पटना में प्लास्टिक गोदाम में लगी भीषण आग, 12 फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने आग पर पाया काबू
पटना। राजधानी पटना में शनिवार सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब पटना सिटी के बाईपास थाना क्षेत्र अंतर्गत करमाली चेक के पास स्थित एक प्लास्टिक गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कुछ ही मिनटों में पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया। आग लगते ही आसपास के इलाके में धुएं का गुबार फैल गया और लोग भयभीत होकर घरों व दुकानों से बाहर निकल आए। घटना की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की 12 फायर ब्रिगेड की गाड़ियां और एक हाइड्रोलिक वाहन मौके पर पहुंचा तथा करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। घटना की सबसे राहतभरी बात यह रही कि आग लगने के समय गोदाम के भीतर कोई भी कर्मचारी या व्यक्ति मौजूद नहीं था। यदि उस वक्त गोदाम के अंदर लोग होते तो यह हादसा बेहद भयावह रूप ले सकता था।
गोदाम के एक कोने से उठीं लपटें, तेजी से फैल गई आग
प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह गोदाम के एक कोने से अचानक आग की लपटें उठने लगीं। चूंकि गोदाम में प्लास्टिक सामग्री का भंडारण था, इसलिए आग ने तेजी से विकराल रूप ले लिया। कुछ ही देर में आग की तेज लपटों के साथ काला धुआं उठने लगा, जिससे आसपास के इलाके में दहशत का माहौल बन गया। गोदाम कर्मियों और स्थानीय लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना देकर मदद मांगी। आग की सूचना बाईपास थाना को भी दी गई। सूचना मिलते ही बाईपास थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गई। पुलिस ने आसपास की भीड़ को हटाकर सुरक्षा घेरा बनाया, ताकि दमकलकर्मियों को आग बुझाने में परेशानी न हो और किसी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।
12 दमकल गाड़ियां और हाइड्रोलिक वाहन ने बुझाई आग
अग्निशमन विभाग को जैसे ही सूचना मिली, पटना के विभिन्न क्षेत्रों से दमकल की गाड़ियां तुरंत करमाली चेक की ओर रवाना की गईं। घटना स्थल पर लगभग एक दर्जन दमकल गाड़ियां और एक हाइड्रोलिक वाहन पहुंचा। दमकलकर्मियों ने कई दिशाओं से पानी की बौछार कर आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया। फायर ऑफिसर के अनुसार, आग बेहद तेजी से फैल रही थी और प्लास्टिक सामग्री के कारण आग बुझाने में कठिनाई भी हो रही थी। बावजूद इसके दमकलकर्मियों ने सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के जरिए करीब एक घंटे के भीतर आग पर नियंत्रण पा लिया।
शॉर्ट सर्किट की आशंका, फायर सेफ्टी मानकों की अनदेखी का आरोप
फायर ऑफिसर ने प्रारंभिक जांच के आधार पर आशंका जताई है कि गोदाम में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट हो सकती है। हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों का पता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फायर ऑफिसर ने यह भी कहा कि प्लास्टिक गोदाम में फायर सेफ्टी के मानकों का पालन नहीं किया गया था, जो बेहद गंभीर लापरवाही है। उनका कहना है कि गोदाम में फायर सेफ्टी उपकरण, अग्निशमन व्यवस्था और सुरक्षा मानकों की स्थिति बेहद कमजोर थी। ऐसे में गोदाम मालिक से पूछताछ की जाएगी और जिम्मेदारी तय की जाएगी।
नुकसान का आकलन जारी, लिखित आवेदन का इंतजार
अग्निशमन विभाग के अनुसार फिलहाल आग से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। अधिकारी ने कहा कि अभी तक गोदाम मालिक की ओर से कोई लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। आवेदन मिलने के बाद नुकसान की रिपोर्ट और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि गोदाम में बड़ी मात्रा में प्लास्टिक सामग्री रखी गई थी, जिससे आर्थिक नुकसान काफी अधिक होने की संभावना है। आग बुझने के बाद भी गोदाम से काफी देर तक धुआं निकलता रहा।
प्रशासन सतर्क, जांच के आदेश
घटना के बाद प्रशासन और अग्निशमन विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच कर यह देखा जाएगा कि गोदाम में सुरक्षा मानकों की अनदेखी किस हद तक की गई थी। यदि नियमों का उल्लंघन पाया गया तो गोदाम मालिक और प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। इस घटना ने एक बार फिर शहर में फायर सेफ्टी और औद्योगिक/व्यावसायिक गोदामों में सुरक्षा मानकों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अपने प्रतिष्ठानों में अग्निशमन सुरक्षा उपायों को अनिवार्य रूप से लागू करें, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।


