February 20, 2026

पटना के 75 वार्डों में बनेगा आवारा कुत्तों के लिए फीडिंग जोन, नगर निगम ने शुरू की तैयारी, हेल्पलाइन नंबर भी होगा जारी

पटना। राजधानी पटना में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और उससे उत्पन्न हो रही समस्याओं को नियंत्रित करने के लिए पटना नगर निगम ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। नगर निगम द्वारा शहर के सभी 75 वार्डों में आवारा कुत्तों के लिए विशेष आहार स्थल स्थापित करने की योजना बनाई गई है। इस योजना के तहत प्रत्येक वार्ड में एक निर्धारित स्थान चिन्हित किया जा रहा है, जहां आवारा कुत्तों को भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य आवारा कुत्तों की संख्या पर नियंत्रण रखना, बीमारियों के प्रसार को रोकना और शहर में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाना है। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, इस योजना के तहत बनाए जाने वाले इन आहार स्थलों को ‘आवारा श्वानों के लिए आहार स्थल’ नाम दिया जाएगा। वर्तमान में नगर निगम द्वारा सभी 75 वार्डों में उपयुक्त स्थानों की पहचान की जा रही है। स्थान चिन्हित होने के बाद वहां स्थायी रूप से आहार स्थल स्थापित किए जाएंगे। प्रत्येक स्थल के सामने संबंधित स्थान और अंचल का नाम भी स्पष्ट रूप से अंकित किया जाएगा, ताकि लोगों को इसकी जानकारी आसानी से मिल सके। नगर निगम का कहना है कि इस योजना का एक प्रमुख उद्देश्य आवारा कुत्तों की वास्तविक संख्या का पता लगाना है। जब कुत्ते नियमित रूप से एक ही स्थान पर भोजन के लिए आएंगे, तो उनकी पहचान और गणना करना आसान होगा। इससे उनके नसबंदी अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने में मदद मिलेगी। नसबंदी के माध्यम से आवारा कुत्तों की बढ़ती आबादी को नियंत्रित किया जा सकेगा। इसके अलावा, इस योजना से सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता में भी सुधार होने की उम्मीद है। नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में कई लोग आवारा कुत्तों को सड़क किनारे भोजन दे देते हैं, जिससे कुत्तों का लार और बचा हुआ भोजन इधर-उधर फैल जाता है। इससे संक्रमण और बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ जाता है। एक निर्धारित स्थान पर भोजन उपलब्ध कराने से कुत्ते उसी स्थान पर आकर भोजन करेंगे, जिससे सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी फैलने से रोका जा सकेगा। नगर निगम का यह भी मानना है कि इस पहल से लोगों और आवारा कुत्तों के बीच होने वाली टकराव की घटनाओं में कमी आएगी। कई बार आवारा कुत्ते भोजन की तलाश में लोगों के पीछे दौड़ते हैं या उन पर हमला कर देते हैं, जिससे काटने की घटनाएं सामने आती हैं। निर्धारित आहार स्थल होने से कुत्तों को भोजन के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और इस प्रकार की घटनाओं में कमी आएगी। आवारा कुत्तों से संबंधित शिकायतों और सुझावों के समाधान के लिए नगर निगम द्वारा एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है। नागरिक हेल्पलाइन नंबर 0612-2200634 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं या सुझाव दे सकते हैं। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि इस हेल्पलाइन के माध्यम से नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाएगा। गौरतलब है कि इससे पहले नवंबर महीने में पटना नगर निगम ने आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के लिए एक विशेष अभियान चलाया था। इस अभियान के तहत सभी 75 वार्डों में आवारा कुत्तों का एंटी-रेबीज टीकाकरण और नसबंदी कार्यक्रम चलाया गया था। इस अभियान का उद्देश्य कुत्तों के माध्यम से फैलने वाली बीमारियों को रोकना और उनकी आबादी को नियंत्रित करना था। नगर निगम की इस नई योजना को शहर में स्वच्छता और सार्वजनिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इस योजना के सफल क्रियान्वयन से न केवल आवारा कुत्तों की संख्या पर नियंत्रण पाया जा सकेगा, बल्कि शहर में स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में भी कमी आएगी। नगर निगम ने नागरिकों से इस योजना में सहयोग करने की अपील की है, ताकि शहर को स्वच्छ और सुरक्षित बनाया जा सके।

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