पटना के मनेर में जमीनी विवाद में फायरिंग, तीन घायल

  • दो पक्षों के बीच करीब 15 राउंड गोलियां चलीं, तलवार और लाठी से भी हमला
  • घटना मंत्री के समधी के घर पर, पुलिस ने दर्ज किया मामला, आरोपियों की तलाश जारी

पटना। राजधानी पटना के मनेर थाना क्षेत्र स्थित ब्यापुर गांव में शुक्रवार देर शाम जमीनी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जब दो पक्षों के बीच हुई गोलीबारी से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। घटना बिहार सरकार के कृषि मंत्री रामकृपाल यादव के समधी के घर पर हुई, जहां करीब 15 राउंड फायरिंग किए जाने की बात सामने आई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना रात करीब 9 बजे की है, जब दो गोतिया पक्षों के बीच लंबे समय से चल रहा भूमि विवाद अचानक उग्र हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते गोलीबारी शुरू हो गई। इस दौरान तलवार, लाठी और पत्थरबाजी का भी इस्तेमाल किया गया, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। इस हिंसक झड़प में समधी राजेंद्र सिंह के बेटे पप्पू, स्वर्गीय भूपेंद्र सिंह के बेटे मनीष उर्फ गुड्डू और नितीश उर्फ बबलू घायल हो गए। इनमें मनीष और नितीश की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें इलाज के लिए पटना स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती कराया गया है। वहीं पप्पू को दानापुर के एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। घटना के बाद परिजनों ने आरोप लगाया है कि मुकेश, स्वर्गीय सतेंद्र के बेटे दीपक और प्रिंस समेत कई लोगों ने मिलकर इस हमले को अंजाम दिया। आरोप है कि हमलावरों ने न केवल गोलीबारी की, बल्कि तलवार, लाठी और पत्थरों से भी हमला किया, जिससे कई लोग घायल हो गए। स्थानीय लोगों के अनुसार, गोलीबारी की आवाज से पूरा गांव दहल उठा और लोग भय के कारण अपने घरों में दुबक गए। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया है और लोग दहशत में हैं। घटना की सूचना मिलते ही मनेर थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक सभी आरोपी फरार हो चुके थे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए और मामले की जांच शुरू कर दी है। मनेर थानाध्यक्ष रजनीश ने बताया कि आपसी विवाद में गोलीबारी और मारपीट की घटना की सूचना प्राप्त हुई है, जिसमें तीन लोग घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना के पीछे जमीनी विवाद मुख्य कारण प्रतीत हो रहा है, हालांकि सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। आसपास के क्षेत्रों में लगे निगरानी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी में मदद मिल सके। इस घटना ने एक बार फिर क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा कर रही है। घटना के बाद से इलाके में तनाव बना हुआ है, जबकि प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।

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