January 27, 2026

मोकामा में सांस्कृतिक कार्यक्रम में फायरिंग से हड़कंप, कई राउंड चली गोलियां, दो लोग घायल

पटना। जिले के मोकामा विधानसभा क्षेत्र से मंगलवार देर रात एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। छठ महापर्व के मौके पर पंडारक थाना क्षेत्र के कोंदी पंचायत में आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान अचानक गोलियां चलने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मंच पर कार्यक्रम चल ही रहा था कि कुछ अज्ञात हमलावरों ने पिस्टल से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस घटना में दो लोग गोली लगने से घायल हो गए, जिससे मौके पर भगदड़ की स्थिति बन गई। घायलों की पहचान नंदन सिंह और अमित कुमार के रूप में की गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, नंदन सिंह को कमर में जबकि अमित कुमार को पैर में गोली लगी है। दोनों घायलों को तुरंत अनुमंडल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने बताया कि फायरिंग इतनी अचानक हुई कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। परिवार के लोग और श्रद्धालु अपनी जान बचाने के लिए चारों ओर भागने लगे। घटना की सूचना मिलते ही बाढ़ के एएसपी राकेश कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने रातभर आसपास के इलाकों में सघन सर्च अभियान चलाया, लेकिन खबर लिखे जाने तक हमलावरों का कोई सुराग नहीं मिल पाया था। एएसपी ने बताया कि मामले की जांच गंभीरता से की जा रही है और दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि कोंदी पंचायत में छठ पूजा के मौके पर हर साल की तरह इस बार भी भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे मौजूद थे। अचानक हुई गोलीबारी ने सभी को दहशत में डाल दिया। कई लोगों ने बताया कि गोली चलाने वाले अपराधी संभवतः बाइक से आए थे और वारदात के बाद अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब मोकामा विधानसभा क्षेत्र में हाईप्रोफाइल चुनावी मुकाबला देखने को मिल रहा है। इस क्षेत्र से जदयू ने बाहुबली नेता अनंत सिंह को उम्मीदवार बनाया है, जबकि राजद ने पूर्व सांसद सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी को मैदान में उतारा है। दोनों उम्मीदवारों का क्षेत्र में गहरा प्रभाव माना जाता है, जिससे चुनावी माहौल पहले से ही गर्म था। अब इस गोलीकांड ने राजनीतिक तापमान को और बढ़ा दिया है। गौरतलब है कि मोकामा विधानसभा क्षेत्र का इतिहास हमेशा से राजनीति और बाहुबल के मिश्रण से जुड़ा रहा है। अनंत सिंह इस क्षेत्र से पांच बार विधायक रह चुके हैं और अपने प्रभावशाली व्यक्तित्व के लिए जाने जाते हैं। वहीं, वर्ष 2000 के विधानसभा चुनाव में सूरजभान सिंह ने जेल में रहते हुए अनंत सिंह के भाई दिलीप सिंह को हराकर जीत दर्ज की थी। इस ऐतिहासिक मुकाबले की चर्चा आज भी क्षेत्र में होती है। छठ पर्व जैसे आस्था और शांति के प्रतीक त्यौहार के दौरान हुई इस फायरिंग की घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। पूजा करने आए श्रद्धालु और स्थानीय लोग अब भी भय के माहौल में हैं। पुलिस प्रशासन ने इलाके में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है ताकि किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना के पीछे चुनावी रंजिश या आपराधिक गिरोहों की साजिश की भी जांच की जा रही है। एएसपी राकेश कुमार ने बताया कि “हम हर कोण से मामले की पड़ताल कर रहे हैं। इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और स्थानीय मुखबिरों से जानकारी ली जा रही है।” वहीं, मोकामा क्षेत्र के लोगों का कहना है कि हाल के दिनों में चुनावी माहौल के चलते इलाके में तनाव पहले से ही बढ़ा हुआ था। ऐसे में यह घटना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इलाके में गश्त बढ़ाने और अपराधियों को जल्द पकड़ने की मांग की है। छठ पर्व के दौरान हुई यह घटना न केवल श्रद्धालुओं की भावनाओं को झकझोर गई है, बल्कि बिहार की सियासत में भी नई हलचल पैदा कर दी है। आने वाले दिनों में यह मामला राजनीतिक बयानबाज़ी और आरोप-प्रत्यारोप का केंद्र बन सकता है।

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