहत, सोशल मीडिया से की घोषणा
  • भीषण गर्मी को देखते हुए पेयजल और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश, अभिभावकों ने फैसले का किया स्वागत

पटना। बिहार में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा स्नातक 2026 की पुनर्परीक्षा को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा और छात्रहित में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि परीक्षा में शामिल होने वाले सभी अभ्यर्थियों को राज्य की सरकारी बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने शनिवार को सामाजिक माध्यम मंच फेसबुक के जरिए इसकी जानकारी दी। सरकार के इस फैसले को लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा जारी सूचना के अनुसार राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा स्नातक 2026 की पुनर्परीक्षा अब 21 जून 2026 को आयोजित की जाएगी। इससे पहले 3 मई 2026 को आयोजित परीक्षा को प्रश्नपत्र लीक विवाद के कारण रद्द कर दिया गया था। परीक्षा रद्द होने के बाद पूरे देश में छात्रों के बीच भारी नाराजगी और असंतोष देखने को मिला था। कई स्थानों पर प्रदर्शन हुए और परीक्षा की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए गए थे। इसके बाद केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने पर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने पुनर्परीक्षा कराने का निर्णय लिया। देशभर के मेडिकल अभ्यर्थियों के लिए यह परीक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि इसी के आधार पर एमबीबीएस, बीडीएस और अन्य चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश मिलता है। परीक्षा रद्द होने से लाखों छात्रों की तैयारी और मानसिक स्थिति प्रभावित हुई थी। कई छात्र लंबे समय से परीक्षा की तैयारी में जुटे थे और अचानक परीक्षा रद्द होने से उनके सामने असमंजस की स्थिति पैदा हो गई थी। अब नई तिथि घोषित होने के बाद छात्रों ने राहत की सांस ली है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार सरकार छात्रों के भविष्य को लेकर पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने बताया कि बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की सभी सरकारी बसों में परीक्षा के दिन नीट अभ्यर्थियों को निःशुल्क यात्रा की सुविधा दी जाएगी। छात्र परीक्षा केंद्र तक आने-जाने के लिए किसी प्रकार का किराया नहीं देंगे। यह सुविधा पूरे राज्य में लागू रहेगी। सरकार का कहना है कि बिहार के कई छात्र दूर-दराज ग्रामीण क्षेत्रों से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचते हैं। गर्मी के मौसम और आर्थिक दबाव को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है ताकि किसी भी छात्र को यात्रा संबंधी परेशानी का सामना न करना पड़े। जून महीने में बिहार के अधिकांश जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक पहुंच जाता है। ऐसे में छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन, सामाजिक संगठनों, गैर सरकारी संस्थाओं और राज्य के मठ-मंदिरों से भी सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों, रेलवे स्टेशनों और बस स्टैंडों पर छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए पेयजल, सत्तू, शरबत और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जाए। सरकार चाहती है कि परीक्षा देने आने वाले छात्रों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। सरकार की इस घोषणा के बाद छात्रों और अभिभावकों में खुशी का माहौल देखा जा रहा है। कई छात्रों ने कहा कि परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में होने वाला खर्च और यात्रा की चिंता अब काफी हद तक कम हो जाएगी। अभिभावकों ने भी सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए इसे छात्रहित में बड़ा कदम बताया है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने छात्रों को सलाह दी है कि वे जल्द जारी होने वाले नए प्रवेश पत्र, परीक्षा केंद्र और दिशा-निर्देशों पर लगातार नजर बनाए रखें। अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर समय से पहुंचने और सभी जरूरी दस्तावेज साथ रखने के निर्देश दिए गए हैं। एजेंसी ने यह भी कहा है कि परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए इस बार अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। गौरतलब है कि प्रश्नपत्र लीक मामले के बाद राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा की विश्वसनीयता को लेकर गंभीर सवाल उठे थे। छात्रों और अभिभावकों ने परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग की थी। ऐसे में अब पुनर्परीक्षा को लेकर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी और राज्य सरकार दोनों अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सभी अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद छात्रों को आत्मविश्वास बनाए रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। नीट 2026 की पुनर्परीक्षा अब केवल एक प्रवेश परीक्षा नहीं रह गई है, बल्कि यह लाखों छात्रों के धैर्य, मेहनत और उम्मीदों की भी परीक्षा बन चुकी है। बिहार सरकार द्वारा की गई निःशुल्क यात्रा और अन्य सुविधाओं की घोषणा से निश्चित रूप से छात्रों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

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