जहानाबाद में शादी समारोह में हर्ष फायरिंग, दो बच्चों को लगी गोली, एक की दर्दनाक मौत
जहानाबाद। बिहार में शादी समारोहों के दौरान हर्ष फायरिंग की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला जहानाबाद जिले के घोसी थाना क्षेत्र के कोरमा गांव का है, जहां एक शादी समारोह में की गई हर्ष फायरिंग ने दो मासूम बच्चों को अपनी चपेट में ले लिया। इस दर्दनाक घटना में एक 17 वर्षीय किशोर की मौत हो गई, जबकि एक 10 वर्षीय बच्ची जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है। कोरमा गांव निवासी विजय बिंद की बेटी की शादी थी, जिसमें मखदुमपुर थाना क्षेत्र के धीरा बीघा गांव से बारात आई थी। विवाह समारोह के दौरान मनोरंजन के लिए चार डांसरों को भी बुलाया गया था। जब डांस का कार्यक्रम चल रहा था, उसी दौरान अचानक फायरिंग की आवाज गूंज गई और देखते ही देखते समारोह का माहौल मातम में बदल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुल्हन के ममेरे भाई ने तमंचे से फायरिंग की, जो सीधे वहीं मौजूद रौशन कुमार (17 वर्ष, पिता-राजेश कुमार) और प्रीति कुमारी (10 वर्ष, पिता-जुदागी बिंद) को जा लगी। गोली लगते ही वहां अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में परिजनों ने दोनों घायलों को इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (पीएमसीएच) पहुंचाया। इलाज के दौरान डॉक्टरों ने रौशन कुमार को मृत घोषित कर दिया, जबकि प्रीति कुमारी की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज जारी है। मृतक रौशन कुमार इंटरमीडिएट का छात्र था और अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। बेटे की मौत की खबर सुनते ही पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। बहन शिवानी कुमारी का रो-रोकर बुरा हाल है। शिवानी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उसके भाई को साजिश के तहत घर से बुलाकर ले जाया गया और महज दो मिनट के अंदर ही उसे गोली मार दी गई। उसने प्रशासन से इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद दुल्हन का पूरा परिवार घर छोड़कर फरार हो गया है। पुलिस को मौके पर केवल खून के धब्बे और शादी की उजड़ी सजावट मिली। घटना की सूचना मिलते ही एसडीपीओ संजीव कुमार सहित स्थानीय पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और जांच शुरू की। एसडीपीओ ने बताया कि प्रारंभिक जांच में हर्ष फायरिंग की बात सामने आई है। गोली चलाने वाला व्यक्ति दुल्हन का ममेरा भाई बताया जा रहा है, जिसकी तलाश की जा रही है। फरार परिजनों की भी खोज की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी। यह घटना न केवल एक परिवार के लिए शोक का कारण बनी, बल्कि समाज के लिए भी एक चेतावनी है कि कैसे गैरजिम्मेदाराना हरकतें जिंदगियों को तबाह कर सकती हैं।


